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Fatehabad News: अब रतिया, भट्टू और भूना में भी हो सकेगी सिजेरियन डिलीवरी, ऑनकॉल आएंगे विशेषज्ञ डॉक्टर
Sun, 25 Oct 2026 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 25 Oct 2026 11:05 PM IST
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में जच्चा-बच्चा वार्ड संवाद
फतेहाबाद। ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई पहल की है। अब उप नागरिक अस्पताल रतिया, सीएचसी भट्टू और भूना के स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में जरूरत पड़ने पर सिजेरियन डिलीवरी के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं ली जाएंगी।
इसके लिए जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सोसायटी स्त्री रोग विशेषज्ञ, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ और बाल रोग विशेषज्ञों को अनुबंध के आधार पर ऑन कॉल रखेगी। इससे प्रसव के दौरान जटिलता आने पर मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की मजबूरी कम करने में मदद मिलेगी।
जिले के इन स्वास्थ्य केंद्रों में फिलहाल सामान्य प्रसव की सुविधा उपलब्ध है लेकिन सिजेरियन डिलीवरी की जरूरत पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को नागरिक अस्पताल फतेहाबाद या अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ता है। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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विशेषकर आपात स्थिति में समय पर उपचार मिलना महत्वपूर्ण होता है। स्वास्थ्य विभाग की नई व्यवस्था से स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध करवाने की तैयारी है। फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन करीब 8 से 10 डिलीवरी हो रही हैं।
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प्रति केस तय किया मानदेय
विशेषज्ञ डॉक्टरों को उनकी सेवाओं के बदले प्रति केस मानदेय दिया जाएगा। निर्धारित दरों के अनुसार स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ को 5500 रुपये, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ को 4500 रुपये और बाल रोग विशेषज्ञ को 3800 रुपये प्रति केस मिलेंगे। स्त्री रोग विशेषज्ञ प्रसव और सिजेरियन डिलीवरी, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ ऑपरेशन के दौरान बेहोशी संबंधी सेवाएं और बाल रोग विशेषज्ञ नवजात की देखभाल करेंगे।
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विशेषज्ञता के अनुसार जरूरी योग्यता
अनुबंध के लिए डॉक्टरों की शैक्षणिक योग्यता भी निर्धारित की गई है। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के पास एमबीबीएस के साथ संबंधित विषय में पीजी डिग्री या डिप्लोमा होना चाहिए। बाल रोग विशेषज्ञ के लिए बाल रोग में पीजी डिग्री या डिप्लोमा और स्त्री रोग विशेषज्ञ के लिए एमडी, एमएस, डीएनबी या डीजीओ की योग्यता जरूरी है।
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स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं नवजात मृत्यु के जोखिम को कम करने और समय पर उपचार उपलब्ध करवाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
- डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन
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इसके लिए जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सोसायटी स्त्री रोग विशेषज्ञ, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ और बाल रोग विशेषज्ञों को अनुबंध के आधार पर ऑन कॉल रखेगी। इससे प्रसव के दौरान जटिलता आने पर मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की मजबूरी कम करने में मदद मिलेगी।
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जिले के इन स्वास्थ्य केंद्रों में फिलहाल सामान्य प्रसव की सुविधा उपलब्ध है लेकिन सिजेरियन डिलीवरी की जरूरत पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को नागरिक अस्पताल फतेहाबाद या अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ता है। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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विशेषकर आपात स्थिति में समय पर उपचार मिलना महत्वपूर्ण होता है। स्वास्थ्य विभाग की नई व्यवस्था से स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध करवाने की तैयारी है। फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन करीब 8 से 10 डिलीवरी हो रही हैं।
प्रति केस तय किया मानदेय
विशेषज्ञ डॉक्टरों को उनकी सेवाओं के बदले प्रति केस मानदेय दिया जाएगा। निर्धारित दरों के अनुसार स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ को 5500 रुपये, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ को 4500 रुपये और बाल रोग विशेषज्ञ को 3800 रुपये प्रति केस मिलेंगे। स्त्री रोग विशेषज्ञ प्रसव और सिजेरियन डिलीवरी, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ ऑपरेशन के दौरान बेहोशी संबंधी सेवाएं और बाल रोग विशेषज्ञ नवजात की देखभाल करेंगे।
विशेषज्ञता के अनुसार जरूरी योग्यता
अनुबंध के लिए डॉक्टरों की शैक्षणिक योग्यता भी निर्धारित की गई है। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के पास एमबीबीएस के साथ संबंधित विषय में पीजी डिग्री या डिप्लोमा होना चाहिए। बाल रोग विशेषज्ञ के लिए बाल रोग में पीजी डिग्री या डिप्लोमा और स्त्री रोग विशेषज्ञ के लिए एमडी, एमएस, डीएनबी या डीजीओ की योग्यता जरूरी है।
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स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं नवजात मृत्यु के जोखिम को कम करने और समय पर उपचार उपलब्ध करवाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
- डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन