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Fatehabad News: हर गांव में गठित होगी बालिका पंचायत, विकास में भागीदार बनेंगी बेटियां
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फतेहाबाद। ग्रामीण क्षेत्र की बेटियां अब गांव के विकास में अहम भूमिका निभाने वाली हैं। जिला परिषद की ओर से बालिका पंचायत बनाने का प्रस्ताव सामान्य बैठक में पास किया गया है। साल 2025 के आखिरी महीने तक जिले के हर गांव में बालिका पंचायत का गठन होगा।
इस प्रोजेक्ट को महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से भी मंजूरी दे दी गई। इस बालिका पंचायत में 11 से लेकर 21 साल तक की बेटियों को शामिल किया जाएगा। इन बेटियों की पंचायत आईआईएम अहमदाबाद और राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान हैदराबाद की ओर से डिजाइन किए गए प्रोजेक्ट के तहत गठित होगी। यह संस्थान इन बेटियों को समक्ष बनाएंगे। पंचायतों के गठन के लिए बकायदा चुनाव करवाया जाएगा। इस बालिका पंचायत के जरिए बेटियां गांवों के विकास में अपना योगदान दे सकेंगी। वह ग्राम सभाओं में भागीदारी करेंगी और ग्रामीणों के हित में प्रोजेक्ट रखेंगी। संवाद
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अधिकारियों को पायलट प्रोजेक्ट का भी दिया सुझाव
जिला परिषद चेयरपर्सन सुमन खिचड़ की ओर से अधिकारियों को बालिका पंचायत को किसी एक गांव में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने का भी सुझाव दिया गया है। पायलट प्रोजेक्ट के दौरान इसके क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं के बारे में आसानी से जाना जा सकेगा। अगर किसी तरह की दुविधा नहीं रही तो इसे 31 दिसंबर 2025 तक पूरे जिले में लागू कर दिया जाएगा। यह मॉडल गुजरात से लिया गया है। वहां कई पंचायतों में इस तरह बालिका पंचायत का गठन किया गया था।
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इन सामाजिक मुद्दों पर भी काम करेंगी बालिका पंचायत
चेयरपर्सन प्रतिनिधि एडवोकेट सुभाष खिचड़ ने बताया कि गांवों में गठित बालिका पंचायतों में शामिल बेटियां गांव की सामाजिक बुराइयों को दूर करने में भी अपनी महत्ती भूमिका निभाएंगे। वह गांव में बाल विवाह और घरेलू हिंसा रोकने के लिए ग्रामीणों को जागरूक करेंगी। साथ ही ड्रॉप आउट बच्चों को पूरी शिक्षा दिलाने के लिए भी अभिभावकों में जागरूकता बढ़ाएंगी। इन बेटियों को पंचायत विभाग और संबंधित अन्य विभागों की कार्यप्रणाली से भी अवगत करवाया जाएगा।
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:: हमारा लक्ष्य 30 दिसंबर 2025 तक जिले के सभी गांवों में बालिका पंचायत का गठन करना है। इससे बेटियों को गांवों के विकास में अहम भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। महिला सशक्तीकरण का यह सबसे बेहतर उदाहरण बनने वाला है।
-एडवोकेट सुमन खिचड़, चेयरपर्सन, जिला परिषद, फतेहाबाद।
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इस प्रोजेक्ट को महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से भी मंजूरी दे दी गई। इस बालिका पंचायत में 11 से लेकर 21 साल तक की बेटियों को शामिल किया जाएगा। इन बेटियों की पंचायत आईआईएम अहमदाबाद और राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान हैदराबाद की ओर से डिजाइन किए गए प्रोजेक्ट के तहत गठित होगी। यह संस्थान इन बेटियों को समक्ष बनाएंगे। पंचायतों के गठन के लिए बकायदा चुनाव करवाया जाएगा। इस बालिका पंचायत के जरिए बेटियां गांवों के विकास में अपना योगदान दे सकेंगी। वह ग्राम सभाओं में भागीदारी करेंगी और ग्रामीणों के हित में प्रोजेक्ट रखेंगी। संवाद
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अधिकारियों को पायलट प्रोजेक्ट का भी दिया सुझाव
जिला परिषद चेयरपर्सन सुमन खिचड़ की ओर से अधिकारियों को बालिका पंचायत को किसी एक गांव में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने का भी सुझाव दिया गया है। पायलट प्रोजेक्ट के दौरान इसके क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं के बारे में आसानी से जाना जा सकेगा। अगर किसी तरह की दुविधा नहीं रही तो इसे 31 दिसंबर 2025 तक पूरे जिले में लागू कर दिया जाएगा। यह मॉडल गुजरात से लिया गया है। वहां कई पंचायतों में इस तरह बालिका पंचायत का गठन किया गया था।
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इन सामाजिक मुद्दों पर भी काम करेंगी बालिका पंचायत
चेयरपर्सन प्रतिनिधि एडवोकेट सुभाष खिचड़ ने बताया कि गांवों में गठित बालिका पंचायतों में शामिल बेटियां गांव की सामाजिक बुराइयों को दूर करने में भी अपनी महत्ती भूमिका निभाएंगे। वह गांव में बाल विवाह और घरेलू हिंसा रोकने के लिए ग्रामीणों को जागरूक करेंगी। साथ ही ड्रॉप आउट बच्चों को पूरी शिक्षा दिलाने के लिए भी अभिभावकों में जागरूकता बढ़ाएंगी। इन बेटियों को पंचायत विभाग और संबंधित अन्य विभागों की कार्यप्रणाली से भी अवगत करवाया जाएगा।
:: हमारा लक्ष्य 30 दिसंबर 2025 तक जिले के सभी गांवों में बालिका पंचायत का गठन करना है। इससे बेटियों को गांवों के विकास में अहम भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। महिला सशक्तीकरण का यह सबसे बेहतर उदाहरण बनने वाला है।
-एडवोकेट सुमन खिचड़, चेयरपर्सन, जिला परिषद, फतेहाबाद।