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Fatehabad News: सिरसा मेजर नहर में कटाव से 30 एकड़ में हुआ जलभराव
Fri, 12 Jun 2026 10:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 12 Jun 2026 10:43 PM IST
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गांव भोडियाखेड़ा की सिरसा मेजर नहर में लगा कटाव। स्रोत ग्रामीण
फतेहाबाद। गांव भोडिया खेड़ा में शुक्रवार सुबह यहां से गुजरने वाली सिरसा मेजर नहर टूट गई जिससे करीब 30 एकड़ कृषि भूमि में पानी जमा हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि सिंचाई विभाग के रेस्ट हाउस में पानी की आपूर्ति के लिए नहर से पाइपलाइन जोड़ी जा रही थी लेकिन पानी का दबाव अधिक होने से नहर टूटी है।
हालांकि खेतों में फसल की बिजाई नहीं होने के कारण नुकसान की आशंका नहीं है। सूचना मिलने पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने नहर में आई दरार को पाट दिया। सुबह करीब 6 बजे नहर टूटने की सूचना मिलने पर ग्रामीण और किसान मौके पर एकत्रित हो गए। किसानों ने सिंचाई विभाग की लापरवाही बताते हुए कहा कि पानी पाइपलाइन डालने का काम अधूरा था तो नहर में पानी नहीं छोड़ना था।
गनीमत यह रही कि नहर का किनारा खेतों की ओर टूटा है। अगर गांव की तरफ टूटता को नुकसान होने की आशंका अधिक थी। नहर के टूटने से हुए जलभराव के कारण खाली खेतों में पानी भरने से मिट्टी अत्यधिक दलदली हो गई है जिससे अब ट्रैक्टर चलाकर बिजाई का काम समय पर करना मुश्किल होगा।
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पाइपलाइन डालने का काम पूरा होने से पहले छोड़ा पानी
ग्रामीण राजबीर, राजकुमार और विनोद ने बताया कि सिंचाई विभाग के रेस्ट हाउस में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पाइपलाइन डालने का काम किया जा रहा था। इस कार्य के पूरे होने से पहले ही फतेहाबाद की मैन ब्रांच नहर बंदी के दौरान भी सिरसा मेजर नहर में पानी छोड़ दिया गया। इससे नहर पानी के दबाव को सहन नहीं कर सकी और भोडिया खेड़ा के पास इसका किनारा कमजोर होकर टूट गया।
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:: मुख्य नहर में पानी का स्तर ज्यादा होने के कारण बंद पड़े सभी माइनरों और नहरों में रात को पानी छोड़ा गया था। अगर छोटी नहर में पानी नहीं छोड़ा जाता तो मुख्य नहर के टूटने की संभावना बढ़ जाती। ऐसे में नुकसान को कम करने के लिए सिरसा मेजर नहर में समय से पहले पानी छोड़ा गया है।
- नरेश कुमार भोला, कार्यकारी अभिंयता, सिंचाई एवं जलसंसाधन विभाग, फतेहाबाद।
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हालांकि खेतों में फसल की बिजाई नहीं होने के कारण नुकसान की आशंका नहीं है। सूचना मिलने पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने नहर में आई दरार को पाट दिया। सुबह करीब 6 बजे नहर टूटने की सूचना मिलने पर ग्रामीण और किसान मौके पर एकत्रित हो गए। किसानों ने सिंचाई विभाग की लापरवाही बताते हुए कहा कि पानी पाइपलाइन डालने का काम अधूरा था तो नहर में पानी नहीं छोड़ना था।
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गनीमत यह रही कि नहर का किनारा खेतों की ओर टूटा है। अगर गांव की तरफ टूटता को नुकसान होने की आशंका अधिक थी। नहर के टूटने से हुए जलभराव के कारण खाली खेतों में पानी भरने से मिट्टी अत्यधिक दलदली हो गई है जिससे अब ट्रैक्टर चलाकर बिजाई का काम समय पर करना मुश्किल होगा।
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पाइपलाइन डालने का काम पूरा होने से पहले छोड़ा पानी
ग्रामीण राजबीर, राजकुमार और विनोद ने बताया कि सिंचाई विभाग के रेस्ट हाउस में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पाइपलाइन डालने का काम किया जा रहा था। इस कार्य के पूरे होने से पहले ही फतेहाबाद की मैन ब्रांच नहर बंदी के दौरान भी सिरसा मेजर नहर में पानी छोड़ दिया गया। इससे नहर पानी के दबाव को सहन नहीं कर सकी और भोडिया खेड़ा के पास इसका किनारा कमजोर होकर टूट गया।
:: मुख्य नहर में पानी का स्तर ज्यादा होने के कारण बंद पड़े सभी माइनरों और नहरों में रात को पानी छोड़ा गया था। अगर छोटी नहर में पानी नहीं छोड़ा जाता तो मुख्य नहर के टूटने की संभावना बढ़ जाती। ऐसे में नुकसान को कम करने के लिए सिरसा मेजर नहर में समय से पहले पानी छोड़ा गया है।
- नरेश कुमार भोला, कार्यकारी अभिंयता, सिंचाई एवं जलसंसाधन विभाग, फतेहाबाद।