फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Bike street driver, full challan, yet half the goods will be available

बाइक रेहड़ी चालक, पूरा भरा चालान, फिर भी आधा मिलेगा सामान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 01 Feb 2022 11:45 PM IST
विज्ञापन
Bike street driver, full challan, yet half the goods will be available
विभाग द्वारा इंपाउंड की गई अजय की बाइक रेहड़ी। - फोटो : Fatehabad
टोहाना। जुगाड़ से बनवाई गई मोटरसाइकिल रेहड़ी से अपना गुजारा करने वाले मजदूर पर प्रशासन की दोहरी मार पड़ी है। कानूनी पेंच में रेहड़ी चालक ऐसा फंसा है कि पूरा चालान भरने के बाद भी उसे आधा ही सामान मिलेगा। दरअसल, टोहाना में 20 दिसंबर को आरटीए प्रशासन द्वारा पहले तो रेहड़ी चालक अजय का एक हजार रुपये का चालान काटा, उसके बाद उसकी रेहड़ी जब्त कर दी गई।
विज्ञापन

इतना ही नहीं उसके बाद आरटीए प्रशासन ने स्पष्ट लिखा कि रेहड़ी चालक को सिर्फ रेहड़ी का अगला हिस्सा यानी मोटरसाइकिल का इंजन व एक टायर ही दिया जाए। रेहड़ी चालक अजय ने जैसे तैसे करके आरटीए अधिकारी द्वारा काटा गया एक हजार रुपये का चालान तो भर दिया। चालान भरने के बाद जब वह अपनी मोटरसाइकिल रेहड़ी का अगला हिस्सा लेने टोहाना बस स्टैंड पर गया तो बस अड्डा इंचार्ज ने मजदूर से इस रेहड़ी को अपनी जगह पर खड़ा करने की एवज में प्रतिदिन 220 रुपये के हिसाब से किराया मांगा। बस अड्डा इंचार्ज ने कहा कि 220 प्रतिदिन के हिसाब से 11 दिन का किराया 2860 रुपये बनता है, उसे चुकाकर ही वह अपने मोटरसाइकिल का अगला हिस्सा ले जा सकता है। हताश मजदूर अजय ने यह किराया माफ करवाने के लिए आरटीए सचिव शालिनी चेतल से गुहार लगाई। सचिव शालिनी चेतल ने अजय से कोई किराया नहीं लेने की बात कही। मगर नियमों का हवाला देकर रोडवेज अधिकारी मजदूर से 11 दिनों का किराया 2860 रुपये लेने पर अड़े हुए हैं।
विज्ञापन

कोट
नियमों के हिसाब से बस अड्डे की जगह पर कोई भी चार पहिया वाहन खड़ा करने पर प्रतिदिन के हिसाब से 220 रुपये किराया लिया जाता है। हम मजदूर से इसी हिसाब से किराया मांग रहे हैं। हालांकि, दोपहिया वाहन का कोई किराया नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुरेश कुमार दहिया, बस अड्डा इंचार्ज, टोहाना।
कोट
यदि मजदूर को कुछ छूट चाहिए तो उसे फतेहाबाद आकर हमारे को लिखित में प्रार्थना पत्र देना होगा, तभी इस बारे में विचार किया जाएगा कि मजदूर को किराए में कितनी छूट देनी है।

शेर सिंह, महाप्रबंधक, फतेहाबाद।
कोट
मैंने अधिकारियों को बोल दिया है कि इस मजदूर से बस अड्डे के किराये का एक रुपया भी नहीं लेना है। बस स्टैंड पर जाकर वह अपने मोटरसाइकिल का आधा हिस्सा बिना किराया दिए ले जा सकता है।
शालिनी चेतल, सचिव आरटीए, फतेहाबाद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed