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बाइक रेहड़ी चालक, पूरा भरा चालान, फिर भी आधा मिलेगा सामान
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विभाग द्वारा इंपाउंड की गई अजय की बाइक रेहड़ी।
- फोटो : Fatehabad
टोहाना। जुगाड़ से बनवाई गई मोटरसाइकिल रेहड़ी से अपना गुजारा करने वाले मजदूर पर प्रशासन की दोहरी मार पड़ी है। कानूनी पेंच में रेहड़ी चालक ऐसा फंसा है कि पूरा चालान भरने के बाद भी उसे आधा ही सामान मिलेगा। दरअसल, टोहाना में 20 दिसंबर को आरटीए प्रशासन द्वारा पहले तो रेहड़ी चालक अजय का एक हजार रुपये का चालान काटा, उसके बाद उसकी रेहड़ी जब्त कर दी गई।
इतना ही नहीं उसके बाद आरटीए प्रशासन ने स्पष्ट लिखा कि रेहड़ी चालक को सिर्फ रेहड़ी का अगला हिस्सा यानी मोटरसाइकिल का इंजन व एक टायर ही दिया जाए। रेहड़ी चालक अजय ने जैसे तैसे करके आरटीए अधिकारी द्वारा काटा गया एक हजार रुपये का चालान तो भर दिया। चालान भरने के बाद जब वह अपनी मोटरसाइकिल रेहड़ी का अगला हिस्सा लेने टोहाना बस स्टैंड पर गया तो बस अड्डा इंचार्ज ने मजदूर से इस रेहड़ी को अपनी जगह पर खड़ा करने की एवज में प्रतिदिन 220 रुपये के हिसाब से किराया मांगा। बस अड्डा इंचार्ज ने कहा कि 220 प्रतिदिन के हिसाब से 11 दिन का किराया 2860 रुपये बनता है, उसे चुकाकर ही वह अपने मोटरसाइकिल का अगला हिस्सा ले जा सकता है। हताश मजदूर अजय ने यह किराया माफ करवाने के लिए आरटीए सचिव शालिनी चेतल से गुहार लगाई। सचिव शालिनी चेतल ने अजय से कोई किराया नहीं लेने की बात कही। मगर नियमों का हवाला देकर रोडवेज अधिकारी मजदूर से 11 दिनों का किराया 2860 रुपये लेने पर अड़े हुए हैं।
कोट
नियमों के हिसाब से बस अड्डे की जगह पर कोई भी चार पहिया वाहन खड़ा करने पर प्रतिदिन के हिसाब से 220 रुपये किराया लिया जाता है। हम मजदूर से इसी हिसाब से किराया मांग रहे हैं। हालांकि, दोपहिया वाहन का कोई किराया नहीं है।
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सुरेश कुमार दहिया, बस अड्डा इंचार्ज, टोहाना।
कोट
यदि मजदूर को कुछ छूट चाहिए तो उसे फतेहाबाद आकर हमारे को लिखित में प्रार्थना पत्र देना होगा, तभी इस बारे में विचार किया जाएगा कि मजदूर को किराए में कितनी छूट देनी है।
शेर सिंह, महाप्रबंधक, फतेहाबाद।
कोट
मैंने अधिकारियों को बोल दिया है कि इस मजदूर से बस अड्डे के किराये का एक रुपया भी नहीं लेना है। बस स्टैंड पर जाकर वह अपने मोटरसाइकिल का आधा हिस्सा बिना किराया दिए ले जा सकता है।
शालिनी चेतल, सचिव आरटीए, फतेहाबाद।
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इतना ही नहीं उसके बाद आरटीए प्रशासन ने स्पष्ट लिखा कि रेहड़ी चालक को सिर्फ रेहड़ी का अगला हिस्सा यानी मोटरसाइकिल का इंजन व एक टायर ही दिया जाए। रेहड़ी चालक अजय ने जैसे तैसे करके आरटीए अधिकारी द्वारा काटा गया एक हजार रुपये का चालान तो भर दिया। चालान भरने के बाद जब वह अपनी मोटरसाइकिल रेहड़ी का अगला हिस्सा लेने टोहाना बस स्टैंड पर गया तो बस अड्डा इंचार्ज ने मजदूर से इस रेहड़ी को अपनी जगह पर खड़ा करने की एवज में प्रतिदिन 220 रुपये के हिसाब से किराया मांगा। बस अड्डा इंचार्ज ने कहा कि 220 प्रतिदिन के हिसाब से 11 दिन का किराया 2860 रुपये बनता है, उसे चुकाकर ही वह अपने मोटरसाइकिल का अगला हिस्सा ले जा सकता है। हताश मजदूर अजय ने यह किराया माफ करवाने के लिए आरटीए सचिव शालिनी चेतल से गुहार लगाई। सचिव शालिनी चेतल ने अजय से कोई किराया नहीं लेने की बात कही। मगर नियमों का हवाला देकर रोडवेज अधिकारी मजदूर से 11 दिनों का किराया 2860 रुपये लेने पर अड़े हुए हैं।
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कोट
नियमों के हिसाब से बस अड्डे की जगह पर कोई भी चार पहिया वाहन खड़ा करने पर प्रतिदिन के हिसाब से 220 रुपये किराया लिया जाता है। हम मजदूर से इसी हिसाब से किराया मांग रहे हैं। हालांकि, दोपहिया वाहन का कोई किराया नहीं है।
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सुरेश कुमार दहिया, बस अड्डा इंचार्ज, टोहाना।
कोट
यदि मजदूर को कुछ छूट चाहिए तो उसे फतेहाबाद आकर हमारे को लिखित में प्रार्थना पत्र देना होगा, तभी इस बारे में विचार किया जाएगा कि मजदूर को किराए में कितनी छूट देनी है।
शेर सिंह, महाप्रबंधक, फतेहाबाद।
कोट
मैंने अधिकारियों को बोल दिया है कि इस मजदूर से बस अड्डे के किराये का एक रुपया भी नहीं लेना है। बस स्टैंड पर जाकर वह अपने मोटरसाइकिल का आधा हिस्सा बिना किराया दिए ले जा सकता है।
शालिनी चेतल, सचिव आरटीए, फतेहाबाद।