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कॉलेज के साथ सीएमओ कार्यालय में लगाई हाजिरी
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सिविल सर्जन कार्यालय में एसए के पद पर तैनात कर्मचारी नितिन कुमार एसडीएम की जांच में दोषी पाया गया है। डीएड नियमित कोर्स के साथ-साथ सिविल सर्जन कार्यालय में एसए के पद पर वेतन प्राप्त किया। एसडीएम संजय ने अपनी जांच रिपोर्ट उपायुक्त डॉ.नरहरि सिंह बांगड़ को भेज दी है।
मामले के मुताबिक एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा कि गांव बीसला निवासी राजकुमार ने डीसी कार्यालय को 13 फरवरी 2020 को शिकायत दी थी। मामले की जांच शुरू की गई तो डाईट डिंग सिरसा के प्राचार्य, शिकायतकर्ता और आरोपी के बयान दर्ज किए गए। जांच में पाया गया कि शिकायतकर्ता की इस बात में बल प्रतीत होता है कि नितिन कुमार ने डीएड सत्र 2017-19 में जेबीटी कोर्स में दाखिला लिया हुआ था तथा नियमित रूप से हाजिरी लगी हुई है और सिविल सर्जन कार्यालय से मिले रिकार्ड के अनुसार एसए के पद पर नियुक्त रह कर नियमित हाजिरी लगी हुई मिली। आज तक इस पद पर नियुक्त रहकर वेतन लिया जा रहा है जबकि स्वयं नितिन कुमार ने डाइट डिंग में डीएड में दाखिला लेते हुए शपथ पत्र दिया था कि वह कोर्स के समय किसी प्रकार की नौकरी नहीं करूंगा। शिकायतकर्ता द्वारा लगाए आरोप सिद्ध पाए गए है। नितिन कुमार ने तथ्यों को छिपाकर डीएड नियमित कोर्स में दाखिला लेते हुए सिविल सर्जन कार्यालय में इसी दौरान एसए के पद पर वेतन प्राप्त करके लाभ लिया है इसके लिए वह पूरी तरह से दोषी है।
जांच में ये दर्ज करवाए बयान : एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि प्राचार्य डिंग ने पेश होकर रिकार्ड प्रस्तुत किया। नितिन कुमार द्वारा डाइट डिंग में सत्र 2017-19 डीएड दाखिला संख्या 2613 के तहत 18 जुलाई 2017 को प्रथम वर्ष में दाखिला लिया था। सिविल सर्जन ने अपने ब्यान में कहा कि नितिन कुमार एसए के पद पर 7 अगस्त 2018 को एनएचएम के तहत एसए के पद तैनात हुआ था। इससे पहले नागरिक अस्पताल में अनुबंध पर कम्प्यूटर आपरेटर पद पर कार्यरत था। 11 अक्तूबर 2018 को कार्यालय द्वारा कर्मचारी की ड्यूटी दोपहर एक बजे से शाम सात बजे तक लगाई गई थी। इसके बाद 11 मार्च 2019 से कर्मचारी की ड्यूटी सुबह 9 बजे से 5 बजे तक कर दी गई। एसए नितिन कुमार ने अपने बयान में कहा कि जुलाई 2017 में जिला शिक्षण संस्थान डिंग सिरसा में जेबीटी कोर्स में प्रवेश लिया था। वहां पर शिक्षक मेरी उम्र के थे और ऐसे में बच्चों के बीच बैठना मुश्किल था। शिक्षकों ने सहानुभूति दिखाते हुए सहयोग किया। 27 अप्रैल 2018 को सिविल सर्जन कार्यालय में एसए पद के लिए आवेदन किया था लेकिन चयन नहीं किया गया। मानसिक परेशानी के चलते परीक्षा नहीं दी। 8 अगस्त 2018 को एसए के पद पर चयन हो गया। मानसिक तनाव के चलते कॉलेज को सूचना नहीं दी इसके चलते कॉलेज से नाम काट दिया गया। कॉलेज से न तो कोई डिग्री ली गई और न ही डिग्री से संबंधित कोई लाभ लिया गया।
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ये था मामला : मामले के मुताबिक 13 फरवरी 2020 को राजकुमार ने डीसी को शिकायत देकर आरोप लगाए थे कि सिविल सर्जन कार्यालय में तैनात एसए नितिन ने नौकरी करते हुए कॉलेज में भी हाजिरी लगाई है। सीएमओ को शिकायत दी गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामले में सिविल सर्जन भी मिला हुआ है।
मैंने जब दाखिला लिया था, उस समय मैं नौकरी में नहीं था। मैंने कोई परीक्षा नहीं दी। नौकरी लगने के बाद मैं कभी नहीं गया। इसके अलावा मैंने कोई लाभ भी प्राप्त नहीं किया है और न ही भविष्य में लाभ प्राप्त होगा। - नितिन कुमार, एसए, सिविल सर्जन कार्यालय।
डीसी को जांच रिपोर्ट भेज दी गई है। ऑफिशियल जांच रिपोर्ट है, इसे सार्वजनिक नहीं कर सकते हैं। - संजय बिश्रोई, एसडीएम ।
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मामले के मुताबिक एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा कि गांव बीसला निवासी राजकुमार ने डीसी कार्यालय को 13 फरवरी 2020 को शिकायत दी थी। मामले की जांच शुरू की गई तो डाईट डिंग सिरसा के प्राचार्य, शिकायतकर्ता और आरोपी के बयान दर्ज किए गए। जांच में पाया गया कि शिकायतकर्ता की इस बात में बल प्रतीत होता है कि नितिन कुमार ने डीएड सत्र 2017-19 में जेबीटी कोर्स में दाखिला लिया हुआ था तथा नियमित रूप से हाजिरी लगी हुई है और सिविल सर्जन कार्यालय से मिले रिकार्ड के अनुसार एसए के पद पर नियुक्त रह कर नियमित हाजिरी लगी हुई मिली। आज तक इस पद पर नियुक्त रहकर वेतन लिया जा रहा है जबकि स्वयं नितिन कुमार ने डाइट डिंग में डीएड में दाखिला लेते हुए शपथ पत्र दिया था कि वह कोर्स के समय किसी प्रकार की नौकरी नहीं करूंगा। शिकायतकर्ता द्वारा लगाए आरोप सिद्ध पाए गए है। नितिन कुमार ने तथ्यों को छिपाकर डीएड नियमित कोर्स में दाखिला लेते हुए सिविल सर्जन कार्यालय में इसी दौरान एसए के पद पर वेतन प्राप्त करके लाभ लिया है इसके लिए वह पूरी तरह से दोषी है।
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जांच में ये दर्ज करवाए बयान : एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि प्राचार्य डिंग ने पेश होकर रिकार्ड प्रस्तुत किया। नितिन कुमार द्वारा डाइट डिंग में सत्र 2017-19 डीएड दाखिला संख्या 2613 के तहत 18 जुलाई 2017 को प्रथम वर्ष में दाखिला लिया था। सिविल सर्जन ने अपने ब्यान में कहा कि नितिन कुमार एसए के पद पर 7 अगस्त 2018 को एनएचएम के तहत एसए के पद तैनात हुआ था। इससे पहले नागरिक अस्पताल में अनुबंध पर कम्प्यूटर आपरेटर पद पर कार्यरत था। 11 अक्तूबर 2018 को कार्यालय द्वारा कर्मचारी की ड्यूटी दोपहर एक बजे से शाम सात बजे तक लगाई गई थी। इसके बाद 11 मार्च 2019 से कर्मचारी की ड्यूटी सुबह 9 बजे से 5 बजे तक कर दी गई। एसए नितिन कुमार ने अपने बयान में कहा कि जुलाई 2017 में जिला शिक्षण संस्थान डिंग सिरसा में जेबीटी कोर्स में प्रवेश लिया था। वहां पर शिक्षक मेरी उम्र के थे और ऐसे में बच्चों के बीच बैठना मुश्किल था। शिक्षकों ने सहानुभूति दिखाते हुए सहयोग किया। 27 अप्रैल 2018 को सिविल सर्जन कार्यालय में एसए पद के लिए आवेदन किया था लेकिन चयन नहीं किया गया। मानसिक परेशानी के चलते परीक्षा नहीं दी। 8 अगस्त 2018 को एसए के पद पर चयन हो गया। मानसिक तनाव के चलते कॉलेज को सूचना नहीं दी इसके चलते कॉलेज से नाम काट दिया गया। कॉलेज से न तो कोई डिग्री ली गई और न ही डिग्री से संबंधित कोई लाभ लिया गया।
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ये था मामला : मामले के मुताबिक 13 फरवरी 2020 को राजकुमार ने डीसी को शिकायत देकर आरोप लगाए थे कि सिविल सर्जन कार्यालय में तैनात एसए नितिन ने नौकरी करते हुए कॉलेज में भी हाजिरी लगाई है। सीएमओ को शिकायत दी गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामले में सिविल सर्जन भी मिला हुआ है।
मैंने जब दाखिला लिया था, उस समय मैं नौकरी में नहीं था। मैंने कोई परीक्षा नहीं दी। नौकरी लगने के बाद मैं कभी नहीं गया। इसके अलावा मैंने कोई लाभ भी प्राप्त नहीं किया है और न ही भविष्य में लाभ प्राप्त होगा। - नितिन कुमार, एसए, सिविल सर्जन कार्यालय।
डीसी को जांच रिपोर्ट भेज दी गई है। ऑफिशियल जांच रिपोर्ट है, इसे सार्वजनिक नहीं कर सकते हैं। - संजय बिश्रोई, एसडीएम ।