फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Arjun Avordi hockey player Rajpal Singh said the development of sports

अर्जुन अवॉर्डी हॉकी खिलाड़ी राजपाल सिंह ने खेलों के विकास के लिए कहा

Sun, 06 Jul 2014 11:37 PM IST
fatehabad
fatehabad Updated Sun, 06 Jul 2014 11:37 PM IST
विज्ञापन

 अर्जुन अवॉर्डी और हॉकी इंडिया के पूर्व कप्तान राजपाल सिंह रविवार को देश की खेल नीति पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि खेलाें में हररोज नई तकनीक आ रही है, जिसे हासिल करने के लिए बजट की जरूरत होती है। खेलों को संवारने के लिए सरकार के पास जरूरत के मुताबिक पैसा नहीं हैं और जो भी पैसा फेडरेशन को मिल रहा है, उसे कैसे प्रयोग किया जाए, इसकी कोई प्लानिंग नहीं होती।

विज्ञापन


यही कारण है कि खेलाें में हम पिछड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिर भी हरियाणा और पंजाब की स्थिति देश के अन्य राज्यों से बेहतर है। वे रविवार को फतेहाबाद के हुडा सेक्टर तीन में अपने मामा कामरेड हरनाम सिंह के घर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। वे यहां रविवार को बठिंडा जाते समय कुछ समय के लिए रुके थे। उनके साथ उनकी पत्नी अर्जुन अवॉर्डी इंटरनेशनल शूटर और पंजाब पुलिस में बतौर डीएसपी तैनात अवनीत सिद्धू भी थी।
विज्ञापन

 
हॉकी के पिछड़ेपन पर हो विचार
देश में हॉकी के पिछड़ेपन पर चिंता जाहिर करते हुए राजपाल सिंह ने कहा कि पिछले पांच वर्ल्ड कप में भारतीय टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई। उसे आठवें से लेकर 11वां स्थान तक मिला है। उन्होंने कहा कि देश में हॉकी के खिलाड़ियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, कमी है तो हमारे सिस्टम की। हॉकी में इतना पिछड़ापन क्यों आ रहा है, इस पर गहन विचार होना चाहिए और खिलाड़ियों की फिटनेस और उनको तकनीकी ज्ञान अधिक दिया जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


हरियाणा में और बनें हॉकी स्टेडियम
राजपाल सिंह ने कहा कि हरियाणा में हॉकी स्टेडियम काफी कम हैं। हालांकि हॉकी इंडियन टीम में हरियाणा व पंजाब के खिलाड़ी अधिक खेलते हैं, इसलिए हरियाणा सरकार हॉकी के लिए स्टेडियम तैयार करे। कम से कम 10 स्टेडियम हरियाणा में होने चाहिए। उन्होंने बताया कि पंजाब में 12 से 15 अच्छे स्तर के हॉकी स्टेडियम हैं।

 उन्होंने कहा कि सीनियर खिलाड़ियों का अनुभव युवा उभरते खिलाड़ियाें को मिलना चाहिए। उनकी एक बार खेल मंत्री अजय माकन से बात भी हुई थी, जिसमें मैंने कहा था कि खिलाड़ियों की खेल में उम्र काफी कम होती है, इसलिए जो खिलाड़ी रिटायर हो जाते हैं, उनके अनुभव के लिए उनको सप्ताह में दो या तीन दिन कोचिंग देने के लिए कहा जाए। उन्होंने कहा कि हरियाणा-पंजाब की खेल नीति का हर राज्य को अनुसरण करना चाहिए।
 
जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप से की थी शुरुआत
पूर्व हॉकी कप्तान राजपाल सिंह 2001 में जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप में खेले थे और टीम ने यह वर्ल्ड कप जीता था। उस समय राजपाल सिंह प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे। 2004 में वह नेशनल टीम में बतौर स्ट्राइकर चुने गए और 2009 से 11 तक वह हॉकी इंडिया के कप्तान रहे हैं। उनकी कप्तानी में इंडिया ने आस्ट्रेलिया व पाकिस्तान को कई बड़े टूर्नामेंटों में मात दी। राजपाल सिंह इंटरनेशनल हॉकी में 50 से अधिक गोल कर चुके हैं। वर्ष 2011 में उनको अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया।


स्कूली लेवल पर खिलाड़ियों को मिले मौके : सिद्धू
फतेहाबाद। अर्जुन अवॉर्डी इंटरनेशनल शूटर एवं पंजाब सरकार में डीएसपी ओलंपियन अवनीत कौर सिद्धू ने कहा कि स्कूली लेवल पर स्पोर्ट्स कल्चर न होने के कारण देश में खिलाड़ियों को उभरने का मौका नहीं मिल रहा। 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में भाग लेने वाली अवनीत कौर सिद्धू ने वर्ष 2006 के कॉमनवेल्थ गेम्स में देश को एक गोल्ड व एक सिल्वर मेडल दिलवाया था।


 2008 में उन्होंने बीजिंग ओलंपिक में भाग लिया और उनको इसी साल अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया। उन्होंने कहा कि आस्ट्रेलिया के सभी स्कूलों में बच्चाें को दो इनडोर व एक आउट डोर गेम खेलना अनिवार्य है। यही कारण है कि वहां पर खिलाड़ियाें की कमी नहीं। उन्होंने कहा कि देश में शूटिंग के कोच काफी कम हैं, ऐसे में सीनियर खिलाड़ी अच्छी भूमिका निभा सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed