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Fatehabad News: शहर से बंदर पकड़ने की मिली मंजूरी, फिरोजपुर झिरका के जंगल में होगा छोड़ना
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फतेहाबाद। शहर में बंदरों को पकड़ने की वन जीव विभाग ने आखिरकार नगर परिषद को मंजूरी दे दी है। नगर परिषद अपने खर्चे पर बंदर पकड़ेगा और इन्हें फिरोजपुर झिरका जंगल में छोड़ना होगा। नगर परिषद में बुुधवार को लोगों के हंगामे के अगले दिन ही वन जीव विभाग हरियाणा ने मंजूरी दे दी है। नगर परिषद अधिकारी शुक्रवार से टेंडर को लेकर प्रक्रिया शुरू करेंगे।
हालांकि बंदरों को पकडऩे को लेकर विभाग ने शर्तें भी लगाई है, इन शर्तों के आधार पर ही बंदरों को पकड़ा जाएगा और फिर जंगल में छोड़ना होगा। कितने बंदर पकड़े गए और कहां छोड़े गए इसकी रिपोर्ट देनी होगी। ये ही नहीं यहां से बंदरों को पकड़वाकर वन जीव निरीक्षक की निगरानी में फिरोजपुर झिरका के जंगल में छोड़ना होगा।
बंदर पकड़ते समय इन शर्तों का करना होगा पालन
- बंदरों को पकड़ने का कार्य शुरू करते समय वन्य जीव निरीक्षक को सूचित करना होगा।
- पकड़े गए बंदरों को छोड़ने से पूर्व उनका स्वास्थ्य निरीक्षण क्षेत्र संबंधित सरकारी पशु चिकित्सक से करवाकर कर प्रमाण पत्र की प्रति विभाग को देनी होगी।
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- ये भी बताना होगा कि नर व मादा बंदर कितने पकड़े गए हैं।
- कुल कितने बंदर पकड़े गए व कितने छोड़े गए इनकी गणना अंकित करनी होगी।
- बंदरों को छोड़ते समय के कार्य की वीडियोग्राफी की जाए और उस क्षेत्र की जीपीएस लोकेशन भी दर्ज की जाए।
300 बंदर पकड़ने की नगर परिषद ने मांगी थी अनुमति
नगर परिषद हाउस की बैठक में पार्षदों ने दो बार मुद्दा उठाया था लेकिन अधिकारियों ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। अब हाउस बैठक से पहले नगर परिषद ने वन्य जीव प्राणी विभाग से 300 बंदर पकड़ने की अनुमति मांगी। लेकिन फाइल अटकी रही। शहर के मॉडल टाउन, जगजीवनपुरा, बीमा कॉलोनी, सूर्या इंकलेव, चार मरला कॉलोनी में बंदरों का आतंक बढ़ने के चलते बुधवार को लोगों ने नगर परिषद कार्यालय में हंगामा किया था।
कोट
बंदरों को पकड़ने के लिए वन्य जीव प्राणी विभाग से अनुमति मांगी गई थी। वीरवार को अनुमति मिल गई है और जल्द ही इन्हें पकड़ने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
-ऋषिकेश चौधरी, ईओ नगर परिषद
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हालांकि बंदरों को पकडऩे को लेकर विभाग ने शर्तें भी लगाई है, इन शर्तों के आधार पर ही बंदरों को पकड़ा जाएगा और फिर जंगल में छोड़ना होगा। कितने बंदर पकड़े गए और कहां छोड़े गए इसकी रिपोर्ट देनी होगी। ये ही नहीं यहां से बंदरों को पकड़वाकर वन जीव निरीक्षक की निगरानी में फिरोजपुर झिरका के जंगल में छोड़ना होगा।
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बंदर पकड़ते समय इन शर्तों का करना होगा पालन
- बंदरों को पकड़ने का कार्य शुरू करते समय वन्य जीव निरीक्षक को सूचित करना होगा।
- पकड़े गए बंदरों को छोड़ने से पूर्व उनका स्वास्थ्य निरीक्षण क्षेत्र संबंधित सरकारी पशु चिकित्सक से करवाकर कर प्रमाण पत्र की प्रति विभाग को देनी होगी।
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- ये भी बताना होगा कि नर व मादा बंदर कितने पकड़े गए हैं।
- कुल कितने बंदर पकड़े गए व कितने छोड़े गए इनकी गणना अंकित करनी होगी।
- बंदरों को छोड़ते समय के कार्य की वीडियोग्राफी की जाए और उस क्षेत्र की जीपीएस लोकेशन भी दर्ज की जाए।
300 बंदर पकड़ने की नगर परिषद ने मांगी थी अनुमति
नगर परिषद हाउस की बैठक में पार्षदों ने दो बार मुद्दा उठाया था लेकिन अधिकारियों ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। अब हाउस बैठक से पहले नगर परिषद ने वन्य जीव प्राणी विभाग से 300 बंदर पकड़ने की अनुमति मांगी। लेकिन फाइल अटकी रही। शहर के मॉडल टाउन, जगजीवनपुरा, बीमा कॉलोनी, सूर्या इंकलेव, चार मरला कॉलोनी में बंदरों का आतंक बढ़ने के चलते बुधवार को लोगों ने नगर परिषद कार्यालय में हंगामा किया था।
कोट
बंदरों को पकड़ने के लिए वन्य जीव प्राणी विभाग से अनुमति मांगी गई थी। वीरवार को अनुमति मिल गई है और जल्द ही इन्हें पकड़ने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
-ऋषिकेश चौधरी, ईओ नगर परिषद