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पिकनिक मनाने भी जाना पड़ रहा अग्रोहा और हिसार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jun 2022 11:12 PM IST
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Agroha and Hisar have to go for picnic too
गांव काजलहेड़ी के तालाब में धूप सेंकता कछुआ। - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। शनिवार को जहां लोग वर्ल्ड पिकनिक डे मना रहे होंगे, वहीं फतेहाबाद के हाथ किसी भी पर्यटन क्षेत्र के लिए खाली ही रहे हैं। यह बात अलग है कि फतेहाबाद में कई स्थान ऐसे हैं, जिनको पर्यटन स्थल में बदला जा सकता है, लेकिन आज तक किसी प्रशासनिक अधिकारी या सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। यही कारण है कि फतेहाबाद के लोगों को सैर सपाटे या पिकनिक मनाने के लिए फतेहाबाद से बाहर अग्रोहा धाम या हिसार में बने पिकनिक स्पॉट्स पर जाना पड़ता है।
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फतेहाबाद में पर्यटन स्थल बनाने की शहर के लोगों की मांग काफी पुरानी है, लेकिन मनोरंजन के लिए उनको आज तक जिले में कोई भी पर्यटन स्थल नहीं मिला है। हालांकि जिला ऐतिहासिक स्थलों व वन्य प्राणियों से भरा हुआ है जिनको पर्यटन स्थल में बदला जा सकता है, लेकिन स्थलों को पर्यटन क्षेत्र बनाने की दिशा में कोई काम नहीं हुआ है। फतेहाबाद शहर के साथ ही सटे गांव धांगड़, बड़ोपल व काजलहेड़ी का क्षेत्र दुर्लभ काले हिरणों के लिए प्रसिद्ध हैं। यहां पर काले हिरण व नीलगाय की भरमार है। गांव के लोग इन वन्य प्राणियों की देखभाल करते हैं और इनको शिकार से बचाते हैं। यही नहीं काजलहेड़ी के तालाब में दुर्लभ प्रजाति के कछुए हैं, जिनकी ग्रामीण विशेष रुप से देेखभाल करते हैं। बच्चों व युवाओं के लिए यह जगह मनोरंजन के लिए काफी अच्छी हैं और बच्चों को इससे वन्य प्राणियों के बारे में अच्छी जानकारी भी मिल सकती है। इसके अलावा पौराणिक रुप से भी फतेहाबाद कम नहीं है। फतेहाबाद के बनावाली, भिरडाना व कुनाल में हाकड़ा व हड़प्पा सभ्यता के अवशेष मिल चुके हैं। अगर यहां पर कोई म्यूजियम खोला जाए, तो पर्यटन के रूप में यह क्षेत्र भी विकसित हो सकते हैं।
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15 साल से चिल्ली झील को पर्यटन स्थल बनाने की चल रही कवायद
फतेहाबाद की ऐतिहासिक चिल्ली झील को पर्यटन स्थल बनाने की बात पिछले 15 सालों से चल रही है। इसको पर्यटन स्थल में विकसित करने के लिए ग्रांट भी आ चुकी हैं, लेकिन फिर भी अभी तक चिल्ली झील पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित नहीं हो पाई है। शहरवासी सुरेश कामरा, शिप्पी मदान, सोमबीर आदि ने बताया कि अक्सर वीकेंड पर बच्चे उनसे पिकनिक पर जाने की बात करते हैं, लेकिन फतेहाबाद में कोई पिकनिक स्पॉट न होने के कारण उनको मजबूरन अग्रोहा या हिसार जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अगर फतेहाबाद में पिकनिक स्पॉट होगा तो उन्हें बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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कोट
गांव बड़ोपल व काजलहेड़ी के बीच काजलहेड़ी से फतेहाबाद ब्रांच नहर निकलती है। यह बड़ोपल व धांगड़ के बीच के रिजर्व एरिया में आती है, जहां काले हिरणों को संरक्षित किया जाता है। वहीं काजलहेड़ी का कछुओं से भरा तालाब भी यहां से एक किलोमीटर दूर है। मैंने सरकार को काजलहेड़ी नहर हेड पर पिकनिक स्पॉट बनाने का प्रस्ताव भेजा था। ताकि लोग यहां आकर सुकून से ठंडी हवा का मजा ले सकें और साथ ही जंगल सफारी करके जीव जंतुुुओं को भी देख सकें। अब देखते हैं कि सरकार उनके प्रपोजल पर क्या काम करती है।

-विनोद कड़वासरा, जिला अध्यक्ष, पीपुल्स फॉर इंडिया
कोट
फतेहाबाद में पर्यटन स्थल विकसित करने के लिए काम जारी है। चिल्ली झील की खुदाई का काम चल रहा है और जिले में अन्य वह स्थान जहां पर पर्यटन स्थल विकसित किए जा सकते हैं, उनको पर्यटन स्थल बनाने के लिए सरकार के पास प्रपोजल भेजा जाएगा।
-प्रदीप कुमार, उपायुक्त फतेहाबाद

फतेहाबाद के गांव बड़ोपल में विचरण करता हिरणों का झुंड।

फतेहाबाद के गांव बड़ोपल में विचरण करता हिरणों का झुंड।- फोटो : Fatehabad

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