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प्रशासनिक फरमान : अब शहर से तीन किलोमीटर दूर जाकर जिला लाइब्रेरी में करनी पड़ेगी पढ़ाई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jun 2023 11:26 PM IST
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Administrative decree: Now you will have to go three kilometers away from the city and study in the district library
फतेहाबाद। हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन की लिखित परीक्षाओं को लेकर जिला लाइब्रेरी में तैयारी कर रहे छात्रों को प्रशासन ने झटका दिया है। बीडीपीओ कार्यालय में चल रहे जिला पुस्तकालय शहर से तीन किलोमीटर दूर राजकीय महिला महाविद्यालय में शिफ्ट करने के निर्देश जारी किए हैं। एसडीएम की तरफ से मंगलवार को निर्देश जारी किए गए कि बुधवार को तुरंत प्रभाव से स्थानांतरित किया जाए। जर्जर होने का इसमें हवाला दिया गया है। लेकिन इसके पीछे विवाद जिला पुस्तकालय में शौचालय का निर्माण बताया जा रहा है।
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जिला पुस्तकालय महिला महाविद्यालय में स्थानांतरित करने को लेकर छात्रों ने जिंदगी संस्था के अध्यक्ष हरदीप सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शन किया और कहा कि वह गांवों से आकर यहां पर तैयारी करते हैं और ऐसे में अब तीन किलोमीटर कैसे जा सकेंगे। अगर रोक न लगी तो धरना शुरू किया जाएगा। पुस्तकालय में रोजाना 50 से 60 छात्र परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। यहां पर अधिकतर ग्रामीण क्षेत्र से आकर विद्यार्थी पढ़ते हैं जो कि निजी पुस्तकालयों में जाकर तैयारी नहीं कर सकते।
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अधिकारियों से मिला प्रतिनिधिमंडल, जगह के दिए सुझाव
इस फैसले को लेकर नागरिक अधिकार मंच का प्रतिनिधिमंडल विद्यार्थियों के साथ कन्वीनर महेन्द्र धारनियां के नेतृत्व में उपायुक्त और एसडीएम से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपकर जिला पुस्तकालय को शिफ्ट करने की बजाय शहर में ही रखने की मांग की है। अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को इस पर विचार करने का आश्वासन दिया है। डीसी से मिलने पहुंचे नागरिक अधिकार मंच के कन्वीनर महेंद्र धारनियां, पार्षद मोहन लाल नारंग, राजाराम बैनीवाल, तुषार, संजय, रवि, रविंद्र, साहिल, कौशल शर्मा आदि ने कहा कि वर्तमान में जिला पुस्तकालय बीपीडीओ ऑफिस में चल रहा है, जो शहर के बीचोंबीच स्थित है। अगर प्रशासन बीडीपीओ कार्यालय से जिला पुस्तकालय को शिफ्ट ही करना चाहता है तो इसे पंचायत भवन, आरटीए कार्यालय या लघु सचिवालय के पास स्थित संसाधन केंद्र, पुरानी तहसील कॉम्पलेक्स/रेडक्रॉस ऑफिस के नीचे, बंद पड़े पपीहा टूरिज्म कॉम्पलेक्स में भी शिफ्ट कर सकता है। यही नहीं शहर में स्थित धर्मशालाओं की प्रशासन बैठक बुलाकर उनमें भी पुस्तकालय को शिफ्ट करवा सकता है ताकि जब तक प्रस्तावित जिला पुस्तकालय का भवन तैयार नहीं हो जाता, यह पुस्तकालय शहर में ही चलता रहे।
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9 साल बाद भी खुद का भवन नहीं हुआ नसीब
पुरानी कोर्ट परिसर में जिला लाइब्रेरी के लिए प्रदेश सरकार ने जगह अलॉट की थी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की घोषणा होने के बावजूद यह फाइल कागजों में ही घूम रही है। सरकार ने वर्ष 2014 में 2 कनाल 13 मरले जगह जिला पुस्तकालय के लिए अलॉट की थी, लेकिन अभी तक ट्रांसफर नहीं हो पाई है।

खाली नहीं होने देंगे लाइब्रेरी, लेंगे न्यायालय की शरण
सामाजिक कार्यकर्ता हरदीप सिंह ने कहा कि पिछले दिनों उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के चेयरमैन सुभाष चंद्र से निवेदन करके लाइब्रेरी में बेटियों के लिए अलग से शौचालय निर्माण करवाया है। इसे भी अधिकारियों ने बीच में रुकवाने का प्रयास किया था। अब अचानक से जिला मुख्यालय की एकमात्र सरकारी लाइब्रेरी को खाली करवाने के जो निर्देश दिए गए हैं, वह सही नहीं है। वे इस निर्णय के खिलाफ न्यायालय की शरण में जाने पर विचार कर रहे हैं। वीरवार सुबह विद्यार्थियों के साथ न्यायालय में इस निर्णय पर रोक लगाने की गुहार लगाई जाएगी।


कोट
जिला लाइब्रेरी को राजकीय महिला महाविद्यालय में शिफ्ट करने के निर्देश आए हैं। आदेश है कि दो दिन में शिफ्ट किया जाए। इस संबंध में निदेशक कार्यालय को लिख दिया गया है। जो निर्देश आएंगे, उस आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
-राजेश मेहता, नोडल अधिकारी, जिला पुस्तकालय
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