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Fatehabad News: निर्माणाधीन मकान में निकला 50 दांत वाला सांप, टीम ने किया रेस्क्यू
Mon, 03 Jun 2024 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 03 Jun 2024 01:50 AM IST
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50 दांत वाले सांप को पकडने के बाद नवजोत ढिल्लो। स्त्रोत- स्वंय।
संवाद न्यूज एजेंसी
टोहाना। शहर की मालाराम कॉलोनी में रहने वाले जैन परिवार के निर्माणाधीन मकान में 50 दांत वाला सांप निकला। आनन-फानन में मजदूरों ने बन रहे मकान मालिक सूचित किया। इसके बाद पशु क्रूरता निवारण कमेटी, एसपीसीए मेंबर पर्यावरण एवं वन्य जीव प्रमुख नवजोत सिंह ढिल्लों की टीम को बुलाया गया। ढिल्लों ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद उसे पकड़ लिया।
नवजोत ढिल्लों ने बताया कि इस सांप को वुल्फ स्नेक के नाम से जाना जाता है। इसके 50 दांत होते हैं, इसके दांत आरी जैसे नुकीले होते हैं। इसकी पकड़ इतनी मजबूत होती है कि जो भी शिकार इसकी पकड़ में आता है, वो दोबारा इसके मुंह से नहीं छूट पाता। ढिल्लों ने बताया कि भले यह सांप जहरीला नहीं हो, पर अन्य सांपों की तरह यह डरता नहीं है। इस वुल्फ स्नेक का भोजन छिपकली, मेंढक और चूहे हैं। यह घरों की दीवार पर भी आसानी से चढ़ जाता है। बारिश के समय इसका ठिकाना दीवारें या फिर बिल होते हैं।
कम होते जा रहे हैं वुल्फ स्नेक
ढिल्लों ने कहा कि हिंदी में गनेता के नाम से जाना जाने वाला यह सांप प्रकृति का संतुलन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाता है। चूहे, छिपकली, मेंढक खाकर यह सांप प्रकृति का संतुलन में रखता है। धीरे-धीरे इन सांपों की संख्या में कमी भी जरूर आ रही है।
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टोहाना। शहर की मालाराम कॉलोनी में रहने वाले जैन परिवार के निर्माणाधीन मकान में 50 दांत वाला सांप निकला। आनन-फानन में मजदूरों ने बन रहे मकान मालिक सूचित किया। इसके बाद पशु क्रूरता निवारण कमेटी, एसपीसीए मेंबर पर्यावरण एवं वन्य जीव प्रमुख नवजोत सिंह ढिल्लों की टीम को बुलाया गया। ढिल्लों ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद उसे पकड़ लिया।
नवजोत ढिल्लों ने बताया कि इस सांप को वुल्फ स्नेक के नाम से जाना जाता है। इसके 50 दांत होते हैं, इसके दांत आरी जैसे नुकीले होते हैं। इसकी पकड़ इतनी मजबूत होती है कि जो भी शिकार इसकी पकड़ में आता है, वो दोबारा इसके मुंह से नहीं छूट पाता। ढिल्लों ने बताया कि भले यह सांप जहरीला नहीं हो, पर अन्य सांपों की तरह यह डरता नहीं है। इस वुल्फ स्नेक का भोजन छिपकली, मेंढक और चूहे हैं। यह घरों की दीवार पर भी आसानी से चढ़ जाता है। बारिश के समय इसका ठिकाना दीवारें या फिर बिल होते हैं।
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कम होते जा रहे हैं वुल्फ स्नेक
ढिल्लों ने कहा कि हिंदी में गनेता के नाम से जाना जाने वाला यह सांप प्रकृति का संतुलन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाता है। चूहे, छिपकली, मेंढक खाकर यह सांप प्रकृति का संतुलन में रखता है। धीरे-धीरे इन सांपों की संख्या में कमी भी जरूर आ रही है।
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