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Fatehabad News: रिश्तेदारों के निजी अस्पताल में मरीज रेफर मामले की तीन डॉक्टरों की कमेटी करेगी जांच

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jan 2024 11:42 PM IST
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A committee of three doctors will investigate the case of patient referral to relatives' private hospital.
फतेहाबाद का नागरिक अस्पताल
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल से रिश्तेदारों के निजी अस्पताल में मरीज रेफर करने के मामले में स्वास्थ्य महानिदेशक के निर्देश के बाद सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र सिंह ने कमेटी का गठन कर दिया है। तीन डॉक्टरों की टीम इस मामले में जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट देगी। इस मामले में सिविल सर्जन ने जांच कमेटी में उप सिविल सर्जन डॉ. लाजवंती गौरी, ईएनटी डॉ. जेपी और टोहाना की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सचिन मंगला को शामिल किया है। वहीं, भिवानी, चरखी दादरी में अभी कमेटी तक गठित नहीं की गई है।
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डीजी कार्यालय ने दो दिन में जांच रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन शनिवार तक मामले में अभी जांच कमेटी ही बन पाई है। हालांकि डीजी कार्यालय के जारी हुए पत्र के बाद नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों में खलबली मची हुई है। कमेटी की जांच पर अब निगाहें हैं और जांच सोमवार को ही शुरू हो पाएगी। स्वास्थ्य महानिदेशक कार्यालय की तरफ से 23 जनवरी को सिविल सर्जन के नाम पत्र जारी किया गया। इस पत्र में चार डॉक्टरों के नाम हैं, जिनके परिवार के निजी अस्पताल या फिर उनके भाई किसी अस्पताल में कार्यरत है। इसके अलावा एक महिला रोग विशेषज्ञ का नाम है। संबंधित महिला रोग विशेषज्ञ पर आरोप है कि वह अपने पति के अस्पताल में अप्रत्यक्ष रूप से मरीज को रेफर करती हैं।
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तीन चिकित्सकों को मिल सकती है क्लीनचिट

स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय से आए पत्र के मुताबिक चार डॉक्टरों के नाम दिए गए हैं। पत्र के मुताबिक इन चार डॉक्टरों के नाम के आगे उनके रिश्तेदारों के निजी अस्पताल का नाम भी दिया गया है। दूसरे कॉलम में नागरिक अस्पताल की एक महिला रोग विशेषज्ञ का नाम और उसके नाम के आगे लिखा गया है कि वह अपने पति के अस्पताल में अप्रत्यक्ष रूप से मरीज रेफर करती हैं। जानकारों की माने तो मामले में तीन डॉक्टरों को क्लीनचिट मिल सकती है, क्योंकि सूची में इन चिकित्सकों के खिलाफ मरीज रेफर को लेकर कोई शिकायत नहीं है। हालांकि महिला रोग विशेषज्ञ के मामले में अगर कोई शिकायतकर्ता कमेटी को मिलता है तो संबंधित की मुश्किलें बढ़ सकती है। उसके खिलाफ अप्रत्यक्ष रूप से मरीज रेफर करने का आरोप है।
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कोट

स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय से निर्देश मिले थे। इस मामले को लेकर जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है। कमेटी जांच करके जल्द से जल्द रिपोर्ट दे देगी और उच्च अधिकारियों को भेज दी जाएगी।
-डॉ. महेंद्र सिंह, सिविल सर्जन
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