{"_id":"5c65b155bdec2273a2563cbc","slug":"91550168405-fatehabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बरसात ने किसान हुए खुश तो ओलावृष्टि से उड़े होश, जिले भर में 2 एमएम हुई बरसात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बरसात ने किसान हुए खुश तो ओलावृष्टि से उड़े होश, जिले भर में 2 एमएम हुई बरसात
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। वीरवार अलसुबह हुई बारिश और हल्की ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। यह बारिश गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद और सरसों के लिए नुकसानदायक बताई जा रही है। वीरवार को जिले में कहीं-कहीं हल्की ओलावृष्टि भी हुई। मामूली ओलावृष्टि गेहूं व सरसों की फसल के लिए भी काफी नुकसानदायक है। बरसात के साथ खेतों में ओला पड़ते देख किसानों के होश उड़ गए। विशेषज्ञों के अनुसार सिर्फ बारिश होती तो ये फसलों के लिए काफी फायदेमंद थी। लेकिन बारिश के साथ ओलावृष्टि व तेज हवाएं गेहूं के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं। वीरवार को यहां 2 एमएम बारिश दर्ज की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले दो दिनों से क्षेत्र में बादल मंडरा रहे थे। इस समय गेहूं की फसल फुटाव पर है और बढ़वार चल रही है। ऐसे में बरसात गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। लेकिन टोहाना व भूना के कुछ गांवों में ओलावृष्टि होने से दोनों ही फसलों को नुकसान होने की आशंका बन गई है। भूना के गांव जांडली व टोहाना के अकावाली, जमालपुर व समैण आदि गांवों में हल्के ओले पड़े। जांडली के किसान अमित कुमार, गुरप्रीत सिंह, सतीश कुमार, उत्तम सिंह आदि ने कहा कि वह इस बारिश से खुश तो हैं कि फसलों पर सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी, लेकिन उन्हें इस बात का डर भी सता रहा है कि जिस तरह से इलाके में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है, वो उनकी फसलों को बहुत नुकसान पहुंचा सकती है।
दिन भर बादल के साथ जिले भर में सुबह से ही शीत लहर चल रही थी और बादल आसमान में छाए हुए थे। किसान रामचंद्र, दलीप सिंह, कृष्ण कुमार, धर्मबीर, जगदीश चंद्र आदि ने बताया कि सूखी ओलावृष्टि फसलों की अत्यधिक नुकसानदायक है। जिस पौध पर ओले गिरे हैं, वह पौधा दो दिन बाद ही पूरी तरह से मुरझा जाता है और पैदावार में गिरावट आती है। उन्होंने कहा कि बारिश फसलों के लिए लाभकारी है, परंतु ओलावृष्टि नुकसानदायक साबित हो सकती है।
विज्ञापन
कृषि विभाग के उपनिदेशक डा. बलवंत सिंह के अनुसार सिर्फ बारिश फसल के लिए वरदान हैं लेकिन बारिश के साथ ओलावृष्टि घातक है। उन्होंने बताया कि तेज हवाओं से गेहूं का तना नीचे बिछ जाएगा और फिर बरसात के पानी में भीगने से उसे दोबारा खड़ा होने की ताकत नहीं मिल सकेगी। डा. बलवंत ने बताया कि अब तक बारिश किसानों के अनुकूल रही है और अभी तक जिले में गेहूं की फसल अच्छी खड़ी है। उन्होंने बताया कि अगर सिर्फ बरसात होती है तो यह गेहूं के लिए वरदान है। अगर बरसात के साथ तेज हवाएं चलती है या ओलावृष्टि होती है तो गेहूं व अन्य फसलें भी खराब हो सकती है।
विज्ञापन
फतेहाबाद। वीरवार अलसुबह हुई बारिश और हल्की ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। यह बारिश गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद और सरसों के लिए नुकसानदायक बताई जा रही है। वीरवार को जिले में कहीं-कहीं हल्की ओलावृष्टि भी हुई। मामूली ओलावृष्टि गेहूं व सरसों की फसल के लिए भी काफी नुकसानदायक है। बरसात के साथ खेतों में ओला पड़ते देख किसानों के होश उड़ गए। विशेषज्ञों के अनुसार सिर्फ बारिश होती तो ये फसलों के लिए काफी फायदेमंद थी। लेकिन बारिश के साथ ओलावृष्टि व तेज हवाएं गेहूं के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं। वीरवार को यहां 2 एमएम बारिश दर्ज की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले दो दिनों से क्षेत्र में बादल मंडरा रहे थे। इस समय गेहूं की फसल फुटाव पर है और बढ़वार चल रही है। ऐसे में बरसात गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। लेकिन टोहाना व भूना के कुछ गांवों में ओलावृष्टि होने से दोनों ही फसलों को नुकसान होने की आशंका बन गई है। भूना के गांव जांडली व टोहाना के अकावाली, जमालपुर व समैण आदि गांवों में हल्के ओले पड़े। जांडली के किसान अमित कुमार, गुरप्रीत सिंह, सतीश कुमार, उत्तम सिंह आदि ने कहा कि वह इस बारिश से खुश तो हैं कि फसलों पर सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी, लेकिन उन्हें इस बात का डर भी सता रहा है कि जिस तरह से इलाके में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है, वो उनकी फसलों को बहुत नुकसान पहुंचा सकती है।
विज्ञापन
दिन भर बादल के साथ जिले भर में सुबह से ही शीत लहर चल रही थी और बादल आसमान में छाए हुए थे। किसान रामचंद्र, दलीप सिंह, कृष्ण कुमार, धर्मबीर, जगदीश चंद्र आदि ने बताया कि सूखी ओलावृष्टि फसलों की अत्यधिक नुकसानदायक है। जिस पौध पर ओले गिरे हैं, वह पौधा दो दिन बाद ही पूरी तरह से मुरझा जाता है और पैदावार में गिरावट आती है। उन्होंने कहा कि बारिश फसलों के लिए लाभकारी है, परंतु ओलावृष्टि नुकसानदायक साबित हो सकती है।
विज्ञापन
कृषि विभाग के उपनिदेशक डा. बलवंत सिंह के अनुसार सिर्फ बारिश फसल के लिए वरदान हैं लेकिन बारिश के साथ ओलावृष्टि घातक है। उन्होंने बताया कि तेज हवाओं से गेहूं का तना नीचे बिछ जाएगा और फिर बरसात के पानी में भीगने से उसे दोबारा खड़ा होने की ताकत नहीं मिल सकेगी। डा. बलवंत ने बताया कि अब तक बारिश किसानों के अनुकूल रही है और अभी तक जिले में गेहूं की फसल अच्छी खड़ी है। उन्होंने बताया कि अगर सिर्फ बरसात होती है तो यह गेहूं के लिए वरदान है। अगर बरसात के साथ तेज हवाएं चलती है या ओलावृष्टि होती है तो गेहूं व अन्य फसलें भी खराब हो सकती है।