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कोर्ट के आदेश: नथवान में नए जमीन अधिग्रहण कानून के तहत हो जमीन का अधिग्रहण
Updated Mon, 20 Nov 2017 10:22 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रतिया (फतेहाबाद)।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने गांव नथवान में नई अनाज मंडी के निर्माण को लेकर अधिग्रहण की जा रही जमीन के मामले में आगामी 6 माह के अंतराल में नए एक्ट के अनुसार कार्रवाई करने की हिदायतें दी हैं। उपरोक्त हिदायतें उपरोक्त जमीन अधिग्रहण को लेकर गांव नथवान के एक किसान द्वारा दायर की गई याचिका पर दी गई हैं। गौरतलब है कि पिछले काफी वर्षों से शहर के नजदीक की अनाज मंडी में गेहूं व धान की फसलों के अधिक आगमन को लेकर शहर में जाम व प्रदूषण की समस्या उत्पन्न हो रही थी, जिसकी कठिनाइयों को देखते हुए पूर्व की कांग्रेस सरकार ने टोहाना रोड पर स्थित गांव नथवान में नई अनाज मंडी बनाने की घोषणा की थी।
सरकार की इस घोषणा के बाद मार्किटिंग बोर्ड ने नई अनाज मंडी के निर्माण को लेकर जमीन अधिग्रहण करने की कार्रवाई आरम्भ कर दी थी। मगर इस कार्रवाई के अंतराल में ही गांव नथवान के एक किसान ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर स्टे ले लिया। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया था कि संबंधित विभाग ने जमीन अधिग्रहण को लेकर जो नोटिस धारा 6 के तहत जारी किया है, वह पुराने एक्ट के अनुसार जारी किया गया है, जबकि हरियाणा सरकार ने 1 जनवरी 2014 को नया एक्ट लागू किया हुआ है, जिस कारण उसे तथा अन्य किसानों को काफी आर्थिक नुकसान पहुंच सकता है।
याचिकाकर्ता ने अदालत को ये भी बताया कि पुराने एक्ट के तहत संबंधित विभाग किसानों से की गई अधिग्रहण जमीन के बदले कलेक्टर रेट के तहत ही मुआवजा देगा। जबकि नए एक्ट के तहत सरकार ने प्रावधान किया है कि ग्रामीण क्षेत्र की जमीन पर मौजूदा बाजारी रेट के अलावा 4 गुणा तथा शहरी क्षेत्र की जमीन पर 2 गुणा मुआवजा देने का प्रावधान है। उच्च न्यायालय ने संबंधित विभाग को हिदायतें दी हैं कि नए एक्ट के तहत जमीन अधिग्रहण की नई कार्रवाई 6 महीने के अंदर करें, ताकि संबंधित किसानों को उचित मुआवजा मिल सके।
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रतिया (फतेहाबाद)।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने गांव नथवान में नई अनाज मंडी के निर्माण को लेकर अधिग्रहण की जा रही जमीन के मामले में आगामी 6 माह के अंतराल में नए एक्ट के अनुसार कार्रवाई करने की हिदायतें दी हैं। उपरोक्त हिदायतें उपरोक्त जमीन अधिग्रहण को लेकर गांव नथवान के एक किसान द्वारा दायर की गई याचिका पर दी गई हैं। गौरतलब है कि पिछले काफी वर्षों से शहर के नजदीक की अनाज मंडी में गेहूं व धान की फसलों के अधिक आगमन को लेकर शहर में जाम व प्रदूषण की समस्या उत्पन्न हो रही थी, जिसकी कठिनाइयों को देखते हुए पूर्व की कांग्रेस सरकार ने टोहाना रोड पर स्थित गांव नथवान में नई अनाज मंडी बनाने की घोषणा की थी।
सरकार की इस घोषणा के बाद मार्किटिंग बोर्ड ने नई अनाज मंडी के निर्माण को लेकर जमीन अधिग्रहण करने की कार्रवाई आरम्भ कर दी थी। मगर इस कार्रवाई के अंतराल में ही गांव नथवान के एक किसान ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर स्टे ले लिया। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया था कि संबंधित विभाग ने जमीन अधिग्रहण को लेकर जो नोटिस धारा 6 के तहत जारी किया है, वह पुराने एक्ट के अनुसार जारी किया गया है, जबकि हरियाणा सरकार ने 1 जनवरी 2014 को नया एक्ट लागू किया हुआ है, जिस कारण उसे तथा अन्य किसानों को काफी आर्थिक नुकसान पहुंच सकता है।
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याचिकाकर्ता ने अदालत को ये भी बताया कि पुराने एक्ट के तहत संबंधित विभाग किसानों से की गई अधिग्रहण जमीन के बदले कलेक्टर रेट के तहत ही मुआवजा देगा। जबकि नए एक्ट के तहत सरकार ने प्रावधान किया है कि ग्रामीण क्षेत्र की जमीन पर मौजूदा बाजारी रेट के अलावा 4 गुणा तथा शहरी क्षेत्र की जमीन पर 2 गुणा मुआवजा देने का प्रावधान है। उच्च न्यायालय ने संबंधित विभाग को हिदायतें दी हैं कि नए एक्ट के तहत जमीन अधिग्रहण की नई कार्रवाई 6 महीने के अंदर करें, ताकि संबंधित किसानों को उचित मुआवजा मिल सके।
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