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Fatehabad News: छह युवाओं ने वॉलीबाल खेल को अपनाकर कॅरिअर को दिया मुकाम
Fri, 07 Feb 2025 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 07 Feb 2025 11:40 PM IST
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गांव पीलीमंदोरी के खेल मैदान में अभ्यास करती बेटियां। स्रोत: प्रशिक्षक
- फोटो : एंबुलेंस का गेट खोलने की कोशिश करता चालक।
फतेहाबाद। गांव पीलीमंदोरी में युवाओं का वॉलीबाल खेल के प्रति रुझान उनका कॅरिअर बनाने में भी सहायक बना। इस खेल को अपना गांव के 6 युवाओं ने सरकारी नौकरी प्राप्त की है।
बता दें कि गांव में वॉलीबाल के खेल की अकादमी है। जिसमें रोजाना सुबह और शाम के समय 50 से अधिक युवा अभ्यास करते हैं। हालांकि गांव में अन्य खेलों से भी कई युवाओं ने नौकरी प्राप्त की है, लेकिन सबसे अधिक वॉलीबाल के खिलाड़ी हैं।
गांव की बेटी दीक्षा जाखड़ और दीक्षा माचरा स्कूली खेलों में भाग लेने वाली राष्ट्रीय वॉलीबाल टीम में शामिल हो चुकी है। दीक्षा जहां अंडर 17 में उत्तर प्रदेश के बरेली में हुए स्कूली गेम्स में खेल चुकी हैं। वहीं गांव से भारतीय सेना में शहीद हुए विकास राड़ वॉलीबाल खेल के खिलाड़ी रहे थे। उनका चयन भारतीय सेना में खेल कोटे से हुआ था।
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11 युवा लग चुके सरकारी नौकरी : खेल नर्सरी चला रहे प्रशिक्षक जयप्रकाश ने बताया कि गांव के युवाओं की वॉलीबाल खेल के प्रति शुरू से ही रुचि रही है। इसका नतीजा है कि गांव से कुल 11 युवाओं ने इसके माध्यम से सरकारी नौकरी प्राप्त की है। इसमें गांव की एक बेटी भी शामिल है।
युवाओं का खेलों से लगाव रखना जरूरी है। इसके माध्यम से वे अच्छा मुकाम हासिल कर सकते हैं। गांव के खेल मैदान में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। युवाओं को इनका फायदा उठाना चाहिए।
-साहिल, भारतीय सेना
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सेना से छुट्टी आने के बाद गांव के युवाओं को खेल के मैदान में अभ्यास करते हुए देखकर खुशी होती है। खेलों से लगाव युवाओं को आगे बढ़ने में काफी मदद करता है।
-सनिश, राड़
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गांव के युवाओं का वॉलीबाल खेल से काफी लगाव रहा है। हर वर्ष में गांव में वॉलीबाल खेल की प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। जिसमें उनकी प्रतिभा का निखार आता है।
-सतीश कुमार
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:: गांव में युवाओं का खेलो के प्रति हमेशा से ही रुझान रहा है। हर रोज गांव के युवा मैदान में अभ्यास करने पहुंचते हैं। गांव की बेटियों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन होना गांव के लिए गर्व की बात है। खेल मैदान में युवाओं को किसी भी प्रकार की काेई समस्या नहीं आने दी जाएगी।
धर्मवीर गोरछिया, सरपंच, गांव पीलीमंदोरी
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बता दें कि गांव में वॉलीबाल के खेल की अकादमी है। जिसमें रोजाना सुबह और शाम के समय 50 से अधिक युवा अभ्यास करते हैं। हालांकि गांव में अन्य खेलों से भी कई युवाओं ने नौकरी प्राप्त की है, लेकिन सबसे अधिक वॉलीबाल के खिलाड़ी हैं।
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गांव की बेटी दीक्षा जाखड़ और दीक्षा माचरा स्कूली खेलों में भाग लेने वाली राष्ट्रीय वॉलीबाल टीम में शामिल हो चुकी है। दीक्षा जहां अंडर 17 में उत्तर प्रदेश के बरेली में हुए स्कूली गेम्स में खेल चुकी हैं। वहीं गांव से भारतीय सेना में शहीद हुए विकास राड़ वॉलीबाल खेल के खिलाड़ी रहे थे। उनका चयन भारतीय सेना में खेल कोटे से हुआ था।
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11 युवा लग चुके सरकारी नौकरी : खेल नर्सरी चला रहे प्रशिक्षक जयप्रकाश ने बताया कि गांव के युवाओं की वॉलीबाल खेल के प्रति शुरू से ही रुचि रही है। इसका नतीजा है कि गांव से कुल 11 युवाओं ने इसके माध्यम से सरकारी नौकरी प्राप्त की है। इसमें गांव की एक बेटी भी शामिल है।
युवाओं का खेलों से लगाव रखना जरूरी है। इसके माध्यम से वे अच्छा मुकाम हासिल कर सकते हैं। गांव के खेल मैदान में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। युवाओं को इनका फायदा उठाना चाहिए।
-साहिल, भारतीय सेना
सेना से छुट्टी आने के बाद गांव के युवाओं को खेल के मैदान में अभ्यास करते हुए देखकर खुशी होती है। खेलों से लगाव युवाओं को आगे बढ़ने में काफी मदद करता है।
-सनिश, राड़
गांव के युवाओं का वॉलीबाल खेल से काफी लगाव रहा है। हर वर्ष में गांव में वॉलीबाल खेल की प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। जिसमें उनकी प्रतिभा का निखार आता है।
-सतीश कुमार
:: गांव में युवाओं का खेलो के प्रति हमेशा से ही रुझान रहा है। हर रोज गांव के युवा मैदान में अभ्यास करने पहुंचते हैं। गांव की बेटियों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन होना गांव के लिए गर्व की बात है। खेल मैदान में युवाओं को किसी भी प्रकार की काेई समस्या नहीं आने दी जाएगी।
धर्मवीर गोरछिया, सरपंच, गांव पीलीमंदोरी