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Fatehabad News: भूना के राजकीय महाविद्यालय में पहले दीक्षांत समारोह में 500 छात्र-छात्राओं को मिली डिग्री
Thu, 14 Nov 2024 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 14 Nov 2024 11:58 PM IST
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भूना के राजकीय महाविद्यालय में दीक्षांत समारोह में डिग्री वितरित करती डीसी मनदीप कौर।
भूना। राजकीय महाविद्यालय में वीरवार को पहला दीक्षांत समारोह संपन्न हो गया। समारोह में डीसी मनदीप कौर मुख्य अतिथि रहीं जबकि हिसार के सीटीएम राजेश कोथ, सीडीएलयू सिरसा के परीक्षा नियंत्रक शैलेंद्र हुड्डा, राजकीय महाविद्यालय भट्टू कलां के प्रिंसिपल डॉ. सुभाष चंद्र, पूर्व प्रिंसिपल सीएल जाशु, कामरेड भूपेंद्र सिंह व रिटायर्ड मुख्याध्यापक वीरेंद्र शर्मा विशिष्ट अतिथि रहे।
समारोह की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र ज्यानी ने की जबकि मंच संचालन प्रोफेसर सुनील कंबोज व डॉ. वीना ने किया। दीक्षांत समारोह में सात बैच के 1020 पासआउट विद्यार्थियों की डिग्री आई। इनमें से कार्यक्रम में पहुंचे 500 विद्यार्थियों को डिग्री देकर सम्मानित किया गया। 500 डिग्रीधारकों में सबसे अधिक 350 डिग्री छात्राओं ने प्राप्त की। वर्ष 2015 से 2018 बैच में बीए के 104 व बीकॉम के 44, वर्ष 2016 से 2019 बैच में बीए के 117 व बीकॉम के 65, वर्ष 2017 से 2020 बैच में बीए के 120 व बीकॉम के 4, वर्ष 2018 से 2021 बैच में बीएससी के 10, बीए के 91 तथा बीकॉम के 38 विद्यार्थियों ने डिग्री प्राप्त की। इसके अलावा वर्ष 2019 से 2022 बैच में बीकॉम के 35 बीएससी के 12 तथा बीए के 4, वर्ष 2020 से 2023 बैच में बीएससी के 6, बीकॉम के 40 तथा बीए के 144 और वर्ष 2021 से 2023 तक बैच में मास्टर ऑफ हिंदी में 23, मास्टर ऑफ इंग्लिश में 5 तथा मास्टर ऑफ एमकॉम में 36 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। इनकी डिग्री चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा से राजकीय महाविद्यालय भूना में पहुंची।
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डिग्री और पदक पाकर नहीं रहा खुशी का ठिकाना
डिग्री और मेडल पाकर विद्यार्थियोंं की खुशी देखते ही बन रही थी। छह विषयों के स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को भी मेडल व डिग्री बांटे गए। इनमें मास्टर ऑफ इंग्लिश, मास्टर ऑफ हिंदी, मास्टर ऑफ एमकॉम, बीए, बीकॉम व बीएससी के पासआउट विद्यार्थी शामिल रहे। इससे पहले प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र ज्यानी ने महाविद्यालय की अब तक की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। दीक्षांत समारोह में डीसी मनदीप कौर ने कहा कि यह दिन ऐतिहासिक होता और विद्यार्थियों को हमेशा याद रहेगा। विद्यार्थी अब इन मेडल और डिग्री की महत्ता को प्रमाणित करें। जहां भी जाएं, वहां देश, समाज और महाविद्यालय के लिए काम करें। उन्होंने भारतीय संस्कृति, शिक्षा, वेदों आदि के उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
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इस मौके पर श्यामलाल बंसल, दलबीर सिंह, डॉ.रामनाथ, डॉ. रीना, डॉ. सोम शर्मा, प्रोफेसर छोटूराम, केशव कुमार, प्रोफेसर पिंकी, प्रोफेसर आरती, प्रोफेसर सुनील कंबोज, प्रोफेसर कुसुम सहित सभी स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
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यह बोली छात्राएं
:: डिग्री हासिल करने से पहले केवल पढ़ाई का कार्य होता है। मगर डिग्री मिलने के बाद नया रास्ता तलाशना पड़ता है। इसलिए डिग्री मिलना भी अपने आप में मेहनत रूपी बड़ा सम्मान है। इसको हर विद्यार्थी हासिल करके अपना भविष्य बनाने की दिशा में मेहनत करता है।
-सोनिया, डिग्रीधारक, एमकॉम
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माता-पिता का आशीर्वाद और गुरुजनों के मार्गदर्शन में यह मंजिल हासिल की है। पढ़ाई के बाद मुझे शिक्षिका बनने का मौका मिला है। मैं अंग्रेजी विषय की पढ़ाई विद्यार्थियों को करवा कर उनका भविष्य निखारने की दिशा में कदम बढ़ाऊंगी। आज मेरी खुशी दोगुना हो गई है।
-हिमानी, डिग्री धारक, मास्टर ऑफ इंग्लिश
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स्कूल की पढ़ाई के बाद जब कॉलेज में कदम रखा था, तब डिग्री को लेकर सपना संजाेया था, जो अब पूरा हुआ। विद्यार्थी का एक उद्देश्य शिक्षित बनना होता है। शिक्षित बनकर समाज एवं राष्ट्र सेवा के प्रति हर व्यक्ति को समर्पित होना चाहिए।
-पुष्पा देवी, डिग्री धारक, एमकॉम
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मैं 2015-18 बैच के स्नातकों में से एक थीं। पहले दीक्षांत समारोह में बीकॉम की डिग्री प्राप्त करना सपने के सच होने जैसा रहा। धैर्य, दयालुता और समझदारी ने मुझे सफल होने में मदद की है। ऐसे सपने सच हो रहे हैं, जिनके बारे में मैंने कभी सोचा भी नहीं था।
-सलोनी सरदाना, डिग्रीधारक, बीकॉम
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समारोह की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र ज्यानी ने की जबकि मंच संचालन प्रोफेसर सुनील कंबोज व डॉ. वीना ने किया। दीक्षांत समारोह में सात बैच के 1020 पासआउट विद्यार्थियों की डिग्री आई। इनमें से कार्यक्रम में पहुंचे 500 विद्यार्थियों को डिग्री देकर सम्मानित किया गया। 500 डिग्रीधारकों में सबसे अधिक 350 डिग्री छात्राओं ने प्राप्त की। वर्ष 2015 से 2018 बैच में बीए के 104 व बीकॉम के 44, वर्ष 2016 से 2019 बैच में बीए के 117 व बीकॉम के 65, वर्ष 2017 से 2020 बैच में बीए के 120 व बीकॉम के 4, वर्ष 2018 से 2021 बैच में बीएससी के 10, बीए के 91 तथा बीकॉम के 38 विद्यार्थियों ने डिग्री प्राप्त की। इसके अलावा वर्ष 2019 से 2022 बैच में बीकॉम के 35 बीएससी के 12 तथा बीए के 4, वर्ष 2020 से 2023 बैच में बीएससी के 6, बीकॉम के 40 तथा बीए के 144 और वर्ष 2021 से 2023 तक बैच में मास्टर ऑफ हिंदी में 23, मास्टर ऑफ इंग्लिश में 5 तथा मास्टर ऑफ एमकॉम में 36 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। इनकी डिग्री चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा से राजकीय महाविद्यालय भूना में पहुंची।
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डिग्री और पदक पाकर नहीं रहा खुशी का ठिकाना
डिग्री और मेडल पाकर विद्यार्थियोंं की खुशी देखते ही बन रही थी। छह विषयों के स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को भी मेडल व डिग्री बांटे गए। इनमें मास्टर ऑफ इंग्लिश, मास्टर ऑफ हिंदी, मास्टर ऑफ एमकॉम, बीए, बीकॉम व बीएससी के पासआउट विद्यार्थी शामिल रहे। इससे पहले प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र ज्यानी ने महाविद्यालय की अब तक की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। दीक्षांत समारोह में डीसी मनदीप कौर ने कहा कि यह दिन ऐतिहासिक होता और विद्यार्थियों को हमेशा याद रहेगा। विद्यार्थी अब इन मेडल और डिग्री की महत्ता को प्रमाणित करें। जहां भी जाएं, वहां देश, समाज और महाविद्यालय के लिए काम करें। उन्होंने भारतीय संस्कृति, शिक्षा, वेदों आदि के उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
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इस मौके पर श्यामलाल बंसल, दलबीर सिंह, डॉ.रामनाथ, डॉ. रीना, डॉ. सोम शर्मा, प्रोफेसर छोटूराम, केशव कुमार, प्रोफेसर पिंकी, प्रोफेसर आरती, प्रोफेसर सुनील कंबोज, प्रोफेसर कुसुम सहित सभी स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
यह बोली छात्राएं
:: डिग्री हासिल करने से पहले केवल पढ़ाई का कार्य होता है। मगर डिग्री मिलने के बाद नया रास्ता तलाशना पड़ता है। इसलिए डिग्री मिलना भी अपने आप में मेहनत रूपी बड़ा सम्मान है। इसको हर विद्यार्थी हासिल करके अपना भविष्य बनाने की दिशा में मेहनत करता है।
-सोनिया, डिग्रीधारक, एमकॉम
माता-पिता का आशीर्वाद और गुरुजनों के मार्गदर्शन में यह मंजिल हासिल की है। पढ़ाई के बाद मुझे शिक्षिका बनने का मौका मिला है। मैं अंग्रेजी विषय की पढ़ाई विद्यार्थियों को करवा कर उनका भविष्य निखारने की दिशा में कदम बढ़ाऊंगी। आज मेरी खुशी दोगुना हो गई है।
-हिमानी, डिग्री धारक, मास्टर ऑफ इंग्लिश
स्कूल की पढ़ाई के बाद जब कॉलेज में कदम रखा था, तब डिग्री को लेकर सपना संजाेया था, जो अब पूरा हुआ। विद्यार्थी का एक उद्देश्य शिक्षित बनना होता है। शिक्षित बनकर समाज एवं राष्ट्र सेवा के प्रति हर व्यक्ति को समर्पित होना चाहिए।
-पुष्पा देवी, डिग्री धारक, एमकॉम
मैं 2015-18 बैच के स्नातकों में से एक थीं। पहले दीक्षांत समारोह में बीकॉम की डिग्री प्राप्त करना सपने के सच होने जैसा रहा। धैर्य, दयालुता और समझदारी ने मुझे सफल होने में मदद की है। ऐसे सपने सच हो रहे हैं, जिनके बारे में मैंने कभी सोचा भी नहीं था।
-सलोनी सरदाना, डिग्रीधारक, बीकॉम