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Fatehabad News: लंबे इंतजार के बाद सम्मानित हुईं 35 टीबी मुक्त ग्राम पंचायतें
Wed, 13 Nov 2024 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 13 Nov 2024 12:50 AM IST
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जिले की टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों को सम्मानित करते सीटीएम कैप्टन परमेश सिंह।
फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डीपीआरसी हॉल में राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत वर्ष 2023 में टीबी मुक्त हुई ग्राम पंचायतों को सम्मानित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सीटीएम कैप्टन परमेश सिंह ने जिले की 35 टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों को महात्मा गांधी की प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
दरअसल, इन टीबी मुक्त पंचायतों को सम्मानित करने के लिए पहले भी शेड्यूल बनाया गया था, जो सफल नहीं हो पाया था। अब लंबे इंतजार के बाद इन्हें सम्मानित किया गया है। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. बुधराम ने उपस्थित टीबी मुक्त ग्राम पंचायत के सरपंचों, ग्राम सचिवों व स्वास्थ्य कर्मियों को अवगत कराया कि केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि देश 2025 तक टीबी मुक्त हो। वैश्विक स्तर पर टीबी मुक्त का लक्ष्य 2030 निर्धारित किया गया है। उन्होंने उपस्थित सदस्यों से अपील की यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से ज्यादा खांसी या खांसी में बलगम या बलगम में खून आना, लगातार वजन कम होना, भूख ना लगना, दोपहर बाद बुखार आना, रात को पसीना आना इत्यादि कोई भी लक्षण है तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में जाकर टीबी की जांच करवानी चाहिए। टीबी का इलाज सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त उपलब्ध है।
उप सिविल सर्जन मेजर डॉ. शरद तुली ने उपस्थित ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों को तंबाकू के दुष्प्रभाव के बारे में विस्तार से बताया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अगर एक कैलेंडर वर्ष में 30 टीबी जांच होती है और उस 1000 जनसंख्या पर एक या एक से कम टीबी मरीज पाया जाता है। इसके अलावा टीबी इलाजरत मरीजों की 60 प्रतिशत यूडीएसटी, पिछले साल के मरीजों का 85 प्रतिशत सफलतापूर्वक पूर्ण इलाज, मरीजों को 100 प्रतिशत निक्षय पोषण योजना की कम से कम एक किश्त और मरीजों को प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 100 प्रतिशत निक्षय मित्र द्वारा गोद होता है तो उसे टीबी मुक्त ग्राम पंचायत की श्रेणी में लिया जाता है। इस अवसर पर जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. अमित कुमार, एमओटीसी डॉ. मनीष टुटेजा, डॉ. सुरेंद्र बिस्सू, डॉ. योगेश, डॉ. सुशील, टीबी मुक्त ग्राम पंचायत प्रतिनिधि व स्वास्थ्य कर्मी, एनटीईपी स्टाफ उपस्थित रहे।
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दरअसल, इन टीबी मुक्त पंचायतों को सम्मानित करने के लिए पहले भी शेड्यूल बनाया गया था, जो सफल नहीं हो पाया था। अब लंबे इंतजार के बाद इन्हें सम्मानित किया गया है। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. बुधराम ने उपस्थित टीबी मुक्त ग्राम पंचायत के सरपंचों, ग्राम सचिवों व स्वास्थ्य कर्मियों को अवगत कराया कि केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि देश 2025 तक टीबी मुक्त हो। वैश्विक स्तर पर टीबी मुक्त का लक्ष्य 2030 निर्धारित किया गया है। उन्होंने उपस्थित सदस्यों से अपील की यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से ज्यादा खांसी या खांसी में बलगम या बलगम में खून आना, लगातार वजन कम होना, भूख ना लगना, दोपहर बाद बुखार आना, रात को पसीना आना इत्यादि कोई भी लक्षण है तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में जाकर टीबी की जांच करवानी चाहिए। टीबी का इलाज सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त उपलब्ध है।
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उप सिविल सर्जन मेजर डॉ. शरद तुली ने उपस्थित ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों को तंबाकू के दुष्प्रभाव के बारे में विस्तार से बताया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अगर एक कैलेंडर वर्ष में 30 टीबी जांच होती है और उस 1000 जनसंख्या पर एक या एक से कम टीबी मरीज पाया जाता है। इसके अलावा टीबी इलाजरत मरीजों की 60 प्रतिशत यूडीएसटी, पिछले साल के मरीजों का 85 प्रतिशत सफलतापूर्वक पूर्ण इलाज, मरीजों को 100 प्रतिशत निक्षय पोषण योजना की कम से कम एक किश्त और मरीजों को प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 100 प्रतिशत निक्षय मित्र द्वारा गोद होता है तो उसे टीबी मुक्त ग्राम पंचायत की श्रेणी में लिया जाता है। इस अवसर पर जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. अमित कुमार, एमओटीसी डॉ. मनीष टुटेजा, डॉ. सुरेंद्र बिस्सू, डॉ. योगेश, डॉ. सुशील, टीबी मुक्त ग्राम पंचायत प्रतिनिधि व स्वास्थ्य कर्मी, एनटीईपी स्टाफ उपस्थित रहे।
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