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टीवी में देखा तो आया मंदिर में गणेशोत्सव का ख्याल, इस बार पहली दफा साढ़े 8 फीट लाल बाग का राजा स्थापित
Updated Fri, 14 Sep 2018 12:54 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। इस दफा फतेहाबाद शहर में भी गणपति बप्पा की अच्छी खासी धूम है। शहर में कई जगह सार्वजनिक पंडाल लगाकर बाप्पा के जयघोष लगाए जा रहे हैं। नेशनल हाइवे स्थित मनकामेश्वर मंदिर शिवपुरी में भी इस बार गणेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसमें साढ़े 8 फीट की गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई है। ये लगातार पांचवां साल है जब मनकामेश्वर मंदिर कमेटी गणपति पंडाल आयोजित कर रही है। महज पांच सालों में ये पंडाल शहर के सबसे लोकप्रिय सार्वजनिक गणेश पंडालों में शुमार हो गया है। मनकामेश्वर मंदिर में गणेश पंडाल शुरू करने की कहानी भी कम अनूठी नहीं है।
दरअसल लगभग पांच साल पहले मंदिर कमेटी के अध्यक्ष मदन गोपाल सरदाना, उत्तम रूखाया आदि मंदिर प्रांगण में बैठे थे और इसी समय टीवी पर महाराष्ट्र में गणेशोत्सव की तस्वीरें आ रही थी। इस पर मंदिर कमेटी के अध्यक्ष मदन गोपाल सरदाना ने ये प्रस्ताव रखा कि चूंकि मनकामेश्वर मंदिर मूल रूप से शिवालय है और भगवान गणेश शिव जी के पुत्र हैं तो हमारे यहां भी उसी तरह धूमधाम से गणेशोत्सव मनाया जाना चाहिए। महज 15 मिनट की चर्चा के बाद ये तय हो गया कि मनकामेश्वर मंदिर में प्रतिवर्ष गणेश पंडाल आयोजित होगा और बहुत कम समय में ये पंडाल शहर के सबसे लोकप्रिय गणेश पंडालों में शामिल हो गया है। पहली बार मुम्बई से ही विशेष प्रयासों के तहत गणपति जी की प्रतिमा मंगवाई गई थी।
पंडाल को लेकर लोगों में श्रद्धा
नेशनल हाइवे स्थित मनकामेश्वर मंदिर में पहले भी मुंबई के प्रसिद्ध गणेश पंडाल लाल बाग के राजा की तर्ज पर गणेशोत्सव आयोजित किया जाता रहा है। लेकिन इस बार गणपति बप्पा का पंडाल कुछ अलग है। इसके पीछे सबसे खास वजह है गणेश प्रतिमा की ऊंचाई। पहली बार फतेहाबाद में साढ़े 8 फीट की लाल बाग के राजा की प्रतिमा को मनकामेश्वर मंदिर में स्थापित किया गया है। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष मदन गोपाल सरदाना ने बताया कि गणपति पंडाल को लेकर लोगों की श्रद्धा हो गई है। पहली बार जहां महज 15 मिनट की चर्चा में ही सारी तैयारियां हो गई थी, लेकिन आजकल 15 दिन पहले कार्यक्रम की रूपरेखा बनाई जाती है। इसी वजह से मनकामेश्वर मंदिर के गणपति सबसे ज्यादा लोकप्रिय होते जा रहे हैं।
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फतेहाबाद। इस दफा फतेहाबाद शहर में भी गणपति बप्पा की अच्छी खासी धूम है। शहर में कई जगह सार्वजनिक पंडाल लगाकर बाप्पा के जयघोष लगाए जा रहे हैं। नेशनल हाइवे स्थित मनकामेश्वर मंदिर शिवपुरी में भी इस बार गणेशोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसमें साढ़े 8 फीट की गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई है। ये लगातार पांचवां साल है जब मनकामेश्वर मंदिर कमेटी गणपति पंडाल आयोजित कर रही है। महज पांच सालों में ये पंडाल शहर के सबसे लोकप्रिय सार्वजनिक गणेश पंडालों में शुमार हो गया है। मनकामेश्वर मंदिर में गणेश पंडाल शुरू करने की कहानी भी कम अनूठी नहीं है।
दरअसल लगभग पांच साल पहले मंदिर कमेटी के अध्यक्ष मदन गोपाल सरदाना, उत्तम रूखाया आदि मंदिर प्रांगण में बैठे थे और इसी समय टीवी पर महाराष्ट्र में गणेशोत्सव की तस्वीरें आ रही थी। इस पर मंदिर कमेटी के अध्यक्ष मदन गोपाल सरदाना ने ये प्रस्ताव रखा कि चूंकि मनकामेश्वर मंदिर मूल रूप से शिवालय है और भगवान गणेश शिव जी के पुत्र हैं तो हमारे यहां भी उसी तरह धूमधाम से गणेशोत्सव मनाया जाना चाहिए। महज 15 मिनट की चर्चा के बाद ये तय हो गया कि मनकामेश्वर मंदिर में प्रतिवर्ष गणेश पंडाल आयोजित होगा और बहुत कम समय में ये पंडाल शहर के सबसे लोकप्रिय गणेश पंडालों में शामिल हो गया है। पहली बार मुम्बई से ही विशेष प्रयासों के तहत गणपति जी की प्रतिमा मंगवाई गई थी।
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पंडाल को लेकर लोगों में श्रद्धा
नेशनल हाइवे स्थित मनकामेश्वर मंदिर में पहले भी मुंबई के प्रसिद्ध गणेश पंडाल लाल बाग के राजा की तर्ज पर गणेशोत्सव आयोजित किया जाता रहा है। लेकिन इस बार गणपति बप्पा का पंडाल कुछ अलग है। इसके पीछे सबसे खास वजह है गणेश प्रतिमा की ऊंचाई। पहली बार फतेहाबाद में साढ़े 8 फीट की लाल बाग के राजा की प्रतिमा को मनकामेश्वर मंदिर में स्थापित किया गया है। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष मदन गोपाल सरदाना ने बताया कि गणपति पंडाल को लेकर लोगों की श्रद्धा हो गई है। पहली बार जहां महज 15 मिनट की चर्चा में ही सारी तैयारियां हो गई थी, लेकिन आजकल 15 दिन पहले कार्यक्रम की रूपरेखा बनाई जाती है। इसी वजह से मनकामेश्वर मंदिर के गणपति सबसे ज्यादा लोकप्रिय होते जा रहे हैं।
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