फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   फतेहाबाद में सच में बेटी बचाने की जरूरत, पिछले चार साल में पहली बार बिगड़ा लिंगानुपात, आठ अंक गिरा

फतेहाबाद में सच में बेटी बचाने की जरूरत, पिछले चार साल में पहली बार बिगड़ा लिंगानुपात, आठ अंक गिरा

Sun, 14 Jan 2018 12:25 AM IST
Updated Sun, 14 Jan 2018 12:25 AM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद में सच में बेटी बचाने की जरूरत, पिछले चार साल में पहली बार बिगड़ा लिंगानुपात, आठ अंक गिरा
अमित रूखाया
विज्ञापन

फतेहाबाद।
प्रदेश में बिगड़े लिंगानुपात में सुधार करने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही है, इसके बावजूद साल 2017 में फतेहाबाद जिले का लिंगानुपात आठ अंक गिर गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट में फतेहाबाद का लिंगानुपात एक हजार लड़कों के पीछे 912 लड़कियां रह गया है जबकि साल 2016 में ही ये आंकड़ा एक हजार के पीछे 920 लड़कियों का था। चार सालों में ये पहला मौका है जब फतेहाबाद जिले का लिंगानुपात बेहतर होने की बजाए बिगड़ा है। जिले में बेटियों की घटती संख्या के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी हैरान हैं और अब एक्शन प्लान पर काम करने की बात कह रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2017 से दिसंबर 2017 तक फतेहाबाद जिले में कुल 16747 बच्चे पैदा हुए जिनमें 8761 लड़के और 7986 लड़कियां थी।
2014 से 16 तक निरंतर बढ़े आंकड़े, फिर आई 8 अंकों की गिरावट
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की मानें तो साल 2014 से लेकर साल 2016 तक फतेहाबाद जिले में लिंगानुपात के आंकड़े लगातार बेहतर ही हुए हैं। जहां साल 2014 में फतेहाबाद जिले में बेटियों का आंकड़ा नौ सौ तक भी नहीं था। फतेहाबाद जिले में साल 2014 में एक हजार लड़कों के पीछे 889 लड़कियां थी जबकि अगले साल 2015 में ये आंकड़ा थोड़ा सा बढ़कर 894 तक ही पहुंचा था। जिले में बेटियों की संख्या के मामले में साल 2016 स्वर्णिम रहा। एक ही साल में बेटों के पीछे बेटियों का आंकड़े में जबरदस्त उछाल आया और जिले का लिंगानुपात बढ़कर 920 तक जा पहुंचा। एक ही साल में 26 अंकों उछाल वास्तव में प्रदेश स्तर पर सुनाई दी गई और पूरे प्रदेश में फतेहाबाद जिले का नाम रोशन हुआ। लेकिन तीन लगातार सालों की बढ़ोतरी के बाद साल 2017 में एक बार फिर 8 अंकों की गिरावट के साथ लिंगानुपात की स्थिति चिंताजनक हो आई।
विज्ञापन

15 गांवों में 7 सौ भी नीचे रहा लिंगानुपात, यहीं से बिगड़ी जिले की स्थिति
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक फतेहाबाद जिले के कुल 15 गांव ऐसे हैं जिनका लिंगानुपात सात सौ भी कम रहा है। इन्हीं गांवों के चलते फतेहाबाद जिले की ओवरऑल स्थिति बिगड़ी है। रिपोर्ट की मानें तो इन गांवों में खैरातीखेड़ा 690, बोदीवाली 667, ढाबीखुर्द 636, डुल्ट 643, दरियापुर 524, नांगला 606, चांदपुरा 595, कुनाल 591, नन्हेड़ीकलां 650, दमकौरा 652, दीवाना 563, हांसपुर 550, अलीका 600, महमड़ा 621 और रतिया टू 659 शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

शहरों में रतिया सबसे शानदार और टोहाना सबसे फिसड्डी रहे लिंगानुपात में
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की मानें तो साल 2017 में रतिया में सबसे अधिक बेटियां पैदा हुई। यहां का लिंगानुपात एक हजार के पीछे 941 लड़कियों का रहा। रतिया में साल 2017 के दौरान कुल पैदा हुए 526 बच्चों में से 271 लड़के और 255 लड़कियां थी। लिंगानुपात में शहरों में टोहाना का लिंगानुपात सबसे खराब रहा। टोहाना में साल 2017 में एक हजार लड़कों के पीछे महज 882 लड़कियां ही पैदा हुई। इसी तरह फतेहाबाद शहर का लिंगानुपात आंकड़ा पूरी तरह जिला आंकड़े के बराबर 912 रहा। इसके अलावा फतेहाबाद शहर के नागरिक अस्पताल में बीते साल में 916 का लिंगानुपात रहा है। इसी तरह टोहाना के नागरिक अस्पताल में साल 2017 में 886 लिंगानुपात रहा है।
लिंग जांच पर सख्ती के बावजूद पिछले साल के मुकाबले कम हुआ आंकड़ा हैरानीजनक
साल 2017 में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने लिंग जांच करने वाले कई गिरोहों पर अपना शिकंजा कसा था। इस दौरान जाखल, रतिया, टोहाना, भट्टू और भूना में भी स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने कई जगह छापे मारकर अवैध गर्भपात के कई मामलों का भांडाफोड़ किया था। इसके अलावा कई मेडिकल की दुकानों पर भी छापेमारी कर अवैध गर्भपात में इस्तेमाल होने वाली टेबलेट्स और औजारों को जब्त किया था। ऐसे में इसके बावजूद फतेहाबाद के लिंगानुपात के आंकड़े पिछले साल के मुकाबले कम होना काफी हैरानीजनक है।

सीएमओ बोले, कमजोर गांवों में चलाना होगा बेटी बचाओ अभियान
इस बारे में बात करने पर सीएमओ डा. मनीष बंसल ने भी पिछले साल के मुकाबले लिंगानुपात के आंकड़े कम रहने पर चिंता जाहिर की है। पिछले साल अवैध गर्भपातों व लिंग जांच पर हमने पूरी तरह नकेल कसने का प्रयास किया था। इस बार हमने कुछ ऐसे गांव चिहनित किए हैं जहां स्थिति बहुत बेकार है। सबसे पहले उन गांवों में बेटी बचाओ अभियान को एक आंदोलन की तरह चलाया जाएगा। इस संदर्भ में जल्द ही अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी।
12एफटीबीपी15 : फतेहाबाद का नागरिक अस्पताल, जहां पिछले साल का लिंगानुपात 916 रहा है।
12एफटीबीपी16 : डा. मनीष बंसल, सिविल सर्जन, फतेहाबाद ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed