फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   टीवी-बाइक-मोबाइल होने पर भी नहीं कटेगा बीपीएल सूची से नाम, नंबरों से होगा निर्धारण

टीवी-बाइक-मोबाइल होने पर भी नहीं कटेगा बीपीएल सूची से नाम, नंबरों से होगा निर्धारण

Mon, 03 Jul 2017 12:04 AM IST
Updated Mon, 03 Jul 2017 12:04 AM IST
विज्ञापन
टीवी-बाइक-मोबाइल होने पर भी नहीं कटेगा बीपीएल सूची से नाम, नंबरों से होगा निर्धारण
अमित रूखाया
विज्ञापन

फतेहाबाद।
अगर आपके घर में टीवी, मोबाइल या बाइक है तो भी निश्चिंत रहिए। आप अभी भी बीपीएल कार्ड धारक की रेस में शामिल हैं। प्रदेश सरकार ने अब बीपीएल कार्ड धारक के घर में टीवी, मोबाइल और बाइक न होने की शर्त को हटा दिया है। दरअसल अब बीपीएल कार्ड धारक का चयन इस आधार पर होगा ही नहीं, बल्कि सरकार अब नंबरों के आधार पर बीपीएल सूची का निर्धारण करेगी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जुलाई माह में ही बीपीएल सूची के सर्वे का काम शुरू हो सकता है। विभाग ने प्रदेश सरकार के संकेत के बाद अपने स्तर पर इसकी तैयारियां शुरू भी कर दी हैं।

इस तरह होगा बीपीएल कार्ड धारक का चयन
बीपीएल सूची के सर्वेयर विभिन्न कॉलोनियों में जाकर उन आवेदकों के घरों में जाएंगे और उनके द्वारा भरे गए फार्म के मुताबिक उनके घरों का निरीक्षण करेंगे। प्रत्येक योग्यता के लिए उन्हें नंबर दिए जाएंगे। जिसके नंबर सबसे कम होंगे, उन आवेदकों को बीपीएल सूची में शामिल कर लिया जाएगा। मसलन एक आवेदक के घर में बाइक और मोबाइल है तो उसकी बाइक का नंबर, हालत देखकर नंबर मिलेंगे। मसलन किसी के पास सस्ती काम चलाऊ बाइक है तो उसे कम नंबर मिलेंगे। किसी के पास अगर महंगी बाइक है तो उसे ज्यादा नंबर दिए जाएंगे। यही स्थिति टीवी और मोबाइल पर भी लागू होगी। अंत में जिस आवेदक के नंबर ज्यादा होंगे, उसे बीपीएल सूची में शामिल नहीं किया जाएगा क्योंकि विभाग के नियमानुसार उसकी आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर पाई जाएगी।
विज्ञापन


जिले में पौने दो लाख कार्डधारक, 55 हजार के करीब बीपीएल परिवार
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल पौने दो लाख से अधिक राशन कार्ड धारक हैं। जिसमें 55 हजार के करीब बीपीएल कार्ड धारक हैं। हालांकि विभिन्न योजनाओं के तहत राशन हासिल करने वाले परिवारों की संख्या एक लाख दस हजार के करीब है। इनमें अंत्योदय योजना, गुलाबी कार्डधारक भी शामिल हैं। अब जुलाई माह से नया बीपीएल सर्वे होने के बाद पता चलेगा कि बीपीएल सर्वे की गिनती बढ़ेगी या नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सर्वे से चलेगा पता, कितने लोगों की सुधरी आर्थिक हालत
जुलाई में संभावित बताए जा रहा ये बीपीएल सर्वे एक और बात के लिए भी खास रहेगा। बीपीएल सर्वे के जरिए प्रदेश सरकार अपने ढाई साल के कार्यकाल की रिपोर्ट चाहती है। दरअसल सरकार इस बीपीएल सर्वे के जरिए ये भी जानना चाहती है कि पिछले दो साल में कितने लोगों की आर्थिक हालत कितनी सुधरी है। इसके चलते इस बार का सर्वे आवेदकों के लिए काफी कठिन भी हो सकता है। लेकिन नंबर सिस्टम लागू करके सरकार ने आवेदकों को राहत देने का प्रयास जरूर किया है।


प्रशासन के लिए कड़ा इम्तिहान, राजनीतिक दखल पर रहेगी सबकी नजर
बीपीएल सूची का सर्वे और प्रकाशन जिला प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकता है। जिले की आबादी लगभग दस लाख के करीब हो चुकी है। इतने विस्तृत सर्वे के लिए पर्याप्त संसाधन और स्टाफ जुटाना भी प्रशासन के लिए चुनौती बनेगा। माना जा रहा है कि अध्यापक, आंगनबाड़ी वर्करों की मदद लेने के लिए जिला प्रशासन पहल कर सकता है। इन सबसे इतर इस बात पर भी सबकी नजर रहेगी कि बीपीएल सूची के सर्वे और प्रकाशन में राजनीतिक दखल कितना रहता है और प्रशासन की ओर से इस दखल को कितनी तवज्जो मिलती है।

पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने बीपीएल सर्वे को जल्द शुरू करने की बात कही थी। उम्मीद है कि इसी माह बीपीएल सर्वे शुरू करने के आदेश जारी हो जाएं।
डॉ. जेके अभीर, उपायुक्त, फतेहाबाद।

अमर उजाला विशेष...
नंबर से तय होगा बीपीएल सूची का नाम
टीवी-बाइक-मोबाइल होने पर भी नहीं कटेगा बीपीएल सूची से नाम
जुलाई से शुरू हो सकता है बीपीएल सूची का नया सर्वे, जिसके होंगे कम नंबर, उसका बनेगा बीपीएल कार्ड
सरकार की मंशा, सर्वे से चलेगा पता कि जिले में कितने लोगों की सुधरी आर्थिक स्थिति


02एफटीबीपी06 : डॉ. जेके अभीर, उपायुक्त, फतेहाबाद । (फाइल फोटो)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed