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राहत : बुजुर्ग की जगह परिजन या पड़ोसी भी ले सकेगा राशन, आधार कार्ड अनिवार्य
Updated Sat, 29 Jul 2017 08:14 PM IST
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बुजुर्गों की जगह परिजन भी ले सकेंगे राशन
- फिर भी आधार कार्ड अनिवार्य होगा अनिवार्य
- राशन लेने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने लागू की नॉमिनी व्यवस्था
- बायोमीट्रिक मशीनों पर बुजुर्गों को आती है कई बार परेशानी, जिले के हजारों लोगों को होगा फायदा
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद । खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने जिले के बुुजुर्गों को बड़ी राहत दी है। अब बुजुर्ग अपने परिवार में किसी भी परिजन को अपना नॉमिनी बनाकर राशन डिपो पर भेजकर अपने लिए राशन मंगा सकते हैं। अकेले रहने वाले बुजुर्ग अपने पड़ोसी को भी ये सुविधा दे सकते हैं। बुजुर्गों के नॉमिनी बुजुर्ग के लिए राशन डिपो पर जाकर राशन ले सकेंगे। उन्हें ही बायोमीट्रिक मशीन पर अपना अंगूठा लगाना होगा। हालांकि नॉमिनी बनकर राशन लेने वाले व्यक्ति को भी बुजुर्ग का आधार कार्ड राशन डिपो पर साथ लेकर जाना अनिवार्य होगा। इसके लिए बुजुर्ग को एक शपथपत्र विभाग के पास जमा करवाना होगा जिसके बाद वो अपने परिजन या पड़ोसी को भी अपना नॉमिनी बनाकर राशन ले सकते हैं।
जिले में पौने पांच लाख से अधिक राशन लेने वाले लाभार्थी, 80 हजार के करीब बुजुर्ग
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के औपचारिक आंकड़ों के मुताबिक फतेहाबाद जिले में 326 राशन डिपू हैं जिनमें 58 शहरी और 268 ग्रामीण क्षेत्रों में डिपू कार्यरत हैं। इसके अलावा जिले में कुल 1 लाख 8 हजार के करीब राशन कार्ड हैं जिनके माध्यम से लगभग साढ़े चार लाख लोग राशन लेते हैं। इनमें से तकरीबन 80 हजार से अधिक लोग 60 साल की उम्र से अधिक के हैं। ऐसे में विभाग की ये नई पहल निश्चित तौर पर बुजुर्गों के लिए काफी फायदेमंद होगी।
इन वजहों से सरकार ने बुजुर्गाें को दी राहत
1. अधिकतर बुजुर्गों के हाथों में झुर्रियां पड़ने से बायोमीट्रिक मशीन में निशान नहीं मिलते।
2. ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को चलने-फिरने में तकलीफ होती है और राशन डिपो तक जाना परेशानी भरा होता है।
3. हाथों की अंगुलियों के निशान मिट जाते हैं जिसके कारण बायोमीट्रिक मशीन में फिंगरप्रिंट स्वीकार ही नहीं करता।
जिले के करीब सभी लोग आधार कार्ड से जुड़े
फतेहाबाद में जिले में लगभग 98 प्रतिशत से अधिक लोग आधार कार्ड से जुड़े हुए हैं। ऐसे में आधार कार्ड सभी के पास हैं। बुजुर्गों की स्थिति में आधार कार्ड काफी फायदेमंद होगा क्योंकि जिन बुजुर्गों के अंगुलियों के निशान अभी मिट चुके हैं, उनके अंगुलियों के निशान आधार कार्ड लेते समय लिए जा चुके हैं। ऐसे में उनके हिस्से का राशन भले ही उनके नामिनी लेकर जाएं, लेकिन विभाग के रिकार्ड में उन्हीं बुजुर्ग के खाते में गिना जाएगा। इससे व्यवस्था बिगड़ने का अंदेशा नहीं रहेगा।
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बुजुर्गों के फिंगर प्रिंट ना मिलने पर राशन डिपो संचालक खड़ी करते थे परेशानी
दरअसल बुजुर्गों के फिंगर प्रिंट बायोमीट्रिक मशीन पर नहीं मिलने से राशन डिपो संचालक बुजुर्ग को राशन देने से मना कर देते थे जिसके चलते बुजुर्गों को परेशानी उठानी पड़ती थी। राशन डिपो संचालक अपने स्थान पर उचित थे क्योंकि बायोमीट्रिक मशीन में इंट्री के आधार पर ही उन्हें राशन का स्टॉक दिखाना पड़ता था। ऐसे में सरकार की इस नई व्यवस्था से राशन डिपो संचालक और बुजुर्ग दोनों की परेशानी दूर हो जाएगी।
वर्जन
बिल्कुल विभाग ने ये व्यवस्था लागू कर दी है। इससे जिले भर के हजारों बुजुर्गों को फायदा होगा। खासकर वो लोग, जो उम्र के कारण राशन डिपो पर नहीं जा सकते या जिनके अंगुलियों के निशान मिट या धुंधले पड़ गए हैं।’
- अशोक बंसल, डीएफएससी, फतेहाबाद।
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- फिर भी आधार कार्ड अनिवार्य होगा अनिवार्य
- राशन लेने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने लागू की नॉमिनी व्यवस्था
- बायोमीट्रिक मशीनों पर बुजुर्गों को आती है कई बार परेशानी, जिले के हजारों लोगों को होगा फायदा
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद । खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने जिले के बुुजुर्गों को बड़ी राहत दी है। अब बुजुर्ग अपने परिवार में किसी भी परिजन को अपना नॉमिनी बनाकर राशन डिपो पर भेजकर अपने लिए राशन मंगा सकते हैं। अकेले रहने वाले बुजुर्ग अपने पड़ोसी को भी ये सुविधा दे सकते हैं। बुजुर्गों के नॉमिनी बुजुर्ग के लिए राशन डिपो पर जाकर राशन ले सकेंगे। उन्हें ही बायोमीट्रिक मशीन पर अपना अंगूठा लगाना होगा। हालांकि नॉमिनी बनकर राशन लेने वाले व्यक्ति को भी बुजुर्ग का आधार कार्ड राशन डिपो पर साथ लेकर जाना अनिवार्य होगा। इसके लिए बुजुर्ग को एक शपथपत्र विभाग के पास जमा करवाना होगा जिसके बाद वो अपने परिजन या पड़ोसी को भी अपना नॉमिनी बनाकर राशन ले सकते हैं।
जिले में पौने पांच लाख से अधिक राशन लेने वाले लाभार्थी, 80 हजार के करीब बुजुर्ग
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के औपचारिक आंकड़ों के मुताबिक फतेहाबाद जिले में 326 राशन डिपू हैं जिनमें 58 शहरी और 268 ग्रामीण क्षेत्रों में डिपू कार्यरत हैं। इसके अलावा जिले में कुल 1 लाख 8 हजार के करीब राशन कार्ड हैं जिनके माध्यम से लगभग साढ़े चार लाख लोग राशन लेते हैं। इनमें से तकरीबन 80 हजार से अधिक लोग 60 साल की उम्र से अधिक के हैं। ऐसे में विभाग की ये नई पहल निश्चित तौर पर बुजुर्गों के लिए काफी फायदेमंद होगी।
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इन वजहों से सरकार ने बुजुर्गाें को दी राहत
1. अधिकतर बुजुर्गों के हाथों में झुर्रियां पड़ने से बायोमीट्रिक मशीन में निशान नहीं मिलते।
2. ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को चलने-फिरने में तकलीफ होती है और राशन डिपो तक जाना परेशानी भरा होता है।
3. हाथों की अंगुलियों के निशान मिट जाते हैं जिसके कारण बायोमीट्रिक मशीन में फिंगरप्रिंट स्वीकार ही नहीं करता।
जिले के करीब सभी लोग आधार कार्ड से जुड़े
फतेहाबाद में जिले में लगभग 98 प्रतिशत से अधिक लोग आधार कार्ड से जुड़े हुए हैं। ऐसे में आधार कार्ड सभी के पास हैं। बुजुर्गों की स्थिति में आधार कार्ड काफी फायदेमंद होगा क्योंकि जिन बुजुर्गों के अंगुलियों के निशान अभी मिट चुके हैं, उनके अंगुलियों के निशान आधार कार्ड लेते समय लिए जा चुके हैं। ऐसे में उनके हिस्से का राशन भले ही उनके नामिनी लेकर जाएं, लेकिन विभाग के रिकार्ड में उन्हीं बुजुर्ग के खाते में गिना जाएगा। इससे व्यवस्था बिगड़ने का अंदेशा नहीं रहेगा।
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बुजुर्गों के फिंगर प्रिंट ना मिलने पर राशन डिपो संचालक खड़ी करते थे परेशानी
दरअसल बुजुर्गों के फिंगर प्रिंट बायोमीट्रिक मशीन पर नहीं मिलने से राशन डिपो संचालक बुजुर्ग को राशन देने से मना कर देते थे जिसके चलते बुजुर्गों को परेशानी उठानी पड़ती थी। राशन डिपो संचालक अपने स्थान पर उचित थे क्योंकि बायोमीट्रिक मशीन में इंट्री के आधार पर ही उन्हें राशन का स्टॉक दिखाना पड़ता था। ऐसे में सरकार की इस नई व्यवस्था से राशन डिपो संचालक और बुजुर्ग दोनों की परेशानी दूर हो जाएगी।
वर्जन
बिल्कुल विभाग ने ये व्यवस्था लागू कर दी है। इससे जिले भर के हजारों बुजुर्गों को फायदा होगा। खासकर वो लोग, जो उम्र के कारण राशन डिपो पर नहीं जा सकते या जिनके अंगुलियों के निशान मिट या धुंधले पड़ गए हैं।’
- अशोक बंसल, डीएफएससी, फतेहाबाद।