तीन साल में 55 सौ आवेदन, लेकिन 54 लोगों को ही मिली छत, मंत्री की ननिहाल में बना दिए 16 मकान

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Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 25 May 2019 12:04 AM IST

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भूना। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भूना खंड की 14 ग्राम पंचायतें वर्ष 2016 से लेकर आज तक मात्र 54 पात्रों को ही छत मुहैया करवा पाई हैं। जबकि इसमें सर्वाधिक गांव बोस्ती में मकान बनाए गए हैं। जो केबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी का ननिहाल है। बोस्ती गांव में अकेले 16 मकान प्रशासन द्वारा बनाकर दिए हैं। किंतु 15 ग्राम पंचायतों में एक भी मकान योग्य पात्र परिवार को नहीं दिया गया है। जबकि भूना की 29 ग्राम पंचायतों में 55 सौ से भी अधिक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए आवेदन जमा करवाए गए थे। किंतु तीन वर्षों में मात्र 54 परिवारों को ही इस योजना का लाभ मिल पाया है। परंतु 5 हजार से अधिक लोग इंतजार कर रहे हैं। इनमें कई लोग झुग्गी-झोपडिय़ों व खुले आसमान में भी अपना परिवार के साथ रहने में मजबूर हैं।
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यहां बने योजना के तहत मकान
प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत ग्राम पंचायत बैजलपुर, ग्राम पंचायत धौलू, ग्राम पंचायत डूल्ट व ग्राम पंचायत नहला में मात्र एक-एक मकान बनाकर दिए गए हैं। जबकि ग्राम पंचायत भूथन खुर्द, बुवान, चौबारा, जांडली खुर्द, नाढ़ोडी में दो-दो मकान आवेदन कर्ताओं को प्राप्त हुए हैं। ग्राम पंचायत गोरखपुर में 4 व ग्राम पंचायत ढाणी सांचला में 6 तथा ग्राम पंचायत टिब्बी में 8 मकान योजना के तहत तैयार हुए हैं। ग्राम पंचायत दहमान में 10 व ग्राम पंचायत बोस्ती में 16 मकानों के लिए योजना का अनुदान दिया गया है। योजना के लाभ के लिए आवेदन कर्ता राजेंद्र सिंह व कृष्ण कुमार ने बताया कि उन्होंने पिछले तीन वर्ष पहले प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत लाभ लेने के लिए आवेदन किया था। किंतु वह गरीब हैं और किसी राजनेता तक उनकी पहुंच नहीं। इसलिए उनका मकान आज तक नहीं बना।

क्या कहते हैं अधिकारी
खंड विकास पंचायत अधिकारी सोमबीर कादियान ने बताया कि सरकार की योजना का अधिक से अधिक लाभ देने के लिए योग्य पात्र परिवारों को मकान बनाने के लिए चयन किया जाता है। नियमों के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति को मकान बनाने के लिए प्राथमिकता मिलती है। उन्होंने बताया कि भूना का उनके पास अतिरिक्त कार्यभार है। पूरी डिटेल दस्तावेज देखने के बाद ही दी जा सकती है। बीडीपीओ के मुख्य लिपिक सुरेंद्र महला ने बताया कि वर्ष 2016-17 से 15 ग्राम पंचायतों में 54 रिहायशी मकान बनाकर दिए हैं। परंतु अन्य आवेदनों पर जांच प्रक्रिया चल रही है।

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