{"_id":"5c8405a2bdec22140a174578","slug":"151552156066-fatehabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले बरती ढिलाई, अब नियमों को ताक पर रखकर नगर परिषद की बजट बैठक बुलाने की तैयारी !","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले बरती ढिलाई, अब नियमों को ताक पर रखकर नगर परिषद की बजट बैठक बुलाने की तैयारी !
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। अब तक पार्षदों की बजट बैठक बुलाने में ढिलाई बरतने वाले नगर परिषद प्रशासन ने अब नियमों को ताक पर रखकर 12 मार्च की तारीख तय कर दी है। नियमानुसार किसी भी बैठक की सूचना पार्षदों के पास कम से कम सात दिन पहले लिखित रूप में पहुंचनी चाहिए, लेकिन इस बार इस नियम का ख्याल ही नहीं रखा गया। इतना ही नहीं, जिस बैठक के लिए तीन या चार मार्च को सूचना भेजी जानी चाहिए थी, 12 मार्च को होने वाली उस बैठक के लिए औपचारिक लिखित सूचना का पत्र ही सात मार्च का है। इस पर भी अधिकतर पार्षदों को लिखित सूचना की बजाए फोन करके ही बैठक के बारे में बताया जा रहा है।
आचार संहिता लगी तो 5 माह बाद होगी नगर परिषद की बैठक
नगर परिषद की 12 मार्च को प्रस्तावित बजट बैठक पर आचार संहिता की तलवार लटकी हुई है। संभावना जताई जा रही है कि रविवार या सोमवार तक लोकसभा चुनावों का एलान हो सकता है। चुनावों के एलान के साथ ही प्रदेशभर में आचार संहिता लग जाएगी। ऐसे में नगर परिषद की बजट बैठक पर भी संकट के बादल गहरा सकते हैं। ऐसा होता है तो बजट बैठक मई के अंतिम सप्ताह या जून के प्रथम सप्ताह में ही संभव हो पाएगी। अगर आचार संहिता बजट बैठक से पहले नहीं लगती तो भी पिछली बैठक के पांच माह के बाद जाकर ये बैठक होगी। पिछली बैठक तीन अक्तूबर को आयोजित की गई थी।
जिन टेंडरों की आस में अटकी थी बजट बैठक, उनके वर्क परमिट मिलने से पहले टेंडर रद्द
नगर परिषद अध्यक्ष व प्रशासन इस आस में बजट बैठक को लटकाते रहे कि अक्तूबर 2018 में हुई अंतिम बैठक में जो प्रस्ताव पास किए गए थे। उनके टेंडर अलाट कर दिए जाएं। इसके लिए आनन-फानन में टेंडर अलाट भी कर दिए गए, लेकिन इससे पहले कि वर्क आर्डर जारी हो पाते। एक ठेकेदार की शिकायत के बाद नप प्रशासन ने 38 कामों के टेंडर रद्द कर दोबारा आवेदन मांग लिए थे। इस बीच अगर दोबारा टेंडर खोले जाने से पहले अगर आचार संहित लगती है तो पिछली बैठक के प्रस्ताव भी अपने अंजाम तक नहीं पहुंच पाएंगे। इसका सीधा मतलब ये होगा कि जून माह तक शहर के सारे विकास कार्य ठप हो जाएंगे।
विज्ञापन
इन मुख्य कामों के टेंडर हुए थे रद्द
1. शहर की मुख्य सडक़ों के डिवाइडर पर ग्रिल लगाने का काम
2. शहर भर में सीसीटीवी लगाने का काम
3. शिवपुरी में 25 लाख की लागत से पार्क बनवाना
4. दीवाली के बाद स्ट्रीट लाइटों को एलईडी से बदलना
5. बंदर पकडने का ठेका दिया जाना था, फिलहाल टेंडर लगाया गया है।
‘लिखित में बैठक के लिए कोई औपचारिक सूचना नहीं आई है। नप कार्यालय से 12 मार्च को बजट बैठक के बारे में सूचित करने के लिए फोन आया था। उम्मीद है कि इस बैठक पर आचार संहिता का असर नहीं पड़ेगा।’
अनीता कुक्कड़, पार्षद वार्ड नंबर 10
विज्ञापन
फतेहाबाद। अब तक पार्षदों की बजट बैठक बुलाने में ढिलाई बरतने वाले नगर परिषद प्रशासन ने अब नियमों को ताक पर रखकर 12 मार्च की तारीख तय कर दी है। नियमानुसार किसी भी बैठक की सूचना पार्षदों के पास कम से कम सात दिन पहले लिखित रूप में पहुंचनी चाहिए, लेकिन इस बार इस नियम का ख्याल ही नहीं रखा गया। इतना ही नहीं, जिस बैठक के लिए तीन या चार मार्च को सूचना भेजी जानी चाहिए थी, 12 मार्च को होने वाली उस बैठक के लिए औपचारिक लिखित सूचना का पत्र ही सात मार्च का है। इस पर भी अधिकतर पार्षदों को लिखित सूचना की बजाए फोन करके ही बैठक के बारे में बताया जा रहा है।
आचार संहिता लगी तो 5 माह बाद होगी नगर परिषद की बैठक
नगर परिषद की 12 मार्च को प्रस्तावित बजट बैठक पर आचार संहिता की तलवार लटकी हुई है। संभावना जताई जा रही है कि रविवार या सोमवार तक लोकसभा चुनावों का एलान हो सकता है। चुनावों के एलान के साथ ही प्रदेशभर में आचार संहिता लग जाएगी। ऐसे में नगर परिषद की बजट बैठक पर भी संकट के बादल गहरा सकते हैं। ऐसा होता है तो बजट बैठक मई के अंतिम सप्ताह या जून के प्रथम सप्ताह में ही संभव हो पाएगी। अगर आचार संहिता बजट बैठक से पहले नहीं लगती तो भी पिछली बैठक के पांच माह के बाद जाकर ये बैठक होगी। पिछली बैठक तीन अक्तूबर को आयोजित की गई थी।
विज्ञापन
जिन टेंडरों की आस में अटकी थी बजट बैठक, उनके वर्क परमिट मिलने से पहले टेंडर रद्द
नगर परिषद अध्यक्ष व प्रशासन इस आस में बजट बैठक को लटकाते रहे कि अक्तूबर 2018 में हुई अंतिम बैठक में जो प्रस्ताव पास किए गए थे। उनके टेंडर अलाट कर दिए जाएं। इसके लिए आनन-फानन में टेंडर अलाट भी कर दिए गए, लेकिन इससे पहले कि वर्क आर्डर जारी हो पाते। एक ठेकेदार की शिकायत के बाद नप प्रशासन ने 38 कामों के टेंडर रद्द कर दोबारा आवेदन मांग लिए थे। इस बीच अगर दोबारा टेंडर खोले जाने से पहले अगर आचार संहित लगती है तो पिछली बैठक के प्रस्ताव भी अपने अंजाम तक नहीं पहुंच पाएंगे। इसका सीधा मतलब ये होगा कि जून माह तक शहर के सारे विकास कार्य ठप हो जाएंगे।
विज्ञापन
इन मुख्य कामों के टेंडर हुए थे रद्द
1. शहर की मुख्य सडक़ों के डिवाइडर पर ग्रिल लगाने का काम
2. शहर भर में सीसीटीवी लगाने का काम
3. शिवपुरी में 25 लाख की लागत से पार्क बनवाना
4. दीवाली के बाद स्ट्रीट लाइटों को एलईडी से बदलना
5. बंदर पकडने का ठेका दिया जाना था, फिलहाल टेंडर लगाया गया है।
‘लिखित में बैठक के लिए कोई औपचारिक सूचना नहीं आई है। नप कार्यालय से 12 मार्च को बजट बैठक के बारे में सूचित करने के लिए फोन आया था। उम्मीद है कि इस बैठक पर आचार संहिता का असर नहीं पड़ेगा।’
अनीता कुक्कड़, पार्षद वार्ड नंबर 10