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लांबा ढाणी में गिरी मकान की छत, बाल-बाल बची मां बेटी
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मकान की गिरी छत, बाल-बाल बची मां-बेटी
अमर उजाला ब्यूरो
रतिया। गांव स्कूल लांबा ढाणी में उस समय एक बहुत बड़ा हादसा होते हुए बच गया, जब एकाएक सोए हुए परिवार पर कमरे की छत गिर गई। हालांकि इस हादसे में कमरे में सोई विधवा महिला व उसकी बेटी बाल-बाल बच गई, लेकिन छत के मलबे के प्रभाव के चलते कमरे के अंदर रखा हजारों रुपयों का घरेलू सामान पूरी तरह नष्ट हो गया। बताया जाता है कि 2 दिन पहले आई बारिश के प्रभाव के पश्चात कड़कती धूप के कारण ही कमरे की छत गिरी है। गांव स्कूल लांबा ढाणी की विधवा पंपी बाई ने बताया कि मंगलवार रात को वह तथा उसकी बेटी घर के कमरे में सोई हुई थी तो बुधवार सुबह उनके कमरे की छत का हिस्सा गिर गया। जैसे ही छत गिरने का धमाका हुआ तो दोनों ने भागकर जान बचाई, जिसके चलते उनको मामूली चोटें भी पहुंची। छत गिरने के धमाके के पश्चात आसपास के लोग भी एकत्रित हो गए और उन्होंने ही बचाव करते हुए कमरे में रखे सामान को निकालने का प्रयास किया। विधवा महिला ने बताया कि घर में वह तथा उसकी बेटी ही रहती हैं, जबकि परिवार में कोई भी कमाने वाला नहीं है। छत गिरने से घर का पूरा सामान नष्ट हो गया है। विधवा ने पंचायत के अलावा प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। इधर दूसरी तरफ गांव के लोगों ने भी प्रशासन से विधवा परिवार को आर्थिक सहयोग देने का आह्वान किया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
रतिया। गांव स्कूल लांबा ढाणी में उस समय एक बहुत बड़ा हादसा होते हुए बच गया, जब एकाएक सोए हुए परिवार पर कमरे की छत गिर गई। हालांकि इस हादसे में कमरे में सोई विधवा महिला व उसकी बेटी बाल-बाल बच गई, लेकिन छत के मलबे के प्रभाव के चलते कमरे के अंदर रखा हजारों रुपयों का घरेलू सामान पूरी तरह नष्ट हो गया। बताया जाता है कि 2 दिन पहले आई बारिश के प्रभाव के पश्चात कड़कती धूप के कारण ही कमरे की छत गिरी है। गांव स्कूल लांबा ढाणी की विधवा पंपी बाई ने बताया कि मंगलवार रात को वह तथा उसकी बेटी घर के कमरे में सोई हुई थी तो बुधवार सुबह उनके कमरे की छत का हिस्सा गिर गया। जैसे ही छत गिरने का धमाका हुआ तो दोनों ने भागकर जान बचाई, जिसके चलते उनको मामूली चोटें भी पहुंची। छत गिरने के धमाके के पश्चात आसपास के लोग भी एकत्रित हो गए और उन्होंने ही बचाव करते हुए कमरे में रखे सामान को निकालने का प्रयास किया। विधवा महिला ने बताया कि घर में वह तथा उसकी बेटी ही रहती हैं, जबकि परिवार में कोई भी कमाने वाला नहीं है। छत गिरने से घर का पूरा सामान नष्ट हो गया है। विधवा ने पंचायत के अलावा प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। इधर दूसरी तरफ गांव के लोगों ने भी प्रशासन से विधवा परिवार को आर्थिक सहयोग देने का आह्वान किया है।