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विमुक्त घुमन्तु जनजातियों ने सिरसा लोकसभा व 7 विस सीटों पर मांगी टिकट
Updated Wed, 23 May 2018 01:20 AM IST
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विमुक्त घुमन्तु जनजातियों ने सिरसा लोस व 7 विस सीटों पर मांगी टिकट
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। विमुक्त घुमन्तु जनजाति सुधार सेवा समिति हरियाणा का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन फतेहाबाद में आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में प्रदेशभर के विमुक्त घुमन्तु जनजातियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सम्मेलन की अध्यक्षता डा. बलवान सिंह, चेयरमैन विमुक्त घुमन्तू जाति विकास बोर्ड तथा संयोजक दलीप सिंह बेधड़क थे। मुख्य वक्ता के तौर पर का. रामस्वरूप सोतरिया, अध्यक्ष अखिल भारतीय बाजीगर बंजारा सुधार सेवा समिति ने भाग लिया और 21 सूत्री मांग पत्र प्रस्तुत किया गया। इसमें मुख्यमंत्री द्वारा अब तक की गई घोषणाओं को 31 जुलाई तक पूरा करने की मांग भी की गई।इस अवसर पर विमुक्त घुमन्तु विकास बोर्ड के सदस्य लक्ष्मण नापा, ईश्वर सिंह धर्मशोत, भीम सिंह, जैमल सिंह, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य अशोक माजरा, ओड समाज के अध्यक्ष शंकर लाल, बंजारा समाज से धनपत बंजारा, रणजीत सिंह मैनेजर, प्रेम सिंह वड़वाल, जगदीश नायक, प्रो. पवन सागर, पवन कुमार, हरिओम भारकर, रणमाल बालासर, राजेन्द्र देशूजोधा, बाबरी समाज सपेरा समाज से ओमप्रकाश नाथ, राजेन्द्र कुमार आदि मौजूद थे। ज्ञापन में मांग की गई है कि सभी विमुक्त घुमन्तु जातियों को जनजाति/एसटी में शामिल किया जाए। विमुक्त घुमन्तु जाति विकास बोर्ड को विमुक्त घुमन्तु जनजाति आयोग बनाकर संवैधानिक दर्जा दिया जाए व दूसरे आयोगों की तरह अलग से बजट की व्यवस्था की जाए। बोर्ड के सदस्यों व चेयरमैन को दूसरे आयोग की तरह वेतन, भत्ते व शक्तियां दी जाएं ताकि आर्थिक अभाव के कारण सामाजिक कार्यों में बाधा न आए। समाज के लोगों को प्रमुख आयोगों, बोर्ड व राज्यसभा में प्रतिनिधित्व दिया जाए। समाज के लोगों को रिहायशी आवास की व्यवस्था की जाए, उन्हें सभी सरकारी योजनाओं में लाभ लेने के लिए बीपीएल अनिवार्यता की शर्त को हटाया जाए। ग्रामीण क्षेत्र में पंचायती व कस्टोडियन भूमि में जहां पर घुमन्तु जनजातियों के लोग बैठे हैं, उन्हें मालिकाना हक दिया जाए व लाल डोरे का क्षेत्र बढ़ाया जाए। विमुक्त घुमन्तु जातियों में से एक सदस्य को मुख्यमंत्री का ओएसडी नियुक्त किया जाए, जातिगत विसंगतियों को ठीक किया जाए, इन जातियों के बच्चों को शैक्षणिक संस्थाओं व सरकारी नौकरियों में अनूसूचित बजाति व पिछड़ा वर्ग के अतिरिक्त पांच अंक देने, समाज के महापुरूषों की जयंती सरकारी तौर पर मनाने, फतेहाबाद में डिग्री कालेज की स्थापना कर उसका नाम डीएनटी के महापुरुषों के नाम पर रखे, डीएनटी समाज के लोगों की बैठक हेतु सामुदायिक केन्द्र की स्थापना करने की मांग की है। इसके अलावा विमुक्त घुमन्तु जनजातियों को आने वाले चुनावों में सिरसा लोकसभा क्षेत्र तथा सात विधानसभा क्षेत्रों कालांवाली, रतिया, गुहला, उकलाना, बवानीखेड़ा, नीलोखेड़ी व मुलाना से उम्मीदवार बनाने की भी मांग की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। विमुक्त घुमन्तु जनजाति सुधार सेवा समिति हरियाणा का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन फतेहाबाद में आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में प्रदेशभर के विमुक्त घुमन्तु जनजातियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सम्मेलन की अध्यक्षता डा. बलवान सिंह, चेयरमैन विमुक्त घुमन्तू जाति विकास बोर्ड तथा संयोजक दलीप सिंह बेधड़क थे। मुख्य वक्ता के तौर पर का. रामस्वरूप सोतरिया, अध्यक्ष अखिल भारतीय बाजीगर बंजारा सुधार सेवा समिति ने भाग लिया और 21 सूत्री मांग पत्र प्रस्तुत किया गया। इसमें मुख्यमंत्री द्वारा अब तक की गई घोषणाओं को 31 जुलाई तक पूरा करने की मांग भी की गई।इस अवसर पर विमुक्त घुमन्तु विकास बोर्ड के सदस्य लक्ष्मण नापा, ईश्वर सिंह धर्मशोत, भीम सिंह, जैमल सिंह, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य अशोक माजरा, ओड समाज के अध्यक्ष शंकर लाल, बंजारा समाज से धनपत बंजारा, रणजीत सिंह मैनेजर, प्रेम सिंह वड़वाल, जगदीश नायक, प्रो. पवन सागर, पवन कुमार, हरिओम भारकर, रणमाल बालासर, राजेन्द्र देशूजोधा, बाबरी समाज सपेरा समाज से ओमप्रकाश नाथ, राजेन्द्र कुमार आदि मौजूद थे। ज्ञापन में मांग की गई है कि सभी विमुक्त घुमन्तु जातियों को जनजाति/एसटी में शामिल किया जाए। विमुक्त घुमन्तु जाति विकास बोर्ड को विमुक्त घुमन्तु जनजाति आयोग बनाकर संवैधानिक दर्जा दिया जाए व दूसरे आयोगों की तरह अलग से बजट की व्यवस्था की जाए। बोर्ड के सदस्यों व चेयरमैन को दूसरे आयोग की तरह वेतन, भत्ते व शक्तियां दी जाएं ताकि आर्थिक अभाव के कारण सामाजिक कार्यों में बाधा न आए। समाज के लोगों को प्रमुख आयोगों, बोर्ड व राज्यसभा में प्रतिनिधित्व दिया जाए। समाज के लोगों को रिहायशी आवास की व्यवस्था की जाए, उन्हें सभी सरकारी योजनाओं में लाभ लेने के लिए बीपीएल अनिवार्यता की शर्त को हटाया जाए। ग्रामीण क्षेत्र में पंचायती व कस्टोडियन भूमि में जहां पर घुमन्तु जनजातियों के लोग बैठे हैं, उन्हें मालिकाना हक दिया जाए व लाल डोरे का क्षेत्र बढ़ाया जाए। विमुक्त घुमन्तु जातियों में से एक सदस्य को मुख्यमंत्री का ओएसडी नियुक्त किया जाए, जातिगत विसंगतियों को ठीक किया जाए, इन जातियों के बच्चों को शैक्षणिक संस्थाओं व सरकारी नौकरियों में अनूसूचित बजाति व पिछड़ा वर्ग के अतिरिक्त पांच अंक देने, समाज के महापुरूषों की जयंती सरकारी तौर पर मनाने, फतेहाबाद में डिग्री कालेज की स्थापना कर उसका नाम डीएनटी के महापुरुषों के नाम पर रखे, डीएनटी समाज के लोगों की बैठक हेतु सामुदायिक केन्द्र की स्थापना करने की मांग की है। इसके अलावा विमुक्त घुमन्तु जनजातियों को आने वाले चुनावों में सिरसा लोकसभा क्षेत्र तथा सात विधानसभा क्षेत्रों कालांवाली, रतिया, गुहला, उकलाना, बवानीखेड़ा, नीलोखेड़ी व मुलाना से उम्मीदवार बनाने की भी मांग की है।