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अविश्वास प्रस्ताव : नहीं बची जिप अध्यक्षा की कुर्सी, 14 में से सिर्फ खुद का ही वोट अपने पक्ष में डाल सकी गीता, बाकी 13 पार्षद रह
Updated Wed, 12 Dec 2018 11:52 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। जिला परिषद चेयरपर्सन गीता नांगली के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर डीसी कार्यालय में बुधवार सुबह वोटिंग हुई। इस दौरान 18 में से कुल 14 जिला परिषद सदस्य पहुंचे और 13 वोट गीता नांगली के खिलाफ पड़े। नांगली को महज अपना ही एक वोट मिला। इसके चलते गीता नांगली बैठक औपचारिक रूप से समाप्त होने से पहले ही बाहर निकल आई और गाड़ी में बैठकर टोहाना की ओर चली गई। डीसी डा. जेके आभीर ने गीता नांगली के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास होने का औपचारिक एलान किया। दूसरी ओर विरोधी जिप सदस्यों ने गीता नांगली को जिले के गांवों के विकास में बाधा बताते हुए उनके हटने पर खुशी जताई। चुनाव आयोग के निर्देशों के चलते जिला प्रशासन ने इस बार ईवीएम से ही वोटिंग करवाई।
चंडीगढ़ से एक रात पहले ही सिरसा के सुरखाब पर्यटन केंद्र पहुंचे विरोधी जिप सदस्य
पिछले कई दिनों से चंडीगढ़ में डेरा डाले बैठे 14 विरोधी जिला परिषद सदस्य वोटिंग से एक रात पहले ही सिरसा पहुंच गए थे। सभी पार्षदों ने सिरसा के सुरखाब पर्यटन केंद्र में डेरा डाल लिया था। इसके बाद सुबह साढ़े दस बजे 10 पार्षद एक ट्रैवलर गाड़ी में सवार होकर फतेहाबाद लघु सचिवालय पहुंचे। इसके अलावा महिला पार्षद सुनीता कस्वां एवं बीबो इंदौरा एक अन्य फार्च्यूनर गाड़ी में सवार होकर पहुंची। दूसरी ओर निवर्तमान जिप चेयरमैन गीता नांगली बुधवार सुबह सबसे पहले लघु सचिवालय पहुंच गई थी और सीधा डीसी दफ्तर के बैठक कक्ष में अपनी सीट पर जाकर बैठ गई। वह तकरीबन आधे घंटे से ज्यादा समय तक कमरे में अकेले ही बैठी रही। उनके पति कृष्ण नांगली बुधवार को लघु सचिवालय नहीं पहुंचे।
युक्ति गोदारा और बलजीत कौर नहीं पहुंची वोट डालने
बीजेपी समर्थित पार्षद युक्ति गोदारा और कांग्रेस समर्थित पार्षद बलजीत कौर बुधवार को अविश्वास प्रस्ताव में शामिल होने के लिए लघु सचिवालय नहीं पहुंची। बताया गया है कि युक्ति गोदारा के देवर आकाश गोदारा का विवाह होने के चलते बुधवार को दिल्ली में थी और इस संदर्भ में उसने पहले ही बीजेपी हाईकमान को सूचित कर दिया था। बलजीत कौर के न पहुंचने के पीछे कोई कारण स्पष्ट तौर पर सामने नहीं आ सका। उधर दो जिला परिषद सदस्य मंदीप कौर गिल एवं सुरजीत ओड घूसकांड के चलते जेल में हैं। इसके चलते वो वोट डालने नहीं आ सके।
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वर्जन
पिछले दो सालों से विकास कार्यों पर ब्रेक लग गया था। पिछले दो सालों से चेयरमैन मनमर्जी कर रही थीं। इसके कारण सभी पार्षद ठगा सा महसूस कर रहे थे। आखिरकार मजबूरीवश उनको हटाना ही अंतिम विकल्प बच गया था। अब नया प्रधान चुनने के लिए बैठक करेंगे और विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाएंगे।
रामचंद्र सहनाल, जिला पार्षद ।
14 पार्षदों ने पिछले दिनों ज्ञापन सौंपकर मौजूदा जिप चेयरपर्सन गीता नांगली के खिलाफ अविश्वास जताया था। बुधवार को इसके लिए वोटिंग करवाई थी। कुल 18 में से 14 पार्षद पहुंचे थे, जिसमें से 13 वोट अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में गए हैं और एक वोट प्रस्ताव के खिलाफ में जाने के चलते गीता नांगली को पद से हटा दिया गया है। इस संदर्भ में औपचारिक नोटिफिकेशन सरकार को भेजी जाएगी।
- डा. जेके आभीर, उपायुक्त फतेहाबाद।
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फतेहाबाद। जिला परिषद चेयरपर्सन गीता नांगली के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर डीसी कार्यालय में बुधवार सुबह वोटिंग हुई। इस दौरान 18 में से कुल 14 जिला परिषद सदस्य पहुंचे और 13 वोट गीता नांगली के खिलाफ पड़े। नांगली को महज अपना ही एक वोट मिला। इसके चलते गीता नांगली बैठक औपचारिक रूप से समाप्त होने से पहले ही बाहर निकल आई और गाड़ी में बैठकर टोहाना की ओर चली गई। डीसी डा. जेके आभीर ने गीता नांगली के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास होने का औपचारिक एलान किया। दूसरी ओर विरोधी जिप सदस्यों ने गीता नांगली को जिले के गांवों के विकास में बाधा बताते हुए उनके हटने पर खुशी जताई। चुनाव आयोग के निर्देशों के चलते जिला प्रशासन ने इस बार ईवीएम से ही वोटिंग करवाई।
चंडीगढ़ से एक रात पहले ही सिरसा के सुरखाब पर्यटन केंद्र पहुंचे विरोधी जिप सदस्य
पिछले कई दिनों से चंडीगढ़ में डेरा डाले बैठे 14 विरोधी जिला परिषद सदस्य वोटिंग से एक रात पहले ही सिरसा पहुंच गए थे। सभी पार्षदों ने सिरसा के सुरखाब पर्यटन केंद्र में डेरा डाल लिया था। इसके बाद सुबह साढ़े दस बजे 10 पार्षद एक ट्रैवलर गाड़ी में सवार होकर फतेहाबाद लघु सचिवालय पहुंचे। इसके अलावा महिला पार्षद सुनीता कस्वां एवं बीबो इंदौरा एक अन्य फार्च्यूनर गाड़ी में सवार होकर पहुंची। दूसरी ओर निवर्तमान जिप चेयरमैन गीता नांगली बुधवार सुबह सबसे पहले लघु सचिवालय पहुंच गई थी और सीधा डीसी दफ्तर के बैठक कक्ष में अपनी सीट पर जाकर बैठ गई। वह तकरीबन आधे घंटे से ज्यादा समय तक कमरे में अकेले ही बैठी रही। उनके पति कृष्ण नांगली बुधवार को लघु सचिवालय नहीं पहुंचे।
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युक्ति गोदारा और बलजीत कौर नहीं पहुंची वोट डालने
बीजेपी समर्थित पार्षद युक्ति गोदारा और कांग्रेस समर्थित पार्षद बलजीत कौर बुधवार को अविश्वास प्रस्ताव में शामिल होने के लिए लघु सचिवालय नहीं पहुंची। बताया गया है कि युक्ति गोदारा के देवर आकाश गोदारा का विवाह होने के चलते बुधवार को दिल्ली में थी और इस संदर्भ में उसने पहले ही बीजेपी हाईकमान को सूचित कर दिया था। बलजीत कौर के न पहुंचने के पीछे कोई कारण स्पष्ट तौर पर सामने नहीं आ सका। उधर दो जिला परिषद सदस्य मंदीप कौर गिल एवं सुरजीत ओड घूसकांड के चलते जेल में हैं। इसके चलते वो वोट डालने नहीं आ सके।
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पिछले दो सालों से विकास कार्यों पर ब्रेक लग गया था। पिछले दो सालों से चेयरमैन मनमर्जी कर रही थीं। इसके कारण सभी पार्षद ठगा सा महसूस कर रहे थे। आखिरकार मजबूरीवश उनको हटाना ही अंतिम विकल्प बच गया था। अब नया प्रधान चुनने के लिए बैठक करेंगे और विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाएंगे।
रामचंद्र सहनाल, जिला पार्षद ।
14 पार्षदों ने पिछले दिनों ज्ञापन सौंपकर मौजूदा जिप चेयरपर्सन गीता नांगली के खिलाफ अविश्वास जताया था। बुधवार को इसके लिए वोटिंग करवाई थी। कुल 18 में से 14 पार्षद पहुंचे थे, जिसमें से 13 वोट अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में गए हैं और एक वोट प्रस्ताव के खिलाफ में जाने के चलते गीता नांगली को पद से हटा दिया गया है। इस संदर्भ में औपचारिक नोटिफिकेशन सरकार को भेजी जाएगी।
- डा. जेके आभीर, उपायुक्त फतेहाबाद।