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पचास गांवों को 24 घंटे बिजली देने को निगम सर्वाधिक बिजली चोरी वाले फीडरों पर करेगा मेहनत
Updated Sun, 23 Jul 2017 12:15 AM IST
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पचास गांवों को 24 घंटे बिजली देने के लिए बिजली चारों पर कसेगा शिकंजा
सुरेंद्र असीजा
फतेहाबाद । दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने म्हारा गांव-जगमग गांव योजना के तहत जिले के 50 गांवों में 24 घंटे बिजली देने की तैयारी शुरू कर दी है। निगम ने इसके लिए खुद के लिए दो माह की डेडलाइन रखी है। इसी कड़ी में बिजली निगम की सबसे पहली प्राथमिकता गांवों में लाइनलॉस को काफी कम करने की है। इसी के लिए निगम के अधिकारियों ने अपनी रूपरेखा बनाने का काम भी लगभग खत्म कर लिया है। बिजली निगम की योजना लाइनलॉस को 20 फीसदी से नीचे लेकर आने की है। अगर निगम अपनी इस महत्वाकांक्षी योजना में कामयाब हो जाता है तो जिले के 50 के करीब गांवों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाने का सपना मूर्त रूप ले सकता है। खुद निगम के कार्यकारी अभियंता शमशेर सिंह ने इसकी पुष्टि की है। निगम के अनुसार सरकार ने इस योजना के तहत 24 घंटे बिजली देने की प्लानिंग की थी। जिसमें सबसे बड़ी शर्त थी कि जहां 24 घंटे बिजली दी जाए, वहां पर लाइनलॉस 20 फीसदी से कम हो। लेकिन निगम के फतेहाबाद मंडल में जिन गांवों का चयन किया गया है, वह भी अपने आप में बड़ा चैलेंज है क्योंकि निगम ने सबसे ज्यादा बिजली चोरी के लिए कुख्यात गांवों को अपने टारगेट में शामिल किया है। निगम के आंकड़ों के अनुसार इनमें 11 फीडरों के 50 गांव ऐसे हैं जहां बिजली चोरी 77 फीसदी तक होती है। विभाग की प्लानिंग है कि इसे कम करके 20 फीसदी लाया जाए।
ये हैं 11 फीडर, जिन पर विभाग करेगा मेहनत
विद्युत निगम के अधिकारियों ने सबसे ज्यादा चोरी वाले जिन 11 फीडरों की हालत सुधारने का जिम्मा लिया है, उनमें झाड़ साहब फीडर, भट्टू सोतर, मुस्सेअहली, गिल्लाखेड़ा, बोदीवाली, ढाणी बानापुर, लोकसेवा, अजीत नगर, दादुपुर, अलालवास और नागपुर घरेलू फीडर शामिल हैं। इन फीडरों के तहत आने वाले सभी गांव फतेहाबाद और रतिया उपमंडल के अर्बन और सब अर्बन डिवीजन में पड़ते हैं। बिजली निगम के आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा बिजली चोरी भट्टू सोतर में है। यहां का लाइनलॉस 76.36 प्रतिशत है जबकि मुस्सेअहली में 65.76 प्रतिशत, बोदीवाली में 60.28, अजीतनगर में 56.3, गिल्लाखेड़ा में 47.74, दादुपुर में 35, अलालवास में 23, नागपुर में 36, ढाणी बानापुर में 55 और झाड़ साहब फीडर पर 24 फीसदी के करीब लाइनलॉस है।
लाइनलॉस कम हुआ तो इस शेडयूल से मिलेगी बिजली
लाइनलॉस घटकर 35 से 50 फीसदी होता है तो घरेलू बिजली 18 घंटे तक मिलेगी। 35 फीसदी से कम होने पर 20 घंटे तक घरेलू बिजली, 20 फीसदी से लाइनलॉस कम होने पर अर्बन पैटर्न पर 24 घंटे की बिजली सप्लाई देने का दावा बिजली निगम के अधिकारी कर रहे हैं। इससे पूर्व विभाग यहां मीटर बाहर लगाने का काम करेगा। इसके अलावा केबल लाइन नई बिछाई जाएगी। 11 केवी सबस्टेशन का आधुनिकीकरण किया जाएगा ताकि 24 घंटे बिजली देने में कोई तकनीकी बाधा ना आए।
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24 घंटे बिजली देेने के लिए निगम भरसक प्रयत्न कर रहा है। निगम ने ऐसे गांवों का चयन किया है, जहां बिजली चोरी आत्याधिक मात्रा में है। हमने इसे चैलेंज के तौर पर लिया है कि इनका लाइनलॉस कम करके 20 फीसदी से नीचे लेकर आएंगे और इन गांवों को जगमग योजना से जोड़ देंगे।’
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सुरेंद्र असीजा
फतेहाबाद । दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने म्हारा गांव-जगमग गांव योजना के तहत जिले के 50 गांवों में 24 घंटे बिजली देने की तैयारी शुरू कर दी है। निगम ने इसके लिए खुद के लिए दो माह की डेडलाइन रखी है। इसी कड़ी में बिजली निगम की सबसे पहली प्राथमिकता गांवों में लाइनलॉस को काफी कम करने की है। इसी के लिए निगम के अधिकारियों ने अपनी रूपरेखा बनाने का काम भी लगभग खत्म कर लिया है। बिजली निगम की योजना लाइनलॉस को 20 फीसदी से नीचे लेकर आने की है। अगर निगम अपनी इस महत्वाकांक्षी योजना में कामयाब हो जाता है तो जिले के 50 के करीब गांवों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाने का सपना मूर्त रूप ले सकता है। खुद निगम के कार्यकारी अभियंता शमशेर सिंह ने इसकी पुष्टि की है। निगम के अनुसार सरकार ने इस योजना के तहत 24 घंटे बिजली देने की प्लानिंग की थी। जिसमें सबसे बड़ी शर्त थी कि जहां 24 घंटे बिजली दी जाए, वहां पर लाइनलॉस 20 फीसदी से कम हो। लेकिन निगम के फतेहाबाद मंडल में जिन गांवों का चयन किया गया है, वह भी अपने आप में बड़ा चैलेंज है क्योंकि निगम ने सबसे ज्यादा बिजली चोरी के लिए कुख्यात गांवों को अपने टारगेट में शामिल किया है। निगम के आंकड़ों के अनुसार इनमें 11 फीडरों के 50 गांव ऐसे हैं जहां बिजली चोरी 77 फीसदी तक होती है। विभाग की प्लानिंग है कि इसे कम करके 20 फीसदी लाया जाए।
ये हैं 11 फीडर, जिन पर विभाग करेगा मेहनत
विद्युत निगम के अधिकारियों ने सबसे ज्यादा चोरी वाले जिन 11 फीडरों की हालत सुधारने का जिम्मा लिया है, उनमें झाड़ साहब फीडर, भट्टू सोतर, मुस्सेअहली, गिल्लाखेड़ा, बोदीवाली, ढाणी बानापुर, लोकसेवा, अजीत नगर, दादुपुर, अलालवास और नागपुर घरेलू फीडर शामिल हैं। इन फीडरों के तहत आने वाले सभी गांव फतेहाबाद और रतिया उपमंडल के अर्बन और सब अर्बन डिवीजन में पड़ते हैं। बिजली निगम के आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा बिजली चोरी भट्टू सोतर में है। यहां का लाइनलॉस 76.36 प्रतिशत है जबकि मुस्सेअहली में 65.76 प्रतिशत, बोदीवाली में 60.28, अजीतनगर में 56.3, गिल्लाखेड़ा में 47.74, दादुपुर में 35, अलालवास में 23, नागपुर में 36, ढाणी बानापुर में 55 और झाड़ साहब फीडर पर 24 फीसदी के करीब लाइनलॉस है।
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लाइनलॉस कम हुआ तो इस शेडयूल से मिलेगी बिजली
लाइनलॉस घटकर 35 से 50 फीसदी होता है तो घरेलू बिजली 18 घंटे तक मिलेगी। 35 फीसदी से कम होने पर 20 घंटे तक घरेलू बिजली, 20 फीसदी से लाइनलॉस कम होने पर अर्बन पैटर्न पर 24 घंटे की बिजली सप्लाई देने का दावा बिजली निगम के अधिकारी कर रहे हैं। इससे पूर्व विभाग यहां मीटर बाहर लगाने का काम करेगा। इसके अलावा केबल लाइन नई बिछाई जाएगी। 11 केवी सबस्टेशन का आधुनिकीकरण किया जाएगा ताकि 24 घंटे बिजली देने में कोई तकनीकी बाधा ना आए।
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24 घंटे बिजली देेने के लिए निगम भरसक प्रयत्न कर रहा है। निगम ने ऐसे गांवों का चयन किया है, जहां बिजली चोरी आत्याधिक मात्रा में है। हमने इसे चैलेंज के तौर पर लिया है कि इनका लाइनलॉस कम करके 20 फीसदी से नीचे लेकर आएंगे और इन गांवों को जगमग योजना से जोड़ देंगे।’