फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   जाखल के तीन राइस शैलरों पर आयकर विभाग का बड़ा सर्वे

जाखल के तीन राइस शैलरों पर आयकर विभाग का बड़ा सर्वे

Wed, 13 Feb 2019 11:43 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 13 Feb 2019 11:43 PM IST
विज्ञापन
जाखल के तीन राइस शैलरों पर आयकर विभाग का बड़ा सर्वे
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

फतेहाबाद/जाखल। नोटबंदी के दौरान बैंकों में निर्धारित राशि से अधिक जमा करवाने और प्रोपर्टी में इनवेस्ट करने के मामले को लेकर आयकर विभाग की तीन टीमों ने बुधवार सुबह जाखल के तीन राइस सेलरों के यहां दबिश देकर पूरा रिकार्ड खंगाला तथा दस्तावेजों की जांच की। यह आयकर सर्वे आयकर विभाग के प्रधान आयुक्त निरंजन कोहली के निर्देशानुसार किया गया। देर शाम तक 3 टीमों के 15 कर्मचारी व पुलिस के कर्मचारी रिकार्ड चेक करते रहे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नवंबर 2016 में नोटबंदी के दौरान बैंकों में निर्धारित राशि से अधिक जमा करने वाली फर्मों का डेटा आयकर विभाग एनालिसिस कर रहा था। पता चला है कि फतेहाबाद की अनेक फर्में इस डेट स्कू्टनी में आ गई। इन फर्मों ने अपनी सालाना इनकम टैक्स रिटर्न में बैंकों में जमा राशि व निवेश का कम उल्लेख किया था। जबकि वास्तव में इनकी ट्रांजेक्शन काफी अधिक थी। जिसके पहले चरण में आयकर विभाग ने जाखल को सर्विलांस किया। आयकर विभाग की फतेहाबाद, सिरसा व हिसार की 3 टीमों ने बुधवार को ज्वाइंट कमिश्नर हेमंत गुप्ता के नेतृत्व में व्यवसायी मक्खन लाल सिंगला के तीन संस्थानों पर दबिश दी।
विज्ञापन

टीमों ने एक साथ तीनों संस्थानों पर दबिश देते हुए मेन गेट पर पुलिस का पहरा लगा दिया व बाहर से अंदर किसी को भी नहीं जाने दिया। दोपहर करीब 12 बजे टीमों ने चंडीगढ़ रोड स्थित सिंगला राइस मिल, जाखल कुलां-भूना ओवर ब्रिज के नीचे सिंगला एग्रो फूड्स व गोशाला रोड पर हैफेड एजेंसी से ठेका पर ली गई शंकर राइस मिल पर छापामारी की। विभाग की टीमों ने मिलों से संबंधित सभी दस्तावेज जब्त कर लिए व उनकी जांच आरंभ कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

छापेमारी की जानकारी मिलते ही जाखल के तमाम राइस मिल उक्त संस्थानों के बाहर जुटना शुरू हो गए। लेकिन इस दौरान पुलिस के कड़े पहरे के चलते किसी भी मिल मालिक को अंदर नहीं जाने दिया गया। आयकर विभाग की टीमों ने सीसीटीवी कैमरों को भी बंद करवाया। फिलहाल अधिकारियों द्वारा छापे में जांच की जा रही है। पता चला है कि नोटबंदी के दो वर्ष बाद आयकर विभाग अब ऐसे चिह्नित उद्यमियों व व्यापारियों के रिकार्ड खंगालना शुरू कर चुका है। नोटबंदी के दौरान धनराशि जमा करने व प्रोपर्टी खरीदने तथा बेचने की पूरी जानकारी विभाग के पास है। अब ऐसे ही तथ्यों को लेकर संदेहास्पद वित्तीय लेनदेन के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed