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अटी मंडी, सड़क पर धान लेकर खड़े किसान
फतेहाबाद/ब्यूरो।
Updated Fri, 18 Oct 2013 10:03 PM IST
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हरियाणा में एक सप्ताह से फतेहाबाद की अनाजमंडी में धान की आवक ने तेजी पकड़ ली है। मंडियों में धान का उठान न होने से मंडियां धान से अट गई है। इससे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शुक्रवार को मंडी में धान लेकर आए तो मंडी में ट्रैक्टर-ट्राली की जगह नहीं थी। किसान मजबूरन सड़कों पर ही धान लेकर खड़े रहे। शुक्रवार को पूरा दिन मंडी में जाम की स्थिति रही व खरीद एजेंसियों को बोली बंद करनी पड़ी।
जिले की विभिन्न अनाज मंडियों व खरीद केंद्रों पर एक अक्तूबर से ही धान की आवक शुरू हो गई। सरकार ने धान की खरीद 8 अक्तूबर को शुरू की गई थी। शुरू में ही मंडियां धान से अट गई।
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उसके बाद हर रोज करीब 20 एमटी धान मंडियों में पहुंचने लगी, जबकि खरीद इससे आधी भी नहीं हो रही थी। इसका मुख्य कारण खरीद एजेंसियां धान में नमी की अत्याधिक मात्रा बता रहे थे। शुक्रवार तक जिले में कुल 2 लाख 8 हजार 806 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है, जबकि इनमें उठान आधा भी नहीं हो पाया।
इसका बड़ा कारण धान का मंडियों में तेजी से आना बताया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि खरीद एजेंसियां धान खरीदने के बाद तोल लगाने में वक्त लगा देती है। खरीद एजेंसियां का एकमात्र मकसद होता है कि धान में नमी के कारण उन्हें नुक्सान न उठाना पड़े। जबकि किसान 4-4 दिन से धान की रखवाली में बैठा रहता है।
शुक्रवार को फतेहाबाद की अनाजमंडी में धान ले जाने के लिए जगह ही नहीं बची। ट्रैक्टर-ट्राली पर धान लाने वाला किसान पूरा दिन सड़क पर जगह की इंतजार करते रहे लेकिन उठान का प्रबंध न होने से मंडी में जाम लगा रहा। यहां तक कि शुक्रवार को बोली भी नहीं सकी।
इस संबंध में खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक राजबीर सिंह ने कहा कि धान की आवक ने एकाएक तेजी पकड़ ली है। एक-दो दिन में उठान की व्यवस्था ठीक हो जाएगी।
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शुक्रवार को मंडी में धान लेकर आए तो मंडी में ट्रैक्टर-ट्राली की जगह नहीं थी। किसान मजबूरन सड़कों पर ही धान लेकर खड़े रहे। शुक्रवार को पूरा दिन मंडी में जाम की स्थिति रही व खरीद एजेंसियों को बोली बंद करनी पड़ी।
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जिले की विभिन्न अनाज मंडियों व खरीद केंद्रों पर एक अक्तूबर से ही धान की आवक शुरू हो गई। सरकार ने धान की खरीद 8 अक्तूबर को शुरू की गई थी। शुरू में ही मंडियां धान से अट गई।
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उसके बाद हर रोज करीब 20 एमटी धान मंडियों में पहुंचने लगी, जबकि खरीद इससे आधी भी नहीं हो रही थी। इसका मुख्य कारण खरीद एजेंसियां धान में नमी की अत्याधिक मात्रा बता रहे थे। शुक्रवार तक जिले में कुल 2 लाख 8 हजार 806 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है, जबकि इनमें उठान आधा भी नहीं हो पाया।
इसका बड़ा कारण धान का मंडियों में तेजी से आना बताया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि खरीद एजेंसियां धान खरीदने के बाद तोल लगाने में वक्त लगा देती है। खरीद एजेंसियां का एकमात्र मकसद होता है कि धान में नमी के कारण उन्हें नुक्सान न उठाना पड़े। जबकि किसान 4-4 दिन से धान की रखवाली में बैठा रहता है।
शुक्रवार को फतेहाबाद की अनाजमंडी में धान ले जाने के लिए जगह ही नहीं बची। ट्रैक्टर-ट्राली पर धान लाने वाला किसान पूरा दिन सड़क पर जगह की इंतजार करते रहे लेकिन उठान का प्रबंध न होने से मंडी में जाम लगा रहा। यहां तक कि शुक्रवार को बोली भी नहीं सकी।
इस संबंध में खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक राजबीर सिंह ने कहा कि धान की आवक ने एकाएक तेजी पकड़ ली है। एक-दो दिन में उठान की व्यवस्था ठीक हो जाएगी।