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कार नहर में गिरी, दो युवकों की मौत
Faridabad
Updated Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
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फरीदाबाद। अपने दोस्त को कार सिखाने गए दो युवकाें की गुड़गांव नहर में डूबकर मौत हो गई। बुधवार शाम चलाना सीखने के दौरान कार नहर में गिर गई थी। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनाें को सौंप दिया है।
बदरपुर सराय ख्वाजा में रहने वाला मनीष(26) बुधवार को अपने पड़ोस में रहने वाले दीपू (25) व राजू (28) को कार सिखाने के लिए ले गया। दीपू व राजू कार चलाना जानते थे, जबकि मनीष को कार चलानी नहीं आती थी। मनीष के पास इंडिका कार थी और उसने एक दिन पहले ही कार का लर्निंग लाइसेंस बनवाया था। मनीष के परिजनाें ने इस डर से कार से पेट्रोल भी निकाल रखा था कि कहीं वह इसे चलाने न लगे और दुर्घटना का शिकार न हो जाए। इसकी जानकारी होने के बाद तीनाें दोस्ताें ने नजदीक के एक पंप से बोतल में पेट्रोल भरवाकर कार में डाल दिया। फिर चुपचाप कार को लेकर बाहर निकल गए।
बताया जाता है कि गुड़गांव नहर के किनारे जाकर कार उसके दोस्तों ने मनीष को थमा दी। दीपू और राजू मनीष को कार सिखाने लगे। तभी कार एकदम से बंद हो गई। जब मनीष ने कार को दोबारा स्टार्ट किया उसका पैर ब्रेक पर जाने के बजाय एक्सीलेटर पर चला गया। इससे कार तेज गति से उछलकर नहर में जा गिरी।
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गुड़गांव नहर के किनारे पंप के सिक्योरिटी गार्ड ने कार को नहर में गिरते देख लिया। उसने तीनों को बचाने के लिए नहर में रस्सी फेंकी। जिसेे पकड़कर मनीष तो बाहर आ गया। लेकिन दीपू व राजू नहर के दलदल में फंसते चले गए। दीपू व राजू को पुलिस व परिजनाें द्वारा रातभर नहर में तलाशा जाता रहा। लेकिन, दोनाें का कुछ पता नहीं लगा। बृहस्पतिवार को दीपू का शव घटना वाली जगह से आगे मिला। जबकि राजू का शव गुड़गांव नहर में सेक्टर-29 के सामने मिला।
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बदरपुर सराय ख्वाजा में रहने वाला मनीष(26) बुधवार को अपने पड़ोस में रहने वाले दीपू (25) व राजू (28) को कार सिखाने के लिए ले गया। दीपू व राजू कार चलाना जानते थे, जबकि मनीष को कार चलानी नहीं आती थी। मनीष के पास इंडिका कार थी और उसने एक दिन पहले ही कार का लर्निंग लाइसेंस बनवाया था। मनीष के परिजनाें ने इस डर से कार से पेट्रोल भी निकाल रखा था कि कहीं वह इसे चलाने न लगे और दुर्घटना का शिकार न हो जाए। इसकी जानकारी होने के बाद तीनाें दोस्ताें ने नजदीक के एक पंप से बोतल में पेट्रोल भरवाकर कार में डाल दिया। फिर चुपचाप कार को लेकर बाहर निकल गए।
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बताया जाता है कि गुड़गांव नहर के किनारे जाकर कार उसके दोस्तों ने मनीष को थमा दी। दीपू और राजू मनीष को कार सिखाने लगे। तभी कार एकदम से बंद हो गई। जब मनीष ने कार को दोबारा स्टार्ट किया उसका पैर ब्रेक पर जाने के बजाय एक्सीलेटर पर चला गया। इससे कार तेज गति से उछलकर नहर में जा गिरी।
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गुड़गांव नहर के किनारे पंप के सिक्योरिटी गार्ड ने कार को नहर में गिरते देख लिया। उसने तीनों को बचाने के लिए नहर में रस्सी फेंकी। जिसेे पकड़कर मनीष तो बाहर आ गया। लेकिन दीपू व राजू नहर के दलदल में फंसते चले गए। दीपू व राजू को पुलिस व परिजनाें द्वारा रातभर नहर में तलाशा जाता रहा। लेकिन, दोनाें का कुछ पता नहीं लगा। बृहस्पतिवार को दीपू का शव घटना वाली जगह से आगे मिला। जबकि राजू का शव गुड़गांव नहर में सेक्टर-29 के सामने मिला।