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छात्रों को स्कूल में मुफ्त मिलेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं
Faridabad
Updated Sun, 17 Jun 2012 12:00 PM IST
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फरीदाबाद। शहर के सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें उनके स्कूल में ही सभी स्वास्थ्य सुविधाएं मुफ्त मिलेंगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नए सत्र से इंदिरा गांधी स्वास्थ्य योजना फिर से शुरू की जा रही है। बादशाह खान अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, योजना पर फिलहाल आशा वर्कर व एएनएम को ट्रेनिंग दी जा रही है। गंभीर रूप से पीड़ित बच्चों को दिल्ली के एम्स के लिए रेफर किया जाएगा, जिसका सारा खर्च अस्पताल प्रबंधन उठाएगा।
पिछले काफी समय से लंबित पड़ी इंदिरा गांधी बाल स्वास्थ्य योजना को फिर से शुरू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। योजना के तहत आंगनबाड़ी व जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को शामिल किया जाना है। इन बच्चों को इलाज के लिए बादशाह खान अस्पताल में लाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में आशा वर्कर व एएनएम को ट्रेनिंग दी जा रही है, जोकि अपने-अपने संबंधित इलाकों में सर्वे कर बीमार बच्चों को अस्पताल लेकर आएंगी। वहीं सरकारी स्कूलों में शुरुआत में स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन कर अस्वस्थ बच्चों का पता लगाया जाएगा, जिसके बाद समय-समय पर चिकित्सक स्कूलों का दौरा कर बच्चों की स्वास्थ्य की जांच करेंगे। बच्चों को मेडिकल कार्ड दिया जाएगा, जिसके आधार पर वे स्वयं भी स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त कर सकेंगे।
योजना की नोडल अधिकारी डॉ. गीता ने बताया कि योजना को दो चरणों में शुरू किया जाना है। पहले चरण में आंगनबाड़ी स्कूल व दूसरे चरण में सरकारी स्कूल शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि बच्चे बार-बार अस्पताल के चक्कर न लगाएं, इसके लिए संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों की भी सहायता ले सकते हैं।
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पिछले काफी समय से लंबित पड़ी इंदिरा गांधी बाल स्वास्थ्य योजना को फिर से शुरू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। योजना के तहत आंगनबाड़ी व जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को शामिल किया जाना है। इन बच्चों को इलाज के लिए बादशाह खान अस्पताल में लाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में आशा वर्कर व एएनएम को ट्रेनिंग दी जा रही है, जोकि अपने-अपने संबंधित इलाकों में सर्वे कर बीमार बच्चों को अस्पताल लेकर आएंगी। वहीं सरकारी स्कूलों में शुरुआत में स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन कर अस्वस्थ बच्चों का पता लगाया जाएगा, जिसके बाद समय-समय पर चिकित्सक स्कूलों का दौरा कर बच्चों की स्वास्थ्य की जांच करेंगे। बच्चों को मेडिकल कार्ड दिया जाएगा, जिसके आधार पर वे स्वयं भी स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त कर सकेंगे।
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योजना की नोडल अधिकारी डॉ. गीता ने बताया कि योजना को दो चरणों में शुरू किया जाना है। पहले चरण में आंगनबाड़ी स्कूल व दूसरे चरण में सरकारी स्कूल शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि बच्चे बार-बार अस्पताल के चक्कर न लगाएं, इसके लिए संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों की भी सहायता ले सकते हैं।
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