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हक के लिए पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री के घर
नारनौल/ब्यूरो।
Updated Sat, 09 Nov 2013 07:41 PM IST
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बहुउद्देशीय महिला स्वास्थ्य कर्मचारी संघ (संबंधित हरियाणा सर्व कर्मचारी संघ) के बैनर तले शनिवार को प्रदेश भर से सैकड़ों बहुउद्देशीय महिला स्वास्थ्य कर्मी नारनौल पहुंची।
उन्होंने अपनी मांगों के लिए राज्य प्रधान सुशीला ढांडा के नेतृत्व में स्वास्थ्य मंत्री के आवास का घेराव किया।
उन्होंने स्वास्थ्यमंत्री को चेतावनी दी कि यदि अब भी उनकी मांगों को अनसुना किया गया तो वे अपने संघर्ष में तेजी लाएंगी।
स्वास्थ्यमंत्री राव नरेंद्र सिंह ने उनकी मांगों के बारे में बातचीत के लिए उन्हें 21 नवंबर को चंडीगढ़ आने का निमंत्रण दिया।
महिला कर्मियों को संबोधित करते हुए सुशीला ढांडा ने कहा कि सरकार, विभाग के उच्चाधिकारी बहुउद्देशीय महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों से टीकाकरण, डिलीवरी, टांके लगवाना, खून और पेशाब की जांच समेत सभी तकनीकी कार्य करवाते हैं।
जबकि उन्हें वेतन गैर तकनीकी श्रेणी का दिया जाता है।
महिला कर्मियों के बार-बार आग्रह के बावजूद सरकार उनकी जायज मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। इससे परेशान होकर ही उन्हें घेराव के लिए मजबूर होना पड़ा।
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उन्होंने कहा कि सरकार बहुउद्देशीय महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों के पदों को तकनीकी घोषित कर उचित मानदेय दे।
विभाग में कार्यरत आरसीएच कर्मचारियों को नियमित किया जाए और समान कार्य समान वेतन के सिद्धांत के आधार पर समान वेतन दिया जाए। इसके साथ ही कई अन्य मांगें भी रखीं गईं।
प्रदर्शनकारियों को राजबाला शर्मा, कौशल्या देवी, राजवंती, रीटा, कंवर सिंह यादव, बाबूलाल यादव, नरेंद्र खोखर, यशपाल यादव, नरेंद्र बेनीवाल, सुभाष रोहिल्ला, राजेंद्र सिंह, अशोक सैनी, अशोक यादव, धर्मबीर ने भी संबोधित किया।
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उन्होंने अपनी मांगों के लिए राज्य प्रधान सुशीला ढांडा के नेतृत्व में स्वास्थ्य मंत्री के आवास का घेराव किया।
उन्होंने स्वास्थ्यमंत्री को चेतावनी दी कि यदि अब भी उनकी मांगों को अनसुना किया गया तो वे अपने संघर्ष में तेजी लाएंगी।
स्वास्थ्यमंत्री राव नरेंद्र सिंह ने उनकी मांगों के बारे में बातचीत के लिए उन्हें 21 नवंबर को चंडीगढ़ आने का निमंत्रण दिया।
महिला कर्मियों को संबोधित करते हुए सुशीला ढांडा ने कहा कि सरकार, विभाग के उच्चाधिकारी बहुउद्देशीय महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों से टीकाकरण, डिलीवरी, टांके लगवाना, खून और पेशाब की जांच समेत सभी तकनीकी कार्य करवाते हैं।
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जबकि उन्हें वेतन गैर तकनीकी श्रेणी का दिया जाता है।
महिला कर्मियों के बार-बार आग्रह के बावजूद सरकार उनकी जायज मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। इससे परेशान होकर ही उन्हें घेराव के लिए मजबूर होना पड़ा।
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उन्होंने कहा कि सरकार बहुउद्देशीय महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों के पदों को तकनीकी घोषित कर उचित मानदेय दे।
विभाग में कार्यरत आरसीएच कर्मचारियों को नियमित किया जाए और समान कार्य समान वेतन के सिद्धांत के आधार पर समान वेतन दिया जाए। इसके साथ ही कई अन्य मांगें भी रखीं गईं।
प्रदर्शनकारियों को राजबाला शर्मा, कौशल्या देवी, राजवंती, रीटा, कंवर सिंह यादव, बाबूलाल यादव, नरेंद्र खोखर, यशपाल यादव, नरेंद्र बेनीवाल, सुभाष रोहिल्ला, राजेंद्र सिंह, अशोक सैनी, अशोक यादव, धर्मबीर ने भी संबोधित किया।