चंडीगढ़: टीबीआरएल की तकनीक और धमाकेदार प्रयोग देख गदगद हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बोले-मन गई मेरी दिवाली
चंडीगढ़ में टीबीआरएल की तकनीक और धमाकेदार प्रयोग देख केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि आपके प्रयोग यहां आकर देखने के बाद मेरी दीवाली तो मन गई। अब आप हर माह ऐसी दिवाली मनाएं। संस्थान के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की उन्होंने जमकर पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयोग लगातार करें।
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टर्मिनल बैलेस्टिक रिसर्च लैब (टीबीआरएल) चंडीगढ़ द्वारा विकसित की गई तकनीकों और उनके धमाकेदार प्रयोगों से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गदगद नजर आए। धमाकों का जिक्र कर देशवासियों को दिवाली की बधाई देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि टीबीआरएल में आकर मेरी तो दिवाली मन गई। ऐसी दिवाली टीबीआरएल में हर माह मननी चाहिए, ताकि नई-नई तकनीक और नए प्रयोग होते रहें। इन्हीं प्रयोगों से देश की रक्षा को और मजबूती मिल सकेगी। रामगढ़ स्थित लैब परिसर में पहुंचने के बाद रक्षा मंत्री ने करीब एक घंटे तक पूरे परिसर का मुआयना किया।
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तकनीक की बारीकी से ली जानकारी
उन्होंने संस्थान द्वारा ईजाद की गई तकनीकों को देखा और बारीकी से समझा। आयुध से लेकर मिसाइल, बारूद, ग्रेनेड तक के बारे में तकनीकी जानकारी हासिल की। इस दौरान संस्थान के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने रक्षा मंत्री के सामने ही कुछ प्रयोग करके दिखाए, जिसमें तेज धमाके हुए। सफल प्रयोग के बाद रक्षा मंत्री ने लैब की टीम की पीठ थपथपाई। मंथन सभागार में संस्थान के करीब 500 वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि आज वह यहां पर आकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। क्योंकि मैंने खुद संस्थान की तकनीकों को अपनी आंखों के सामने देखा है।
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यह तो दुनिया की टॉप लैब बनेगी
राजनाथ ने कहा कि जिस निष्ठा के साथ वैज्ञानिक मेहनत कर रहे हैं, उस आधार पर वह दावा करते हैं कि यह लैब भारत ही नहीं, दुनिया की टॉप होगी। कभी दो कमरों से शुरू होने वाली प्रयोगशाला आज देश को महत्वपूर्ण रक्षा प्रौद्योगिकी और क्षमताएं प्रदान करने वाली प्रयोगशाला बन गई है। इस दौरान डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. जी सतीश रेड्डी, वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर मार्शल संदीप सिंह, मिसाइल एंड स्ट्रैटेजिक सिस्टम के डीजी डॉ बीएचवीएस नारायण मूर्ति, एयरो के डीजी डॉ. टेसी थॉमस, टीबीआरएल के निदेशक प्रतीक किशोर समेत कई पूर्व सेना अधिकारी भी मौजूद रहे।