हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट को दिया जवाब: अस्पतालों में डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों के पद भरने पर जल्द लेंगे निर्णय
हरियाणा सरकार ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दायर एक याचिका पर जवाब दिया है। जिसमें कहा गया है कि जल्द प्रदेश के अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के खाली पदों को भरने संबंधी निर्णय लिया जाएगा। याचिका में राइट टू हेल्थ लागू करने की मांग की गई थी। हरियाणा सरकार के इस बयान को रिकॉर्ड पर लेकर हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा के अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों व स्टाफ की कमी बताते हुए प्रदेश में राइट टू हेल्थ को लागू करने की मांग वाली याचिका पर हरियाणा सरकार ने जवाब दाखिल किया है। जिसमें बताया गया है कि इन पदों को भरने पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। हरियाणा सरकार के इस बयान पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया। याचिका दाखिल करते हुए मोनिका सांगवान ने एडवोकेट प्रदीप रापड़िया के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया था कि प्रदेश के अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में काफी पद खाली हैं।
ये भी पढ़ें-हरियाणा: 14 विभाग नहीं दे रहे क्लर्क के खाली पदों का ब्योरा, एचएसएससी ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र
आम लोग भुगतते हैं खाली पदों का खामियाजा
डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के पद बड़ी संख्या में रिक्त पड़े हुए हैं। याची ने कहा कि कोरोना ने स्वास्थ्य प्रणाली की कमजोर कड़ियों को उजागर किया है। स्वास्थ्य सुविधाएं नागरिकों का अधिकार हैं और इससे उन्हें वंचित नहीं रखा जा सकता। रिक्त पड़े पदों के कारण लोगों को सही प्रकार से सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। अस्पतालों में अव्यवस्था का माहौल बनता है और इसका खामियाजा आम जन को भुगतना पड़ता है।
जनहित याचिका के तौर पर हुई सुनवाई
सिंगल बेंच ने कहा था कि यह मुद्दा व्यापक जनहित से जुड़ा हुआ है और ऐसे में इस पर जनहित याचिका के तौर पर ही सुनवाई की जानी चाहिए। ऐसे में सिंगल बेंच ने इसे जनहित याचिका के तौर पर सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश को रेफर कर दिया। अब मुख्य न्यायधीश ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि याची ने ऐसा कोई वाकया नहीं बताया है, जब इन रिक्त पदों की वजह से कोई नुकसान हुआ हो।
ये भी पढ़ें-राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय बोले: 2025 तक हरियाणा के विश्वविद्यालयों में शुरू होगी मेडिकल और इंजीनियरिंग की हिंदी में पढ़ाई
इन पदों को भरना राज्य सरकार का काम है। इस दौरान हरियाणा सरकार ने कहा कि इन पदों को भरने की मांग वाले मांगपत्र पर जल्द ही कानून के अनुरूप निर्णय लिया जाएगा। इस पर हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया।