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पशुधन क्रेडिट कार्ड योजना: जींद में पूर्व मैनेजर खुलवाए 50 लोगों के फर्जी खाते, 80 लाख रुपये का लोन लिया

Tue, 13 Jun 2023 12:52 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Tue, 13 Jun 2023 12:52 PM IST
सार

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर अजय रंगा ने बताया कि इस बैंक में पूर्व में मैनेजर रहे गुरुग्राम के ओम नगर निवासी जोगेंद्र ने उसके साथी दिनेश के साथ मिलकर कई लोगों के पैन कार्ड की फोटोकॉपी का इंतजाम किया। इसके बाद इन पेन कार्ड पर फोटो भी बदले गए और रंगीन फोटोकॉपी निकालकर बैंक में जमा करवाए और सेविंग अकाउंट खोलने के लिए आवेदन किए।

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Credit Card Scheme, Former manager opened fake accounts of 50 people in Jind, took loan of 80 lakh r
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जींद के गांव गांगोली की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व मैनेजर जोगेंद्र सिंह ने पशुधन क्रेडिट कार्ड योजना के तहत फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 50 लोगों के खाते खोले और इनमें 80 लाख रुपये का लोन लेकर राशि डकार गया। जोगेंद्र सिंह को सस्पेंड कर उसके और इस जालसाजी में शामिल कई अन्य खिलाफ पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है। 

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पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार
पुलिस को दी शिकायत में गांगोली की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर अजय रंगा ने बताया कि इस बैंक में पूर्व में मैनेजर रहे गुरुग्राम के ओम नगर निवासी जोगेंद्र ने उसके साथी दिनेश के साथ मिलकर कई लोगों के पैन कार्ड की फोटोकॉपी का इंतजाम किया। इन पेन कार्डों को एडिट कर किसी में पिता का नाम तो किसी में जन्मतिथि में बदलाव किया। इसके बाद इन पेन कार्ड पर फोटो भी बदले गए और रंगीन फोटोकॉपी निकालकर बैंक में जमा करवाए और सेविंग अकाउंट खोलने के लिए आवेदन किए।
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लोन के लिए स्वीकृत पत्रों की फर्जी प्रतियां तैयार की
इसके बाद उन लोगों ने फर्जी वोटर आईडी भी तैयार कर ली और फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर बैंक में खाते खुलवा लिए। सेविंग अकाउंट खुलने के बाद पधुधन योजना के तहत लोन के लिए स्वीकृत पत्रों की फर्जी प्रतियां तैयार की और इनकी रंगीन फोटोकॉपी निकालकर आवेदकों के नाम से जाली दस्तावेजों के आधार पर ही लोन खाते खुलवा लिए। लोन की राशि को सेविंग अकाउंट में डाल दिया गया। बचत खातों की राशि को एटीएम और अन्य माध्यमों से निकाल भी लिया गया। यह राशि शाखा प्रबंधक जोगेंद्र सिंह द्वारा निकाली गई थी। करीब 50 सेविंग खाते खुलवाए गए और 80 लाख रुपये से ज्यादा की राशि निकाली गई। 
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बैंक स्तर पर फोरेंसिक एक्सपर्ट से भी करवाई गई
मामले के बारे में बैंक प्रबंधन और मुख्यालय को पता चलते ही मैनेजर जोगेंद्र सिंह को सस्पेंड कर दिया गया और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई। साथ ही पुलिस को भी एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा गया लेकिन उस समय पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की, जिसके बाद एसपी को एफआईआर दर्ज करवाने के लिए लिखा गया। मामले की जांच आंतरिक जांचकर्ताओं और बैंक स्तर पर फोरेंसिक एक्सपर्ट से भी करवाई गई और फोरेंसिक एक्सपर्ट ने भी पुष्टि करते हुए कहा कि जिन दस्तावेजों के आधार पर लोन स्वीकृत किए गए हैं, वह मात्र रंगीन फोटोकॉपी है, जिनके नाम, पते बदले गए हैं और यह फर्जी हैं। पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस ने बैंक के तत्कालीन मैनेजर जोगेंद्र सिंह और उसके साथ दिनेश कुमार के खिलाफ सरकारी धनराशि का दुरुपयोग करने, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेने समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

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