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क्राइम अंगेस्ट वुमेन के मामलों में सरकार को फटकार
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 07 Nov 2013 03:18 PM IST
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने क्राइम अंगेस्ट वुमेन मामलों पर काबू पाने के लिए पंजाब, हरियाणा और यूटी से पूछा है कि वे तय समय में बताएं कि इस दिशा में सरकारों ने क्या कदम उठाए हैं।
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चीफ जस्टिस संजय किशन कौल एवं जस्टिस एजी मसीह पर आधारित खंडपीठ ने बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान सरकारों को फटकार लगाते हुए कहा कि अभी तक सरकारें इस दिशा में गंभीर नहीं दिख रही, जबकि दूसरी तरफ मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है।
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हाईकोर्ट ने निर्देश जारी किया कि अगली सुनवाई तक इस संबंध में एफिडेविट दाखिल किया जाए। हाईकोर्ट ने मामले की आगामी सुनवाई 11 दिसंबर के लिए निर्धारित की है।
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स्वयंसेवी संस्था लायर्स फार ह्यूमन राइट ने हरियाणा के एक मामले का हवाला देकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। याची के वकील नवकिरण ने हाईकोर्ट में दलील दी कि महिलाओं के खिलाफ अत्याचार में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, बावजूद इसके सरकारें गंभीर नहीं दिख रहीं।
हाईकोर्ट ने इस मामले में हरियाणा के साथ पंजाब और चंडीगढ़ को भी प्रतिवादी बनाते हुए नोटिस जारी किया था। साथ ही, हाईकोर्ट ने दोनों सरकारों और चंडीगढ़ प्रशासन से सुझाव भी आमंत्रित किए थे।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया था कि ऐसे मामलों में पीड़ित महिलाओं के राहत देने के संबंध में कदम उठाना जरूरी है। हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ को एफिडेविट दाखिल करने के निर्देश जारी किए थे।
बुधवार को मामलों की सुनवाई के दौरान पंजाब और हरियाणा ने एफिडेविट दाखिल करने के लिए कुछ समय की मोहलत का आग्रह किया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।