{"_id":"69c2dfb7fd594d14670ed06c","slug":"workers-forced-to-migrate-due-to-disruption-in-production-in-industries-vijay-singh-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1009-153030-2026-03-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"उद्योगों में उत्पादन प्रभावित होने से पलायन करने को मजबूर हुए मजदूर : विजय सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उद्योगों में उत्पादन प्रभावित होने से पलायन करने को मजबूर हुए मजदूर : विजय सिंह
Wed, 25 Mar 2026 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 25 Mar 2026 12:32 AM IST
विज्ञापन
चरखी दादरी। अमेरिका, इस्राइल एवं ईरान के युद्ध के कारण औद्योगिक गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई में कटौती होने से अनेक औद्योगिक क्षेत्रों में उत्पादन प्रभावित हो रहा है। कच्चे माल की सप्लाई में भी उद्योग जगत को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए अनेक क्षेत्रों में उद्योगपति या तो उद्योगों को बंद कर रहे है या फिर उत्पादन में कटौती की जा रही है। जिसका प्रभाव सीधे तौर पर मजदूरों पर भी पड़ रहा है।
यह बात हरियाणा कंप्यूटर प्रोफेशनल संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं भारतीय मजदूर संघ के दादरी जिला अध्यक्ष विजय सिंह ने प्रेस को जारी अपने बयान में कही। उन्होंने कहा कि कारखानों में उत्पादन को कम करने या फिर बंद करने की वजह से हरियाणा के पानीपत, अम्बाला, करनाल एवं फरीदाबाद जैसे बड़े औद्योगिक शहरों से मजदूरों का पलायन शुरू हो गया है। उनके सामने परिवार की रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उद्योगों को चलाने के लिए पर्याप्त गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई शुरू की जाए और छंटनी ग्रस्त तथा पलायन करने वाले मजदूरों को, आपातकाल स्थिति मानकर उनकी आर्थिक सहायता की जाए। ताकि मजदूरों को रोजी रोटी के संकट से बचाया जा सके।
विज्ञापन
यह बात हरियाणा कंप्यूटर प्रोफेशनल संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं भारतीय मजदूर संघ के दादरी जिला अध्यक्ष विजय सिंह ने प्रेस को जारी अपने बयान में कही। उन्होंने कहा कि कारखानों में उत्पादन को कम करने या फिर बंद करने की वजह से हरियाणा के पानीपत, अम्बाला, करनाल एवं फरीदाबाद जैसे बड़े औद्योगिक शहरों से मजदूरों का पलायन शुरू हो गया है। उनके सामने परिवार की रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उद्योगों को चलाने के लिए पर्याप्त गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई शुरू की जाए और छंटनी ग्रस्त तथा पलायन करने वाले मजदूरों को, आपातकाल स्थिति मानकर उनकी आर्थिक सहायता की जाए। ताकि मजदूरों को रोजी रोटी के संकट से बचाया जा सके।
विज्ञापन