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Charkhi Dadri News: महिलाओं का चमका हुनर, महोत्सव में अचार और मिट्टी के बर्तन बने पसंद
Mon, 01 Dec 2025 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 01 Dec 2025 01:27 AM IST
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गीता महोत्सव में महिलाओं द्वारा लगाई की गई मिट्टी के बर्तन की स्टॉल।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। शहर के झाड़ू चौक स्थित मॉडल संस्कृति स्कूल में चल रहे गीता महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को महिलाओं की आत्मनिर्भरता और कौशल की प्रभावशाली झलक देखने को मिली।
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने हाथों से बनाए उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई, जिन्हें शहरवासियों ने भरपूर सराहा। बिक्री बढ़ने से महिलाओं का उत्साह भी दोगुना हो गया। महोत्सव में लगे स्टॉलों पर मिट्टी के बर्तन, घरेलू अचार, डिजाइनर परिधान, हस्तनिर्मित सजावट सामान और दैनिक उपयोग की सामग्री लोगों को खूब आकर्षित कर रही है। बढ़ती भीड़ ने साबित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अब गुणवत्तापूर्ण और आकर्षक उत्पाद बनाकर बाजार में अपनी पहचान मजबूत कर रही हैं।
गर्म कपड़ों ने लुभाया : महोत्सव में लगी प्रदर्शनी में सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र रहा वेस्ट मटेरियल से बनाया सजावट का सामान। पुराना झज्जर रोड निवासी अनुराधा गर्ग ने पुराने कागज, कपड़े और घरेलू बेकार प्लास्टिक से खूबसूरत शोपीस, वॉल हैंगिंग और गिफ्ट आइटम तैयार किए। लोग इस रचनात्मक कला को देख दंग रह गए और कई लोगों ने इसे प्रेरणा का माध्यम बताया।
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आर्थिक रूप से मजबूत बन रही महिलाएं : महिलाओं ने कहा कि स्वयं सहायता समूह और विभिन्न सरकारी योजनाओं ने उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनने का अवसर दिया है।
पहले जहां महिलाओं की पहचान सिर्फ घर के काम तक सीमित थी, वहीं अब वे व्यवसायिक क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ कदम बढ़ा रही हैं। ये भी प्रयास है कि ये उत्पाद जिले से बाहर भी अपनी पहचान बना सकें।
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स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने हाथों से बनाए उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई, जिन्हें शहरवासियों ने भरपूर सराहा। बिक्री बढ़ने से महिलाओं का उत्साह भी दोगुना हो गया। महोत्सव में लगे स्टॉलों पर मिट्टी के बर्तन, घरेलू अचार, डिजाइनर परिधान, हस्तनिर्मित सजावट सामान और दैनिक उपयोग की सामग्री लोगों को खूब आकर्षित कर रही है। बढ़ती भीड़ ने साबित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अब गुणवत्तापूर्ण और आकर्षक उत्पाद बनाकर बाजार में अपनी पहचान मजबूत कर रही हैं।
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गर्म कपड़ों ने लुभाया : महोत्सव में लगी प्रदर्शनी में सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र रहा वेस्ट मटेरियल से बनाया सजावट का सामान। पुराना झज्जर रोड निवासी अनुराधा गर्ग ने पुराने कागज, कपड़े और घरेलू बेकार प्लास्टिक से खूबसूरत शोपीस, वॉल हैंगिंग और गिफ्ट आइटम तैयार किए। लोग इस रचनात्मक कला को देख दंग रह गए और कई लोगों ने इसे प्रेरणा का माध्यम बताया।
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आर्थिक रूप से मजबूत बन रही महिलाएं : महिलाओं ने कहा कि स्वयं सहायता समूह और विभिन्न सरकारी योजनाओं ने उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनने का अवसर दिया है।
पहले जहां महिलाओं की पहचान सिर्फ घर के काम तक सीमित थी, वहीं अब वे व्यवसायिक क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ कदम बढ़ा रही हैं। ये भी प्रयास है कि ये उत्पाद जिले से बाहर भी अपनी पहचान बना सकें।