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Charkhi Dadri News: जहां सेक्शन-चार लागू वहां लोग अपने मकान या प्लाॅट से नहीं काटे जा सकेंगे हरे पेड़

Sun, 26 Feb 2023 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sun, 26 Feb 2023 11:23 PM IST
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Where Section-4 is applicable, people will not be able to cut green trees from their house or plot.
चरखी दादरी। शहर के जिन भागों में सेक्शन-4 लागू है वहां लोग अपने खाली प्लॉट एवं मकान परिसर में खड़े हरे पेड़ बिना विभाग की अनुमति के नहीं काट सकेंगे। वन विभाग ने इन पेड़ों का पूरा विवरण अपने रिकाॅर्ड में दर्ज कर लिया है। जिले में चार माह की गणना के बाद 15 लाख 39 हजार विभिन्न प्रजातियों के पेड़ मिले हैं। इनमें सफेदा के पेड़ सबसे ज्यादा संख्या में मिले हैं। विभाग उन ही पेड़ों को रिकाॅर्ड में दर्ज किया है जिनके तने की मोटाई 30 सेंटीमीटर या इससे ज्यादा है। वन विभाग हर साल गांव सामलात जमीन, सड़क व नहरों के किनारे व सरकारी कार्यालयों के परिसरों में पौधे लगाता है।
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इस समय पर्यावरण प्रदूषण विकट समस्या बनी हुई है। पेड़ ही पर्यावरण संतुलन में सहायक साबित होते हैं। जिनसे वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है। सड़कों की चौड़ाई बढ़ने और नए रेलमार्ग बनने की वजह से हर साल राज्य के विभिन्न जिलों से लाखों की संख्या में हरे पेड़ों की कटाई मजबूरीवश करनी पड़ती है। इनके बदले नए पौधे लगाना और उनका कम से कम तीन साल तक रखरखाव करना बड़़ा मुश्किल कार्य होता है जितने पौधे रोपित होते हैं उनमें से मुश्किल से 40 प्रतिशत ही पेड़ बन पाते हैं। विभाग हर साल करीब तीन लाख पौधे रोपित करता है। जिला में करीब 15 सड़कों की चौड़ाई भी बढ़ी है इस वजह से भी हरे पेड़ कटवाने पड़े हैं। पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने में पेड़ों की सर्वोपरि भूमिका है। पेड़ से ही जीवों को ऑक्सीजन मिलती है। विभाग हर साल जुलाई व अगस्त माह में पौधरोपण करता है। आम लोगों के सहयोग से भी पौधे लगाए जाते हैं।
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- इन प्रजातियों के लगा रखे हैं पौधे
जिले में गूगल बेल, बकान, शहतूत, पीपल, नीम, गुलमोहर, शीशम, हारसिंगार, पालम खीरा, चक्रासिया, सफेदा, झंड, पापड़ी, जामुन सहित विभिन्न प्रजातियों के पेड़ हैं।
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- 100 टीमों ने की पेड़ों की गणना
भी हाल ही में वन विभाग ने जिला के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में हरे पेड़ों की गिनती का काम पूरा किया है। गणना के दौरान जिले में 15 लाख 39 हजार हरे पेड़ मिले हैं। इनमें सफेदे के पेड़ सबसे ज्यादा संख्या में मिले हैं। नीम के पेड़ों की संख्या भी अच्छी खासी है। गिनती के दौरान विभाग की ओर से 100 टीमें काम में लगाई गई। एरिया वाइज कर्मचारियों ने पेड़ों की गिनती का काम पूरा किया है। विभाग ने मकान व खाली पड़े प्लाटों में खड़े पेड़ों को भी अपने रिकाॅर्ड में दर्ज कर लिया है। जिस पेड़ के तने की चौड़ाई 30 सेंटीमीटर से ज्यादा है उन्हीं पेड़ों को रिकाॅर्ड में शामिल किया गया है।
- लोग नियम के तहत काट सकेंगे पेड़
शहर के जिन भागों में सेक्शन-4 नियम लागू हैं उनमें लोग अपने घरों व प्लाॅटों में खड़े हरे पेड़ नहीं काट सकेंगे। इसके लिए विभाग से अनुमति लेनी होगी। मकान आदि बनाए के लिए पेड़ काटना पड़ जाता है। शहर के दादरी-भिवानी रोड की पश्चिमी दिशा में काफी एरिया में सेक्शन-4 लागू है।

विभाग ने गिनती का काम पूरा कर लिया है। शहर के जिन भागों में सेक्शन-4 नियम लागू है वहां लोग अपने मकान या खाली प्लाॅट में खड़े हरे पेड़ बिना विभाग की अनुमति के नहीं काट सकते। विभाग ने हरे पेड़ों का पूरा रिकाॅर्ड दर्ज कर लिया है। लोग पेड़-पौधों का संरक्षण करने में विभाग को सहयोग करें। ज्यादा से ज्यादा संख्या में पौधरोपण करें।
-दलीप सिंह, जिला वन अधिकारी
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