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हम खिलाड़ी हैं, दांव लगाना जानते हैं, टिकट देकर चुनाव लड़ाना पार्टी का काम : बबीता
Thu, 04 Jul 2024 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 04 Jul 2024 12:55 AM IST
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सरपंचों से मिलने के बाद अपने आवास पर पत्रकार वार्ता करतीं भाजपा नेत्री बबीता फौगाट। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। हम खिलाड़ी हैं, दांव लगाना जानते हैं बाकी टिकट देकर चुनाव लड़वाना पार्टी का काम है। हां, मौका मिला तो इस बार दांव में कमी नहीं रहने दूंगी। पिछली बार से कहीं अधिक मेहनत कर चुनाव में मजबूत प्रत्याशी के तौर पर खुद को साबित करके दिखाऊंगी। यह बात पूर्व अंतरराष्ट्रीय पहलवान एवं भाजपा नेत्री बबीता फौगाट ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में विधानसभा चुनाव लड़ने के बारे में पूछे सवाल का जवाब देते हुए कही।
प्रेसवार्ता में उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की परिपाटी परिवारवाद की है जबकि भाजपा सबको साथ लेकर चलने वाला संगठन है। कांग्रेस के हालात ये हैं कि राष्ट्रीय स्तर पर मां अपने बेटे और प्रदेश स्तर पर बाप अपने बेटे से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। यही कारण रहा कि प्रदेश की कद्दावर नेता किरण चौधरी को भी इनसे परेशान होकर कांग्रेस छोड़ने का फैसला लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि किरण चौधरी ने सही समय पर सही फैसला लेते हुए भाजपा ज्वाइन की है और उनका निर्णय एकदम सही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरपंचों के लिए कई घोषणाएं कर ग्रामीण विकास को गति प्रदान की है। अब सरपंच अपने गांवों में पांच लाख के बजाय 21 लाख रुपये तक के काम बिना टेंडर के करवा सकेंगे। मिट्टी भरत का भुगतान भी सरकार की ओर से किया जाएगा। प्रशासनिक कार्यों के लिए सरपंचों को 16 रुपये प्रति किलोमीटर के अनुसार टीए दिया जाएगा। ग्राम सचिव की एसीआर पर भी सरपंच टिप्पणी कर सकेंगे। इसके अलावा गांवों में होने वाले कार्यक्रमों के लिए भी बजट में बढ़ोतरी की गई है।
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पहले खाप राजनीति से नहीं रखती थीं वास्ता, अब चीजें जा रही दूसरी तरफ
फौगाट खाप प्रधान बलवंत नंबरदार के कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर करने के फैसले पर भाजपा नेता बबीता फौगाट ने कहा कि पहले खाप पंचायतें समाजहित को ध्यान में रखते हुए समाज सुधार के लिए काम करती थी। उनका राजनीति से दूर-दूर तक वास्ता नहीं था लेकिन अब चीजें दूसरी तरफ जा रही हैं। सभी को मिलकर समाज की बेहतरी के लिए काम करना चाहिए।
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चरखी दादरी। हम खिलाड़ी हैं, दांव लगाना जानते हैं बाकी टिकट देकर चुनाव लड़वाना पार्टी का काम है। हां, मौका मिला तो इस बार दांव में कमी नहीं रहने दूंगी। पिछली बार से कहीं अधिक मेहनत कर चुनाव में मजबूत प्रत्याशी के तौर पर खुद को साबित करके दिखाऊंगी। यह बात पूर्व अंतरराष्ट्रीय पहलवान एवं भाजपा नेत्री बबीता फौगाट ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में विधानसभा चुनाव लड़ने के बारे में पूछे सवाल का जवाब देते हुए कही।
प्रेसवार्ता में उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की परिपाटी परिवारवाद की है जबकि भाजपा सबको साथ लेकर चलने वाला संगठन है। कांग्रेस के हालात ये हैं कि राष्ट्रीय स्तर पर मां अपने बेटे और प्रदेश स्तर पर बाप अपने बेटे से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। यही कारण रहा कि प्रदेश की कद्दावर नेता किरण चौधरी को भी इनसे परेशान होकर कांग्रेस छोड़ने का फैसला लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि किरण चौधरी ने सही समय पर सही फैसला लेते हुए भाजपा ज्वाइन की है और उनका निर्णय एकदम सही है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरपंचों के लिए कई घोषणाएं कर ग्रामीण विकास को गति प्रदान की है। अब सरपंच अपने गांवों में पांच लाख के बजाय 21 लाख रुपये तक के काम बिना टेंडर के करवा सकेंगे। मिट्टी भरत का भुगतान भी सरकार की ओर से किया जाएगा। प्रशासनिक कार्यों के लिए सरपंचों को 16 रुपये प्रति किलोमीटर के अनुसार टीए दिया जाएगा। ग्राम सचिव की एसीआर पर भी सरपंच टिप्पणी कर सकेंगे। इसके अलावा गांवों में होने वाले कार्यक्रमों के लिए भी बजट में बढ़ोतरी की गई है।
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पहले खाप राजनीति से नहीं रखती थीं वास्ता, अब चीजें जा रही दूसरी तरफ
फौगाट खाप प्रधान बलवंत नंबरदार के कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर करने के फैसले पर भाजपा नेता बबीता फौगाट ने कहा कि पहले खाप पंचायतें समाजहित को ध्यान में रखते हुए समाज सुधार के लिए काम करती थी। उनका राजनीति से दूर-दूर तक वास्ता नहीं था लेकिन अब चीजें दूसरी तरफ जा रही हैं। सभी को मिलकर समाज की बेहतरी के लिए काम करना चाहिए।