शहर की अधिकतर कॉलोनियों से बरसाती पानी की निकासी हो चुकी है जबकि एमसी कॉलोनी, कीकर वासनी व मॉडल संस्कृति स्कूल का पानी निकालने की प्रक्रिया अभी जारी है। इस कार्य में विभाग तेजी लाएं । यह निर्देश उपायुक्त प्रदीप गोदारा ने बुधवार को जिला के ग्राीमण व शहरी क्षेत्र में बरसाती पानी निकासी की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए दिए। अभी फिलहाल जिले के 22 गांव की 1776 एकड़ भूमि जलमग्न है।
बैठक में उपायुक्त ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के रोहतक रोड के दोनों तरफ बने नालों की सफाई की जाए। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शहर में पानी निकासी के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं, लेकिन कई इलाकों में सीवरेज ब्लॉकेज की समस्या बनी हुई है, जिसके लिए सुपर सकर मशीन की आवश्यकता है। उपायुक्त ने जन स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से बात की, जिस पर उच्चाधिकारियों ने चंडीगढ़ मुख्यालय से वीरवार को एक सुपर सकर मशीन दादरी के लिए भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद उपायुक्त ने बैठक में सिंचाई विभाग के अधिकारियों से ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव वाले गांवों की स्थिति का जायजा लिया। कार्यकारी अभियंता तेजपाल सांगवान ने बताया कि सितंबर में आई तेज बारिश के कारण जिले की लगभग 12 हजार एकड़ में जलभराव हुुआ था। इसके बाद जिले में कुल 108 पंप सेट लगाए गए हैं। अभी जिले के 22 गांव की 1776 एकड़ भूमि में पानी भरा है, लेकिन अगले एक सप्ताह में पानी निकासी करवा दी जाएगी। बैठक में उपायुक्त ने फसल खरीद, खाद की आपूर्ति, सड़कों की मरम्मत आदि कार्यों की भी समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने संबंधित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करें। इस अवसर पर नगराधीश अमित मान, जिला खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी बी एस दून, लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता सोमबीर दहिया, नगर परिषद सचिव प्रशांत परासर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।