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Charkhi Dadri News: बारिश से नहरों में बढ़ा जलस्तर, 24 घंटे निगरानी कर रहा विभाग
Fri, 09 Aug 2024 05:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 09 Aug 2024 05:50 AM IST
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पानी से लबालब जिले की लोहारू नहर। संवाद
पंप हाउस पर लगातार मोटर चलाकर नहरों से किया जा रहा पानी का उठान, पीछे से अचानक पानी ज्यादा छोड़ने की स्थिति के मद्देनजर सिंचाई विभाग की टीमें अलर्ट
- 800 से बढ़कर 900 क्यूसेक हुआ नहरों में पानी, डिस्ट्रीब्यूटरी, माइनर व सभी सब माइनरें भी पानी से लबालब
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। बारिश के चलते नहरों में बढ़ते पानी के दबाव को देखते हुए सिंचाई विभाग सतर्क हो गया है। पंप हाउसों से लगातार पानी उठान के लिए मोटर एवं पंप आदि सिस्टम को अपडेट किया गया है। वहीं, विभाग के कर्मचारी भी 24 घंटे निगरानी रख रहे हैं। ताकि, अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो जाने या पीछे से अचानक ज्यादा मात्रा में पानी पहुंचने पर स्थिति पर नियंत्रण रखा जा सके।
इसके अलावा सिंचाई विभाग ने लोहारू नहर के समीप रिजर्व टैंक को भी तैयार कर रखा है। ताकि, अतिरिक्त पानी को इस टैंक में छोड़ा जा सके। कई बार नहर ओवरफ्लो होने पर खेतों में ही नहीं बल्कि गांवों में भी पानी घुस जाता है। इस पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है। इस समय नहरों में करीब 900 क्यूसेक पानी चल रहा है। पांच दिन पहले पानी की यह मात्रा करीब 800 क्यूसेक थी।
बता दें कि जिले की नहरों में पानी लगातार चल रहा है। प्रदेश के अलावा साथ लगते राज्यों में बारिश की अधिकता के कारण पानी पहाड़ों से नदियों में जा रहा है। इससे नदियों में पानी का प्रवाह एवं स्तर बढ़ता जा रहा है। नहरों में जलस्तर बढ़ने पर अतिरिक्त पानी को प्रदेश की सभी नहरों व माइनरों में छोड़ रखा है। ताकि, पानी का समायोजन होता रहे और नहरों के ओवरफ्लो की स्थिति से बचा जा सके। कई बार नहर के अचानक ओवरफ्लो होने पर आसपास के खेतों व बस्ती में पानी भर जाने से बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं।
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- टेल तक पहुंचाया जा रहा पानी
जिले की मेन लोहारू कैनाल, लोहारू फीडर, सतनाली फीडर, बधवाना डिस्टीब्यूटरी, माइनर व सब माइनर सहित तकरीबन सभी नहरों में पानी चल रहा है। इस पानी को टेल तक पहुंचाने के लिए माइनरों व सब माइनरों में भी छोड़ रखा है। ताकि, फालतू पानी का सदुपयोग होता रहे।
- पंप हाउसों की निगरानी बढ़ाई
सिंचाई विभाग के अधिकारी पंप हाउसों की 24 घंटे निगरानी रखे हुए हैं। कई बार अचानक पीछे से ज्यादा मात्रा में पानी पहुंचने पर नहरें ओवरफ्लो हो जाती हैं। इतना ही नहीं, कई बार अचानक बिजली एवं मोटर में फॉल्ट आ जाने पर पानी का उठान नहीं हो पाता है। इससे पंप हाउस से पीछे पानी का स्तर बढ़ जाता है। इससे ओवरफ्लो की स्थिति बन जाती है। इस समय नहरों मेें बारिश का पहाड़ी पानी चल रहा है। हालांकि, विभाग ने दो साल पहले जिले के मेन पंप हाउसों में काफी संख्या में नए मोटर एवं पंप भी लगाए हैं। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए विभाग अधिकारी सतर्क बने हुए हैं। पंप हाउसों पर कार्यरत कर्मचारियों को भी अलर्ट कर रखा है। खासकर रात के समय विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
- जिले में 78 नहरें, माइनर व सब माइनर
जिले में 78 नहरें, माइनर व सब माइनर हैं। इनमें इस समय पानी चल रहा है। लोहारू नहर पर गांव रावलधी के समीप करीब 18 एकड़ से ज्यादा जमीन में रिजर्व टैंक भी बना रखा है। ताकि, फालतू पानी को इस टैंक में डाला जा सके।
वर्सन :
पंप हाउसों की लगातार निगरानी रखी जा रही है। मोटर व पंप सिस्टम अपडेट कर दिए गए हैं। पंप हाउसों में तैनात कर्मचारी अलर्ट हैं।
-वेदपाल सांगवान, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
फोटो- 14
पानी से लबालब जिले की लोहारू नहर। संवाद
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- 800 से बढ़कर 900 क्यूसेक हुआ नहरों में पानी, डिस्ट्रीब्यूटरी, माइनर व सभी सब माइनरें भी पानी से लबालब
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। बारिश के चलते नहरों में बढ़ते पानी के दबाव को देखते हुए सिंचाई विभाग सतर्क हो गया है। पंप हाउसों से लगातार पानी उठान के लिए मोटर एवं पंप आदि सिस्टम को अपडेट किया गया है। वहीं, विभाग के कर्मचारी भी 24 घंटे निगरानी रख रहे हैं। ताकि, अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो जाने या पीछे से अचानक ज्यादा मात्रा में पानी पहुंचने पर स्थिति पर नियंत्रण रखा जा सके।
इसके अलावा सिंचाई विभाग ने लोहारू नहर के समीप रिजर्व टैंक को भी तैयार कर रखा है। ताकि, अतिरिक्त पानी को इस टैंक में छोड़ा जा सके। कई बार नहर ओवरफ्लो होने पर खेतों में ही नहीं बल्कि गांवों में भी पानी घुस जाता है। इस पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है। इस समय नहरों में करीब 900 क्यूसेक पानी चल रहा है। पांच दिन पहले पानी की यह मात्रा करीब 800 क्यूसेक थी।
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बता दें कि जिले की नहरों में पानी लगातार चल रहा है। प्रदेश के अलावा साथ लगते राज्यों में बारिश की अधिकता के कारण पानी पहाड़ों से नदियों में जा रहा है। इससे नदियों में पानी का प्रवाह एवं स्तर बढ़ता जा रहा है। नहरों में जलस्तर बढ़ने पर अतिरिक्त पानी को प्रदेश की सभी नहरों व माइनरों में छोड़ रखा है। ताकि, पानी का समायोजन होता रहे और नहरों के ओवरफ्लो की स्थिति से बचा जा सके। कई बार नहर के अचानक ओवरफ्लो होने पर आसपास के खेतों व बस्ती में पानी भर जाने से बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं।
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- टेल तक पहुंचाया जा रहा पानी
जिले की मेन लोहारू कैनाल, लोहारू फीडर, सतनाली फीडर, बधवाना डिस्टीब्यूटरी, माइनर व सब माइनर सहित तकरीबन सभी नहरों में पानी चल रहा है। इस पानी को टेल तक पहुंचाने के लिए माइनरों व सब माइनरों में भी छोड़ रखा है। ताकि, फालतू पानी का सदुपयोग होता रहे।
- पंप हाउसों की निगरानी बढ़ाई
सिंचाई विभाग के अधिकारी पंप हाउसों की 24 घंटे निगरानी रखे हुए हैं। कई बार अचानक पीछे से ज्यादा मात्रा में पानी पहुंचने पर नहरें ओवरफ्लो हो जाती हैं। इतना ही नहीं, कई बार अचानक बिजली एवं मोटर में फॉल्ट आ जाने पर पानी का उठान नहीं हो पाता है। इससे पंप हाउस से पीछे पानी का स्तर बढ़ जाता है। इससे ओवरफ्लो की स्थिति बन जाती है। इस समय नहरों मेें बारिश का पहाड़ी पानी चल रहा है। हालांकि, विभाग ने दो साल पहले जिले के मेन पंप हाउसों में काफी संख्या में नए मोटर एवं पंप भी लगाए हैं। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए विभाग अधिकारी सतर्क बने हुए हैं। पंप हाउसों पर कार्यरत कर्मचारियों को भी अलर्ट कर रखा है। खासकर रात के समय विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
- जिले में 78 नहरें, माइनर व सब माइनर
जिले में 78 नहरें, माइनर व सब माइनर हैं। इनमें इस समय पानी चल रहा है। लोहारू नहर पर गांव रावलधी के समीप करीब 18 एकड़ से ज्यादा जमीन में रिजर्व टैंक भी बना रखा है। ताकि, फालतू पानी को इस टैंक में डाला जा सके।
वर्सन :
पंप हाउसों की लगातार निगरानी रखी जा रही है। मोटर व पंप सिस्टम अपडेट कर दिए गए हैं। पंप हाउसों में तैनात कर्मचारी अलर्ट हैं।
-वेदपाल सांगवान, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
फोटो- 14
पानी से लबालब जिले की लोहारू नहर। संवाद