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Charkhi Dadri News: ग्रामीणों को बाल विवाह निषेध कानून की बारीकियों से कराया अवगत
Sun, 15 Feb 2026 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 15 Feb 2026 01:32 AM IST
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कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को जागरूक करते हुए विभाग की टीम।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से मिटाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग सक्रियता बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को गांव रामबास में विभाग की ओर से बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम सुपरवाइजर रेनू रतिवाल के दिशा-निर्देशानुसार संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों को बाल विवाह निषेध कानून की बारीकियों से अवगत कराया गया। सुपरवाइजर के निर्देशों का पालन करते हुए विभाग के प्रतिनिधियों ने बताया कि कम उम्र में शादी करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी घातक है। इसके दुष्परिणामों पर चर्चा करने के बाद सभी उपस्थित ग्रामीणों और अधिकारियों ने सामूहिक रूप से जीवन में कभी भी बाल विवाह न करने और समाज में इसे रोकने की शपथ ली।
इस अवसर पर गांव के गणमान्य व्यक्तियों सहित विभाग की टीम मौजूद रही। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी वर्कर सुनीता रानी, अनिल, सुशील और आंगनबाड़ी हेल्पर सुदेश, मूर्ति देवी, उषा देवी ने मुख्य भूमिका निभाई। इसके अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण और अन्य लाभार्थी भी कार्यक्रम का हिस्सा बने। विभाग का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को जागरूक कर बाल विवाह मुक्त समाज का निर्माण करना है।
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कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों को बाल विवाह निषेध कानून की बारीकियों से अवगत कराया गया। सुपरवाइजर के निर्देशों का पालन करते हुए विभाग के प्रतिनिधियों ने बताया कि कम उम्र में शादी करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी घातक है। इसके दुष्परिणामों पर चर्चा करने के बाद सभी उपस्थित ग्रामीणों और अधिकारियों ने सामूहिक रूप से जीवन में कभी भी बाल विवाह न करने और समाज में इसे रोकने की शपथ ली।
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इस अवसर पर गांव के गणमान्य व्यक्तियों सहित विभाग की टीम मौजूद रही। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी वर्कर सुनीता रानी, अनिल, सुशील और आंगनबाड़ी हेल्पर सुदेश, मूर्ति देवी, उषा देवी ने मुख्य भूमिका निभाई। इसके अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण और अन्य लाभार्थी भी कार्यक्रम का हिस्सा बने। विभाग का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को जागरूक कर बाल विवाह मुक्त समाज का निर्माण करना है।
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