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निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों पर ढकना होगा तिरपाल, डीजल के 10 साल और पेट्रोल के 15 साल पुराने वाहनों को जब्त करेगी पुलिस
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जिले से गुजरते निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहन। संवाद
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। प्रदूषण का स्तर बढ़ने से जिले की हवा की स्थिति लगातार बेहद खराब बनी है। इसके मद्देनजर प्रशासन क्रशर समेत अन्य औद्योगिक इकाईयों के संचालन पर पहले ही रोक लगा जा चुका है जबकि अब दो अहम निर्णय और लिये है। एक निर्णय पुलिस विभाग की ओर से लिया गया है, जिसमें चालकों को 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को सड़क पर चलाने पर जब्त करने की चेतावनी दी है। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से निर्माण सामग्री ढोने वाले वाहनों को तिरपाल ढककर चलने के आदेश दिए है।
आरटीए दर्शना भारद्वाज ने बताया कि सरकार ने निर्माण सामग्री ढोने वाले वाहनों के लिए रोड़ी, रेती, बजरी आदि पर तिरपाल ढकना अनिवार्य कर दिया है। जो भी वाहन खुली लॉरी में पत्थर, रेत, मिट्टी आदि ले जाते पाए गए तो उनका 11 हजार रुपये का चालान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वायू प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार ने खुली ट्राली या लॉरी में निर्माण सामग्री ले जाने पर पाबंदी लगा दी है। वाहन चालक निर्माण सामग्री पर पानी का छिड़काव कर और उन पर तिरपाल डालकर गाड़ी को सड़क पर लेकर आए। कहीं भी खुली निर्माण सामग्री पाई गई तो चालान के तौर पर 11 हजार की राशि वसूल की जाएगी और वाहन को जब्त भी किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले चार दिनों के दौरान तीन लाख से अधिक राशि के चालान किए जा चुके हैं। इसलिए माइनिंग जोन से पत्थर, रोड़ी, रेती आदि ढोने वाले वाहन चालक अपने माल पर पानी का छिड़काव करें और उस पर तिरपाल ढक दें, जिससे कि धूल न उड़ें।
वहीं, एसपी दीपक गहलावत ने बताया कि जिला के लोग 10 साल से अधिक पुराने डीजल इंजन और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल इंजन वाले वाहनों का प्रयोग करना बंद करें। उन्होंने बताया कि लाउडस्पीकर के जरिये इसकी घोषणा भी पुलिस ने कर दी है। उन्होंने बताया कि अब पुलिस टीमें ऐसे वाहनों की धरपकड़ शुरू करेगी। उन्होंने बताया कि पुलिस वाहन चालकों समेत लोगों को एनजीटी के नियमों की पालना करने के लिए प्रेरित कर रही है।
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आरटीए दर्शना भारद्वाज ने बताया कि सरकार ने निर्माण सामग्री ढोने वाले वाहनों के लिए रोड़ी, रेती, बजरी आदि पर तिरपाल ढकना अनिवार्य कर दिया है। जो भी वाहन खुली लॉरी में पत्थर, रेत, मिट्टी आदि ले जाते पाए गए तो उनका 11 हजार रुपये का चालान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वायू प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार ने खुली ट्राली या लॉरी में निर्माण सामग्री ले जाने पर पाबंदी लगा दी है। वाहन चालक निर्माण सामग्री पर पानी का छिड़काव कर और उन पर तिरपाल डालकर गाड़ी को सड़क पर लेकर आए। कहीं भी खुली निर्माण सामग्री पाई गई तो चालान के तौर पर 11 हजार की राशि वसूल की जाएगी और वाहन को जब्त भी किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले चार दिनों के दौरान तीन लाख से अधिक राशि के चालान किए जा चुके हैं। इसलिए माइनिंग जोन से पत्थर, रोड़ी, रेती आदि ढोने वाले वाहन चालक अपने माल पर पानी का छिड़काव करें और उस पर तिरपाल ढक दें, जिससे कि धूल न उड़ें।
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वहीं, एसपी दीपक गहलावत ने बताया कि जिला के लोग 10 साल से अधिक पुराने डीजल इंजन और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल इंजन वाले वाहनों का प्रयोग करना बंद करें। उन्होंने बताया कि लाउडस्पीकर के जरिये इसकी घोषणा भी पुलिस ने कर दी है। उन्होंने बताया कि अब पुलिस टीमें ऐसे वाहनों की धरपकड़ शुरू करेगी। उन्होंने बताया कि पुलिस वाहन चालकों समेत लोगों को एनजीटी के नियमों की पालना करने के लिए प्रेरित कर रही है।
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