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Charkhi Dadri News: यूरिया के 6800 बैग और डीएपी खाद 1600 बैग पहुंची

Sun, 12 Oct 2025 09:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sun, 12 Oct 2025 09:53 PM IST
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पोर्टल पर दर्ज जमीन के अनुसार होगा वितरण, सभी पैक्स समितियों में मिलेगी खाद
संवाद न्यूज एजेंसी

चरखी दादरी। जिले में रविवार को डीएपी व यूरिया खाद पहुंच गई। सोमवार से खाद का वितरण किया जाएगा। किसान को मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर दर्ज जमीन के विवरण व आधार कार्ड से खाद मिलेगी। यूरिया पुरानी अनाज मंडी व डीएपी खाद नई अनाज मंडी स्थित गोदाम में रखी गई है।
खाद का वितरण पैक्स समितियों के जरिए भी किया जाएगा। यूरिया की फिलहाल इतनी मांग नहीं है। डीएपी की ज्यादा खपत बनी हुई है क्योंकि किसान सरसों की बिजाई में डीएपी का इस्तेमाल कर रहे हैं। यूरिया के 6800 बैग पहुंचे हैं जबकि डीएपी खाद 1600 बैग पहुंची है। शेष डीएपी खाद रोहतक से सोमवार तक पहुंच जाएगी।
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खाद का वितरण बधवाना, दाढ़ी बाना, झोझूकलां, बाढड़ा, चरखी, बौंदकलां व रावलधी पैक्स समितियों में किया जाएगा। रबी सीजन की सरसों की बिजाई तो रेतीले क्षेत्र में शुरू हो गई है। ऐसे में डीएपी खाद की जरूरत ज्यादा बनी हुई है।
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सरसों के बाद नवंबर प्रथम सप्ताह में गेहूं की बिजाई शुरू हो जाएगी। उस समय भी डीएपी की जरूरत बनी रहेगी। खाद वितरण के नए नियम के तहत शून्य से डेढ़ एकड़ तक एक किसान को एक बैग डीएपी खाद दी जा रही है। डेढ़ से ढाई एकड़ तक दो व साढ़े तीन एकड़ तक तीन बैग दिए जा रहे हैं।
ज्यादा जमीन वाले किसान एक बार में अधिकतम पांच बैग ले सकते हैं। उसके बाद उसे दोबारा वही प्रक्रिया शुरू कर खाद प्राप्त करनी होगी है। इस नियम के बाद खाद वितरण केंद्रों पर भीड़ नहीं बन रही है। विभाग गांवों में स्थित पैक्स समितियों के पास ज्यादा खाद भेज रहा है ताकि किसानों को नजदीक ही खाद मिल सके। वैसे यूरिया खाद की फिलहाल कोई कमी नहीं है। यह पहले से ही खरीद केंद्रों में काफी मात्रा में रखी है।



रबी सीजन में सरसों की होती है ज्यादा बिजाई

मार्च 2026 तक यानी खरीफ व रबी दोनों फसलों के लिए डीएपी आठ हजार व यूरिया 18 हजार एमटी की जरूरत मानी गई है। जिले का कुल कृषि योग्य रकबा एक लाख 22 हजार 368 हेक्टेयर क्षेत्र है। इस समय रबी सीजन चल रहा है। जिले में हर साल औसत 1 लाख 50 हजार एकड़ में सरसों की बिजाई होती है। गेहूं की बिजाई करीब 40 हजार एकड़ में होती है।




वर्जन

यूरिया व डीएपी खाद पहुंच गई है। सोमवार से इसका वितरण शुरू कर दिया जाएगा। दिसंबर माह तक डीएपी व यूरिया की मांग बनी रहेगी। खाद व बीज की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।

-कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग।
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