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Charkhi Dadri News: मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए 85 प्रतिशत तक मिल रहा अनुदान
Wed, 12 Nov 2025 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 12 Nov 2025 01:29 AM IST
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चरखी दादरी।
प्रदेश सरकार की ओर से मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए सभी श्रेणी के आवेदकों को मधुमक्खी बॉक्स एवं मधुमक्खी कॉलोनिज पर 85 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। मधुमक्खी पालकों को शहद का बाजार में उचित भाव न मिलने के कारण नुकसान से बचाने व जोखिम खत्म करने के लिए सरकार की ओर से शहद को भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया है। मधुमक्खी पालक समय पर पंजीकरण करवाकर योजना का लाभ उठायें।
उपायुक्त डाॅ. मुनीश नागपाल ने बताया कि लाभ प्राप्त करने के लिए प्रति मधुमक्खी पालक एक हजार बक्सों की अधिकतम सीमा तथा 120 रुपये प्रति किलोग्राम शहद का बेस प्राइस निर्धारित किया गया है तथा 30 किलोग्राम प्रति बॉक्स के हिसाब से प्रतिवर्ष 30 हजार किलोग्राम तक प्रति मधुमक्खी पालक बिक्री सीमा निर्धारित की गई है। मधुमक्खी पालक को मधुकांति पोर्टल व हनी ट्रेड सेंटर (एचटीसी) पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा, जिसके लिए परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है।
एक दिसंबर से 31 मई तक होगा पंजीकरण
योजना का लाभ कुरुक्षेत्र के रामनगर आईबीडीसी स्थित हनी ट्रेड सेंटर पर शहद की बिक्री करने वाले मधुमक्खी पालक को मिलेगा। मधुमक्खी पालक को कम से कम 500 किलोग्राम शहद केंद्र पर बिक्री के लिए ले जाना होगा तथा हनी ट्रेड पोर्टल सेंटर पर पंजीकरण का समय एक दिसंबर से 31 मई तक का निर्धारित है। बक्सों का सत्यापन उद्यान विभाग की टीम द्वारा जनवरी से जून माह के बीच किया जाता है तथा बिक्री का समय भी जनवरी से जून तक ही रहेगा।
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प्रदेश सरकार की ओर से मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए सभी श्रेणी के आवेदकों को मधुमक्खी बॉक्स एवं मधुमक्खी कॉलोनिज पर 85 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। मधुमक्खी पालकों को शहद का बाजार में उचित भाव न मिलने के कारण नुकसान से बचाने व जोखिम खत्म करने के लिए सरकार की ओर से शहद को भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया है। मधुमक्खी पालक समय पर पंजीकरण करवाकर योजना का लाभ उठायें।
उपायुक्त डाॅ. मुनीश नागपाल ने बताया कि लाभ प्राप्त करने के लिए प्रति मधुमक्खी पालक एक हजार बक्सों की अधिकतम सीमा तथा 120 रुपये प्रति किलोग्राम शहद का बेस प्राइस निर्धारित किया गया है तथा 30 किलोग्राम प्रति बॉक्स के हिसाब से प्रतिवर्ष 30 हजार किलोग्राम तक प्रति मधुमक्खी पालक बिक्री सीमा निर्धारित की गई है। मधुमक्खी पालक को मधुकांति पोर्टल व हनी ट्रेड सेंटर (एचटीसी) पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा, जिसके लिए परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है।
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एक दिसंबर से 31 मई तक होगा पंजीकरण
योजना का लाभ कुरुक्षेत्र के रामनगर आईबीडीसी स्थित हनी ट्रेड सेंटर पर शहद की बिक्री करने वाले मधुमक्खी पालक को मिलेगा। मधुमक्खी पालक को कम से कम 500 किलोग्राम शहद केंद्र पर बिक्री के लिए ले जाना होगा तथा हनी ट्रेड पोर्टल सेंटर पर पंजीकरण का समय एक दिसंबर से 31 मई तक का निर्धारित है। बक्सों का सत्यापन उद्यान विभाग की टीम द्वारा जनवरी से जून माह के बीच किया जाता है तथा बिक्री का समय भी जनवरी से जून तक ही रहेगा।
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