{"_id":"61a12eb257dcf111963d252b","slug":"university-filling-the-form-without-re-appearing-the-result-of-the-examination-charkhidadri-news-hsr617903459","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिणाम आया नहीं, रि-अपीयर के फार्म पहले भरवा रही यूनिवर्सिटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिणाम आया नहीं, रि-अपीयर के फार्म पहले भरवा रही यूनिवर्सिटी
विज्ञापन
बिना परीक्षा परिणाम आए री-अपीयर के फार्म भरवा रही यूनिवर्सिटी
परिणाम आया नहीं, री-अपीयर के फार्म भरने में विद्यार्थियों की जेब ढीली
- सितंबर-अक्तूबर माह में हुए थे स्नातक पांचवें सेमेस्टर और स्नातकोत्तर तृतीय सेमेस्टर के री-अपीयर परीक्षाएं
- परिणाम नहीं आने के बावजूद री-अपीयर के फार्म भरने को मजबूर हुए विद्यार्थी, एक बच्चे की जेब पर पड़ रहा 800 रुपये खर्च
- विद्यार्थियों के पंजीकरण से पहले ही परीक्षा फार्म भरवा रहा यूनिवर्सिटी, अब तिथि बढ़ाने की तैयारी
शिव कुमार
चरखी दादरी। चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली भी कमाल है। जिन स्नातक, स्नातकोत्तर कक्षाओं की री-अपीयर परीक्षाएं सितंबर-अक्तूबर माह में ली थी, उनका परिणाम घोषित करने की बजाए दोबारा से री-अपीयर फार्म भरवा रहा है। सितंबर-अक्तूबर माह में ही स्नातक पांचवें सेमेस्टर और स्नातकोत्तर तृतीय वर्ष की री-अपीयर की परीक्षाएं हुई थी। परिणाम नहीं आने से विद्यार्थी असमंजस में हैं कि फार्म भरे या नहीं। अब मजबूरन वे परिणाम नहीं आने के बावजूद फार्म भरने को मजबूर हैं। ऐसे में परिणाम में पास होने के बाद विद्यार्थियों का यह परीक्षा फार्म शुल्क बेकार हो जाएगा। प्रति विद्यार्थी 800 रुपये शुल्क आ रहा है। ऐसे में यूनिवर्सिटी की लचर कार्यप्रणाली सैकड़ों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की जेब पर भारी पड़ रही है।
चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय की लचर कार्यप्रणाली विद्यार्थियों पर भारी पड़ रही है। परिणाम से पहले ही री-अपीयर फार्म भरवाने के निर्णय से स्नातक व स्नातकोत्तर के सैकड़ों विद्यार्थी परेशान हैं और अब मजबूरी में फार्म भरने को मजबूर है। ऐसे में प्रति विद्यार्थी 800 रुपये की मार पड़ रही है। विद्यार्थियों में असमंजस की स्थिति है कि वे पास हो गए तो यह फार्म भरने की राशि बेकार जाएगी। विश्वविद्यालय से भिवानी और चरखी दादरी जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट महाविद्यालय जुड़े हैं। ऐसे में विद्यार्थियों की संख्या भी ज्यादा है। यूनिवर्सिटी अधिकारियों तक भी यह मामला पहुंचा है। जिसके बाद फार्म भरने की अंतिम तिथि जो कि अब 27 नवंबर है को 10 दिसंबर तक बढ़ाया जा सकता है। इस दौरान यूनिवर्सिटी प्रशासन सितंबर-अक्तूबर माह में हुई रि-अपीयर परीक्षाओं का परिणाम भी जारी करने का प्रयास करेगा। मगर अब तक 27 नवंबर ही रि-अपीयर फार्म भरने की अंतिम तिथि है। ऐसे में लगभग सभी विद्यार्थियों ने री-अपीयर का फार्म भर दिया है।
पंजीकरण से पहले परीक्षा फार्म भरने की अंतिम तिथि
सबसे अहम किसी भी विद्यार्थी का यूनिवर्सिटी में एनरोलमेंट होना जरूरी होता है। परीक्षाएं बाद में होती हैं। मगर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पंजीकरण से पहले विद्यार्थियों के परीक्षा फार्म भरवाने की जल्दबाजी दिखाई है। अब विद्यार्थियों की पंजीकरण यानी सीआर (कन्टीन्यूस रिटर्न) फार्म भरने की अंतिम तिथि 30 नवंबर है जबकि परीक्षा फार्म भरने की अंतिम तिथि 27 नवंबर है। इस संबंध में कुछ कॉलेज प्रिंसिपल, प्रोफेसर ने यूनिवर्सिटी से संपर्क भी साधा है। जिसके बाद अब यूनिवर्सिटी प्रशासन परीक्षा फार्म भरने की अंतिम तिथि बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इसे बढ़ाकर 10 दिसंबर तक किया जा सकता है।
विज्ञापन
कोट्स
मैने सितंबर माह में ही रि-अपीयर की परीक्षा दी है, जिसका परिणाम अभी नहीं आया है। अब रि-अपीयर के फार्म निकले हुए है। पेपर तो अच्छा हुआ था मगर शंका है अगर पास नहीं हुआ तो दोबारा यूनिवर्सिटी पता नहीं कब मौका दे। ऐसे में फार्म भरा है। अगर परिणाम में पेपर क्लीयर हो गया तो ये वाला पेपर नहीं दूंगी। यूनिवर्सिटी को पहले परीक्षा का परिणाम निकालना चाहिए था और उसके बाद परीक्षा लेनी चाहिए थी।
प्रीति छात्रा, एमएससी
पहले परिणाम जारी करना चाहिए और उसके बाद ही री-अपीयर के फार्म भरवाने चाहिए। अब जो बच्चे पास हो जाएंगे, उनका तो फार्म भरने की राशि बेकार हो जाएगी। यूनिवर्सिटी को या तो पास होने पर राशि रिफंड का प्रावधान करना चाहिए। अब बेवजह बच्चों पर आर्थिक मार भी पड़ रही है।
कुसुम छात्रा एमएससी
--
वर्जन:
री-अपीयर फार्म आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने पर विचार चल रहा है और संभवत: इसे 10 दिसंबर किया जाएगा। हमारा प्रयास री-अपीयर की सितंबर-अक्तूबर में हुई परीक्षाओं का परिणाम घोषित किए जाने का रहेगा। जिन विद्यार्थियों ने फार्म भर दिए है, उनके लिए अभी तो कोई प्रावधान नहीं है। बाकी वाइस चांसलर और परीक्षा नियंत्रक ही इस बारे में फैसला लेंगे।
दीपक वधवा, डिप्टी सीईओ
चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय
विज्ञापन
परिणाम आया नहीं, री-अपीयर के फार्म भरने में विद्यार्थियों की जेब ढीली
- सितंबर-अक्तूबर माह में हुए थे स्नातक पांचवें सेमेस्टर और स्नातकोत्तर तृतीय सेमेस्टर के री-अपीयर परीक्षाएं
- परिणाम नहीं आने के बावजूद री-अपीयर के फार्म भरने को मजबूर हुए विद्यार्थी, एक बच्चे की जेब पर पड़ रहा 800 रुपये खर्च
- विद्यार्थियों के पंजीकरण से पहले ही परीक्षा फार्म भरवा रहा यूनिवर्सिटी, अब तिथि बढ़ाने की तैयारी
शिव कुमार
चरखी दादरी। चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली भी कमाल है। जिन स्नातक, स्नातकोत्तर कक्षाओं की री-अपीयर परीक्षाएं सितंबर-अक्तूबर माह में ली थी, उनका परिणाम घोषित करने की बजाए दोबारा से री-अपीयर फार्म भरवा रहा है। सितंबर-अक्तूबर माह में ही स्नातक पांचवें सेमेस्टर और स्नातकोत्तर तृतीय वर्ष की री-अपीयर की परीक्षाएं हुई थी। परिणाम नहीं आने से विद्यार्थी असमंजस में हैं कि फार्म भरे या नहीं। अब मजबूरन वे परिणाम नहीं आने के बावजूद फार्म भरने को मजबूर हैं। ऐसे में परिणाम में पास होने के बाद विद्यार्थियों का यह परीक्षा फार्म शुल्क बेकार हो जाएगा। प्रति विद्यार्थी 800 रुपये शुल्क आ रहा है। ऐसे में यूनिवर्सिटी की लचर कार्यप्रणाली सैकड़ों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की जेब पर भारी पड़ रही है।
चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय की लचर कार्यप्रणाली विद्यार्थियों पर भारी पड़ रही है। परिणाम से पहले ही री-अपीयर फार्म भरवाने के निर्णय से स्नातक व स्नातकोत्तर के सैकड़ों विद्यार्थी परेशान हैं और अब मजबूरी में फार्म भरने को मजबूर है। ऐसे में प्रति विद्यार्थी 800 रुपये की मार पड़ रही है। विद्यार्थियों में असमंजस की स्थिति है कि वे पास हो गए तो यह फार्म भरने की राशि बेकार जाएगी। विश्वविद्यालय से भिवानी और चरखी दादरी जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट महाविद्यालय जुड़े हैं। ऐसे में विद्यार्थियों की संख्या भी ज्यादा है। यूनिवर्सिटी अधिकारियों तक भी यह मामला पहुंचा है। जिसके बाद फार्म भरने की अंतिम तिथि जो कि अब 27 नवंबर है को 10 दिसंबर तक बढ़ाया जा सकता है। इस दौरान यूनिवर्सिटी प्रशासन सितंबर-अक्तूबर माह में हुई रि-अपीयर परीक्षाओं का परिणाम भी जारी करने का प्रयास करेगा। मगर अब तक 27 नवंबर ही रि-अपीयर फार्म भरने की अंतिम तिथि है। ऐसे में लगभग सभी विद्यार्थियों ने री-अपीयर का फार्म भर दिया है।
विज्ञापन
पंजीकरण से पहले परीक्षा फार्म भरने की अंतिम तिथि
सबसे अहम किसी भी विद्यार्थी का यूनिवर्सिटी में एनरोलमेंट होना जरूरी होता है। परीक्षाएं बाद में होती हैं। मगर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पंजीकरण से पहले विद्यार्थियों के परीक्षा फार्म भरवाने की जल्दबाजी दिखाई है। अब विद्यार्थियों की पंजीकरण यानी सीआर (कन्टीन्यूस रिटर्न) फार्म भरने की अंतिम तिथि 30 नवंबर है जबकि परीक्षा फार्म भरने की अंतिम तिथि 27 नवंबर है। इस संबंध में कुछ कॉलेज प्रिंसिपल, प्रोफेसर ने यूनिवर्सिटी से संपर्क भी साधा है। जिसके बाद अब यूनिवर्सिटी प्रशासन परीक्षा फार्म भरने की अंतिम तिथि बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इसे बढ़ाकर 10 दिसंबर तक किया जा सकता है।
विज्ञापन
कोट्स
मैने सितंबर माह में ही रि-अपीयर की परीक्षा दी है, जिसका परिणाम अभी नहीं आया है। अब रि-अपीयर के फार्म निकले हुए है। पेपर तो अच्छा हुआ था मगर शंका है अगर पास नहीं हुआ तो दोबारा यूनिवर्सिटी पता नहीं कब मौका दे। ऐसे में फार्म भरा है। अगर परिणाम में पेपर क्लीयर हो गया तो ये वाला पेपर नहीं दूंगी। यूनिवर्सिटी को पहले परीक्षा का परिणाम निकालना चाहिए था और उसके बाद परीक्षा लेनी चाहिए थी।
प्रीति छात्रा, एमएससी
पहले परिणाम जारी करना चाहिए और उसके बाद ही री-अपीयर के फार्म भरवाने चाहिए। अब जो बच्चे पास हो जाएंगे, उनका तो फार्म भरने की राशि बेकार हो जाएगी। यूनिवर्सिटी को या तो पास होने पर राशि रिफंड का प्रावधान करना चाहिए। अब बेवजह बच्चों पर आर्थिक मार भी पड़ रही है।
कुसुम छात्रा एमएससी
--
वर्जन:
री-अपीयर फार्म आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने पर विचार चल रहा है और संभवत: इसे 10 दिसंबर किया जाएगा। हमारा प्रयास री-अपीयर की सितंबर-अक्तूबर में हुई परीक्षाओं का परिणाम घोषित किए जाने का रहेगा। जिन विद्यार्थियों ने फार्म भर दिए है, उनके लिए अभी तो कोई प्रावधान नहीं है। बाकी वाइस चांसलर और परीक्षा नियंत्रक ही इस बारे में फैसला लेंगे।
दीपक वधवा, डिप्टी सीईओ
चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय