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Charkhi Dadri News: पांच दिन बाद चला उल्लास पोर्टल, शिक्षार्थी करवा सकेंगे पंजीकरण
Thu, 20 Feb 2025 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 20 Feb 2025 01:28 AM IST
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चरखी दादरी के जेवली केंद्र पर शिक्षार्थियों को पढ़ाते स्वयंसेवक शिक्षक।
चरखी दादरी। जिले में पांच दिन से बंद उल्लास पोर्टल बुधवार को चल गया है। अब पांच दिन से लंबित करीब 115 शिक्षार्थी पंजीकृत हो पाएंगे। पोर्टल न चलने के कारण सर्वेयर को पंजीकरण में दिक्कत आ रही थी।
उल्लास परीक्षा मार्च में प्रस्तावित है। इसके लिए जिले में सर्वे कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस परीक्षा के तहत 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला समन्वयक हरपाल आर्य ने बताया कि उल्लास परीक्षा में जिले से कुल 7,567 शिक्षार्थियों को शामिल किया जाएगा। इनमें 3,000 से अधिक नए शिक्षार्थी होंगे, जबकि शेष वे प्रतिभागी होंगे जो सितंबर की परीक्षा में किसी कारणवश शामिल नहीं हो पाए। इन सभी शिक्षार्थियों को शिक्षित नागरिक बनाने के लिए उन्हें उल्लास कार्यक्रम से जोड़ा जा रहा है।
इस अभियान के तहत स्वयंसेवक शिक्षक विशेष भूमिका निभा रहे हैं। वे सामाजिक चेतना केंद्रों पर शिक्षार्थियों को नियमित रूप से शिक्षित कर रहे हैं, ताकि वे परीक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें। शिक्षण प्रक्रिया में बुनियादी साक्षरता और गणितीय ज्ञान को विशेष रूप से महत्व दिया जा रहा है, जिससे शिक्षार्थियों को व्यावहारिक जीवन में भी मदद मिल सके।
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जिला समन्वयक हरपाल आर्य ने बताया कि शिक्षा विभाग की टीम यह सुनिश्चित कर रही है कि अधिक से अधिक शिक्षार्थी इस अभियान से जुड़ें और उल्लास परीक्षा में सफलता प्राप्त करें। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने आसपास के निरक्षर व्यक्तियों को इस अभियान से जोड़ें, ताकि शिक्षा का प्रसार व्यापक स्तर पर हो और अधिक लोग साक्षर बन सकें।
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उल्लास परीक्षा मार्च में प्रस्तावित है। इसके लिए जिले में सर्वे कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस परीक्षा के तहत 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला समन्वयक हरपाल आर्य ने बताया कि उल्लास परीक्षा में जिले से कुल 7,567 शिक्षार्थियों को शामिल किया जाएगा। इनमें 3,000 से अधिक नए शिक्षार्थी होंगे, जबकि शेष वे प्रतिभागी होंगे जो सितंबर की परीक्षा में किसी कारणवश शामिल नहीं हो पाए। इन सभी शिक्षार्थियों को शिक्षित नागरिक बनाने के लिए उन्हें उल्लास कार्यक्रम से जोड़ा जा रहा है।
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इस अभियान के तहत स्वयंसेवक शिक्षक विशेष भूमिका निभा रहे हैं। वे सामाजिक चेतना केंद्रों पर शिक्षार्थियों को नियमित रूप से शिक्षित कर रहे हैं, ताकि वे परीक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें। शिक्षण प्रक्रिया में बुनियादी साक्षरता और गणितीय ज्ञान को विशेष रूप से महत्व दिया जा रहा है, जिससे शिक्षार्थियों को व्यावहारिक जीवन में भी मदद मिल सके।
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जिला समन्वयक हरपाल आर्य ने बताया कि शिक्षा विभाग की टीम यह सुनिश्चित कर रही है कि अधिक से अधिक शिक्षार्थी इस अभियान से जुड़ें और उल्लास परीक्षा में सफलता प्राप्त करें। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने आसपास के निरक्षर व्यक्तियों को इस अभियान से जोड़ें, ताकि शिक्षा का प्रसार व्यापक स्तर पर हो और अधिक लोग साक्षर बन सकें।