{"_id":"6a3ac607e3b2db5bbc01363d","slug":"traditional-artisans-to-receive-recognition-and-respect-applications-now-open-at-the-municipal-council-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1004-156920-2026-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: पारंपरिक कारीगरों को मिलेगा मान और सम्मान, नगर परिषद में आवेदन शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: पारंपरिक कारीगरों को मिलेगा मान और सम्मान, नगर परिषद में आवेदन शुरू
Tue, 23 Jun 2026 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 23 Jun 2026 11:14 PM IST
विज्ञापन
नगर परिषद कार्यालय में आवेदन जमा करवाने पहुंची महिलाएं व मिशन सदस्य चेयरमैन बक्शीराम सैनी के सा
चरखी दादरी। दादरी नगर परिषद के चेयरमैन बक्शीराम सैनी, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के प्रतिनिधि प्रदीप फोगाट और विभिन्न स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों की उपस्थिति में मंगलवार को गुरु-शिष्य कौशल सम्मान योजना के अंतर्गत आवेदन पत्र जमा करवाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
यह योजना विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय, पलवल की ओर से पारंपरिक कौशलों को बढ़ावा देने एवं कुशल कारीगरों को सम्मानित करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत बढ़ईगीरी, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, सिलाई, दरी एवं कालीन बुनाई, ब्यूटी पार्लर तथा अन्य पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगर आवेदन कर सकते हैं।
योजना के लिए पात्रता के अनुसार आवेदक की आयु 30 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए तथा संबंधित कार्य में कम से कम 10 वर्ष का अनुभव होना अनिवार्य है। कार्यक्रम के दौरान पात्र लाभार्थियों के आवेदन पत्र जमा किए गए तथा उपस्थित सदस्यों को योजना की पात्रता, आवश्यक दस्तावेजों एवं प्रशिक्षण संबंधी जानकारी प्रदान की गई।
विज्ञापन
इस अवसर पर चेयरमैन बक्शीराम सैनी ने कहा कि यह योजना पारंपरिक हुनर को संरक्षित करने और अनुभवी कारीगरों के कौशल को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। प्रदीप फोगाट ने स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए कौशल विकास एवं स्वरोजगार के अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।
विज्ञापन
यह योजना विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय, पलवल की ओर से पारंपरिक कौशलों को बढ़ावा देने एवं कुशल कारीगरों को सम्मानित करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत बढ़ईगीरी, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, सिलाई, दरी एवं कालीन बुनाई, ब्यूटी पार्लर तथा अन्य पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगर आवेदन कर सकते हैं।
विज्ञापन
योजना के लिए पात्रता के अनुसार आवेदक की आयु 30 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए तथा संबंधित कार्य में कम से कम 10 वर्ष का अनुभव होना अनिवार्य है। कार्यक्रम के दौरान पात्र लाभार्थियों के आवेदन पत्र जमा किए गए तथा उपस्थित सदस्यों को योजना की पात्रता, आवश्यक दस्तावेजों एवं प्रशिक्षण संबंधी जानकारी प्रदान की गई।
विज्ञापन
इस अवसर पर चेयरमैन बक्शीराम सैनी ने कहा कि यह योजना पारंपरिक हुनर को संरक्षित करने और अनुभवी कारीगरों के कौशल को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। प्रदीप फोगाट ने स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए कौशल विकास एवं स्वरोजगार के अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।