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Charkhi Dadri News: सफल होने के लिए परीक्षाओं के डर पर काबू पाना जरूरी
Sat, 03 Jan 2026 09:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 03 Jan 2026 09:54 PM IST
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चरखी दादरी। छात्र जीवन में प्रत्येक विद्यार्थी को काफी मेहनत करने की जरूरत होती है। हर एक विद्यार्थी के ज्ञान का बौद्धिक स्तर अलग-अलग हो सकता है, लेकिन सफल होने के लिए अपने मन में छिपे परीक्षाओं के डर पर काबू पाना जरूरी है। यह बात गांव खेड़ी बत्तर स्थित शहीद धर्मेश सांगवान राजकीय मिडिल स्कूल परिसर में मुख्य अध्यापिका पूनम बूरा की अध्यक्षता में आयोजित जीवन कौशल विकास शिविर के दौरान बतौर मुख्य अतिथि राजेश डागर व विशिष्ट अतिथि विवेक ने कही। कार्यक्रम के दौरान देश की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले जयंती अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
मंच संचालन कर रहे विज्ञान अध्यापक मास्टर रविंद्र सांगवान बादल व स्टाफ ने उनका स्वागत किया गया। बच्चों ने अतिथियों का स्वागत गीत के माध्यम से अभिनंदन किया। वक्ताओं द्वारा बच्चों को जीवन में सफल होने के लिए मार्गदर्शित करते हुए बताया गया कि वो पाठ्यक्रम को समझने की कोशिश करें न कि रटने की।
मास्टर रविंद्र सांगवान व अतिथियों ने बताया कि तीन जनवरी को भारत की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई जाती है। सावित्रीबाई फुले ने भारत में महिलाओं की शिक्षा के लिए दरवाजे खोले और समाज के वंचित और शोषितों के अधिकारों के लिए पुरजोर लड़ाई लड़ी। इस अवसर पर चित्रकला अध्यापिका राजेश देवी, डीपीई सुरेश, लिपिक अरविन डाला, अनिल रावलधी, शिव कुमार, मंगल देवी, मुकेश देवी आदि मौजूद रहे।
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मंच संचालन कर रहे विज्ञान अध्यापक मास्टर रविंद्र सांगवान बादल व स्टाफ ने उनका स्वागत किया गया। बच्चों ने अतिथियों का स्वागत गीत के माध्यम से अभिनंदन किया। वक्ताओं द्वारा बच्चों को जीवन में सफल होने के लिए मार्गदर्शित करते हुए बताया गया कि वो पाठ्यक्रम को समझने की कोशिश करें न कि रटने की।
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मास्टर रविंद्र सांगवान व अतिथियों ने बताया कि तीन जनवरी को भारत की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई जाती है। सावित्रीबाई फुले ने भारत में महिलाओं की शिक्षा के लिए दरवाजे खोले और समाज के वंचित और शोषितों के अधिकारों के लिए पुरजोर लड़ाई लड़ी। इस अवसर पर चित्रकला अध्यापिका राजेश देवी, डीपीई सुरेश, लिपिक अरविन डाला, अनिल रावलधी, शिव कुमार, मंगल देवी, मुकेश देवी आदि मौजूद रहे।
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