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Charkhi Dadri News: इस बार वन विभाग ने नहीं लगाया सफेदे का एक भी पौधा

Sun, 03 Aug 2025 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sun, 03 Aug 2025 11:43 PM IST
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This time the forest department did not plant a single poplar sapling.
रोहतक रोड पर लगे सफेदा के पेड़।
चरखी दादरी। जिले में लगातार गिरते भूजल स्तर को देखते हुए इस बार मानसून सीजन में वन विभाग ने एक भी सफेदा का पौधा न तो रोपित किया न ही वितरित किया है। अधिकारियों का कहना है कि सफेदा पनपने में अन्य पौधों की अपेक्षा पानी की खपत अधिक होती है। इसके कारण राज्य वनमंत्री की ओर से इस बार सफेदा का रोपण कार्य रुकवाया गया।
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जिले को हरा-भरा बनाने के लिए वन विभाग हर साल विभिन्न प्रजातियों के पौधे तैयार कर रोपित करने के अलावा वितरित करता है। पिछले साल तक की बात करें तो सफेदा प्रजाति के पौधों की संख्या अधिक होती थी, लेकिन, जिले में लगातार घट रहे जलस्तर को रोकने के लिए इस बार वन विभाग ने सफेदा की पौध लगाने से दूरी बना रखी है। वहीं, पिछले साल वन विभाग की ओर से 1.10 लाख सफेदा के पौधे लगाए गए थे। वनस्पति विशेषज्ञों की मानें तो सफेदा का पौधा जल्दी तैयार हो जाता है।
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- प्रतिदिन चाहिए 20 लीटर तक पानी
विशेषज्ञों का कहना है कि एक सफेदा का पेड़ प्रतिदिन 10 से 20 लीटर तक पानी ग्रहण करता है। वहीं, पूरे जीवनकाल में सफेदा को 60,000 लीटर पानी चाहिए। जिले में पहले से लगातार भूमिगत जलस्तर गिरता जा रहा है। इस कारण सफेदा के पौधों पर अंकुश लगाया गया है।
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सफेदे का पौधा अन्य पौधों की अपेक्षा अधिक पानी ग्रहण करता है। लगातार जलस्तर कम होने के कारण फिलहाल सफेदा रोपित करने के अलावा वितरण पर भी रोक है। इस बार जिले में कहीं भी सफेदा के पौधे राेपित नहीं किए गए हैं।

-हेमंत पारिक, जिला रेंज अधिकारी, वन विभाग
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